मेरठ: दलित प्रदर्शन के आरोपी रवि गौतम ने पुलिस बंदी वाहन में आत्महत्या की कोशिश, पुलिस ने समय रहते बचाया; वायरल वीडियो पर भी मचा विवाद
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित युवती ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किए गए रवि गौतम ने पुलिस बंदी वाहन के अंदर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक रवि गौतम ने अपने गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन वाहन में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उन्हें बचा लिया। इसके बाद उन्हें तुरंत चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत सामान्य बताई।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल पहले से ही गर्म है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प तथा उसके बाद सामने आए वायरल वीडियो ने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने महापंचायत आयोजित कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, जिससे मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की अपील की, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने सख्ती दिखाई।
पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था बाधित करने, सरकारी कार्य में अवरोध उत्पन्न करने और माहौल खराब करने की कोशिश की। इसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें रवि गौतम भी शामिल थे।
बंदी वाहन में आत्महत्या का प्रयास
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए जाने के बाद रवि गौतम को बंदी वाहन में बैठाया गया था। इसी दौरान उन्होंने अपने गमछे से फंदा बनाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। वाहन में मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते यह देख लिया और तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उनका फंदा खोल दिया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस रवि गौतम को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति सामान्य बताई और आवश्यक उपचार के बाद उन्हें पुलिस अभिरक्षा में रखा गया।
थप्पड़ वाले वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय पुलिस वाहन के पास एक व्यक्ति को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
रवि गौतम का आरोप है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वही हैं और पुलिस द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। वहीं मेरठ पुलिस ने इस आरोप को स्वीकार नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि अब तक किसी स्वतंत्र आधिकारिक जांच में यह पुष्टि नहीं हुई है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से रवि गौतम ही हैं। इसलिए इस दावे को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
एसएसपी अविनाश पांडेय की सख्ती भी चर्चा में
प्रदर्शन के दौरान मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय स्वयं सड़क पर उतरे और लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की। उन्होंने जाम और अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए लोगों को कानून का पालन करने की चेतावनी दी।
इस दौरान पुलिस ने सड़क खाली कराने के लिए बल प्रयोग भी किया। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिन पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
पुलिस क्या कह रही है?
मेरठ पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी थी। जिन लोगों ने कानून का उल्लंघन किया, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
रवि गौतम द्वारा आत्महत्या के प्रयास की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। साथ ही इस पूरे मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
बंदी वाहन के अंदर आत्महत्या के प्रयास की घटना के बाद पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की लगातार निगरानी और उनके पास मौजूद सामान की बेहतर जांच आवश्यक होती है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए रवि गौतम की जान बचा ली गई और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
मामले की जांच जारी
फिलहाल मेरठ पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, सरकारी कार्य में बाधा, वायरल वीडियो और बंदी वाहन में आत्महत्या के प्रयास सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट दावों और अफवाहों पर भरोसा न करें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद सामने आई घटनाओं ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रही है, तो दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच रवि गौतम द्वारा पुलिस वाहन में आत्महत्या के प्रयास और वायरल थप्पड़ वीडियो ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और संभावित आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।
Ravi Gautam, detained during the protest over the Lalita Gautam murder case in Meerut, allegedly attempted suicide inside a police van, intensifying the controversy surrounding the incident. The case has gained nationwide attention after a viral video appeared to show Meerut SSP Avinash Pandey slapping a detainee during the police action. The protest, police crackdown, suicide attempt, and ongoing investigation have made this one of the most discussed Meerut News stories. Authorities have confirmed the suicide attempt but are still investigating the viral video and other allegations related to the Meerut protest, Dalit protest, Ravi Gautam, and Uttar Pradesh Police action.


















