AIN NEWS 1 गाजियाबाद/मोदीनगर। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। सीकरी खुर्द गांव में निर्माणाधीन मकान का लेंटर डालने के दौरान अचानक शटरिंग ढह गई। इसके चलते निर्माण कार्य में लगे छह मजदूर मलबे और लोहे की सरियों के बीच दब गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी छह लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल मजदूरों का इलाज जारी है।
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। प्रशासन और बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मलबे में फंसे लोगों को निकालने पर ध्यान केंद्रित किया।

लेंटर डालने के दौरान अचानक ढह गई शटरिंग
जानकारी के मुताबिक, हादसा मोदीनगर क्षेत्र के सीकरी खुर्द गांव में कलछीना मार्ग पर एक निर्माणाधीन आवासीय मकान में हुआ। मकान का निर्माण कार्य चल रहा था और पिछले कुछ दिनों से वहां लेंटर के लिए शटरिंग लगाने का काम किया जा रहा था।
शनिवार सुबह भी मजदूर निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक शटरिंग ने भार सहन करना बंद कर दिया और पूरा ढांचा नीचे की ओर ढह गया। लेंटर और निर्माण सामग्री के गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, घटना के समय छह मजदूर मलबे में दब गए थे। लेंटर गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल की ओर दौड़े। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।
ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना देने के साथ ही अपने स्तर पर भी बचाव का प्रयास शुरू कर दिया।
पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम को भी राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया।
निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने के कारण मौके पर भारी मलबा और लोहे की सरियां बिखरी हुई थीं। कई सरिये आपस में उलझे होने के कारण मजदूरों तक पहुंचना आसान नहीं था।
बचाव अभियान के दौरान एनडीआरएफ और अन्य राहतकर्मियों ने सावधानीपूर्वक मलबा हटाया। जहां सरिये रास्ते में बाधा बन रहे थे, वहां गैस कटर की मदद से उन्हें काटा गया। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को एक-एक करके बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती बचाव कार्य में मदद की। पुलिस ने घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित किया, ताकि राहत एवं बचाव दल को काम करने में परेशानी न हो।
काफी मशक्कत के बाद सभी छह लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
उपचार के दौरान एक मजदूर की मौत, पांच घायल
इस हादसे में सबसे दुखद खबर यह रही कि मलबे से निकाले गए छह लोगों में से एक व्यक्ति की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं पांच अन्य मजदूर घायल हो गए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। एक रिपोर्ट में तीन घायलों की स्थिति गंभीर होने की जानकारी दी गई है। सभी घायलों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
हालांकि, मृतक और सभी घायलों के नाम, उनकी उम्र तथा अस्पताल से जारी विस्तृत मेडिकल बुलेटिन की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए पहचान और स्वास्थ्य संबंधी विवरण की पुष्टि संबंधित प्रशासन या अस्पताल से होना जरूरी है।
एक व्यक्ति की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं घायल मजदूरों के परिजन भी उनकी सलामती को लेकर चिंतित हैं।
मकान मालिक और निर्माण कार्य को लेकर सामने आई जानकारी
मीडिया रिपोर्टों में निर्माणाधीन मकान के मालिक का नाम सत्ते कुमार बताया गया है। बताया गया है कि मकान का निर्माण कार्य कराया जा रहा था और वहां शटरिंग लगाने का काम पिछले तीन दिनों से चल रहा था।
एक रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण कार्य में एक दर्जन से अधिक मजदूर लगे हुए थे। हालांकि, हादसे के समय मलबे में दबने वाले मजदूरों की संख्या छह बताई गई है।
यह भी जांच का विषय है कि निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों के लिए किस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और लेंटर डालने के दौरान शटरिंग की मजबूती की तकनीकी जांच की गई थी या नहीं।
आखिर क्यों गिरा लेंटर? जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर निर्माणाधीन मकान का लेंटर अचानक कैसे गिर गया?
निर्माण कार्य के दौरान शटरिंग और उसके सहायक ढांचे की मजबूती बेहद महत्वपूर्ण होती है। लेंटर डालते समय कंक्रीट, सरियों और अन्य निर्माण सामग्री का काफी भार शटरिंग पर पड़ता है। यदि सपोर्ट कमजोर हो, शटरिंग सही तरीके से न लगाई गई हो या भार का संतुलन ठीक न हो, तो पूरा ढांचा ढह सकता है।
हालांकि, मोदीनगर के सीकरी खुर्द गांव में हुई इस घटना के पीछे भी यही कारण था, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे की वास्तविक वजह जानने के लिए निर्माण स्थल की तकनीकी जांच जरूरी है। जांच में शटरिंग की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री, सहायक खंभों की स्थिति और निर्माण के दौरान अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रिया जैसे पहलुओं को देखा जाना चाहिए।
प्रशासनिक कार्रवाई और जवाबदेही पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मकान बनाने के दौरान मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य कराने वाले लोगों की जिम्मेदारी है कि शटरिंग, सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी मानकों का उचित ध्यान रखा जाए।
प्रशासन के सामने अब यह महत्वपूर्ण सवाल है कि हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं और कहीं निर्माण कार्य में लापरवाही तो नहीं बरती गई।
यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का सवाल भी महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल हादसे के कारणों और संभावित जिम्मेदारी को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इसके लिए पुलिस और संबंधित विभागों की जांच तथा आधिकारिक बयान का इंतजार करना होगा।
निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा सबसे जरूरी
मोदीनगर की यह घटना केवल एक निर्माणाधीन मकान में हुआ हादसा नहीं है, बल्कि यह निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की अहमियत भी याद दिलाती है।
लेंटर डालने जैसे काम में शटरिंग की मजबूती, सही तकनीकी निगरानी और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कई परिवारों की जिंदगी प्रभावित कर सकती है।
सीकरी खुर्द गांव में हुए इस हादसे में एक मजदूर की मौत और पांच लोगों के घायल होने की खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। अब सभी की नजर घायलों के स्वास्थ्य और प्रशासन की जांच पर टिकी है।
AIN NEWS 1 की अपील: निर्माण कार्य कराने वाले सभी लोगों को मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
A tragic construction accident occurred in Sikri Khurd village, Modinagar, Ghaziabad, Uttar Pradesh, when the shuttering of an under-construction house collapsed during roof slab work. Six construction workers were reportedly trapped under the debris. Police, fire brigade personnel and NDRF rescue teams launched an emergency operation to rescue the trapped workers. All six were pulled out and taken to hospital, where one worker died during treatment while five others sustained injuries. The Modinagar building collapse has raised serious concerns about construction site safety, shuttering quality, structural support and compliance with building safety standards.



















