नमस्कार,
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जाति जनगणना के सवालों को लेकर पीएम मोदी को लेटर लिखा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक नाबालिग छात्रा की हिजाब में स्कूल आने और क्लास लेने की याचिका खारिज कर दी। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर की रूस में सीक्रेट लैंडिंग के बारे में बताएंगे।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- इंडिया-श्रीलंका के बीच जारी दूसरा टेस्ट कोलंबो में खेला जा रहा है। आज मैच का चौथा दिन है।
कल की बड़ी खबरें:
राहुल-खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, जाति जनगणना के सवालों में बदलाव की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जाति जनगणना से जुड़े सवालों और डेटा जुटाने की प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है। दोनों नेताओं ने कहा कि जातियों की सही संख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आंकड़ा सामने लाने के लिए जनगणना की प्रक्रिया स्पष्ट और एकरूप होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, जाति का नाम पूछने के तरीके में बदलाव जरूरी है, क्योंकि एक ही जाति अलग-अलग नामों या उपजातियों के नाम से दर्ज हो सकती है। इससे जातियों की वास्तविक संख्या का आकलन प्रभावित होने की आशंका है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि जनगणना से पहले राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और आम लोगों से सुझाव लिए जाने चाहिए। कांग्रेस ने जाति जनगणना के सवालों में ‘पिछड़ा वर्ग’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर भी आपत्ति जताई है और कहा है कि इससे देश में ओबीसी आबादी का सही आंकड़ा सामने लाने में मदद मिलनी चाहिए।
प्रमुख बातें
- कांग्रेस ने जाति जनगणना में जातियों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया बदलने की मांग की।
- एक ही जाति के अलग-अलग नामों से दर्ज होने पर आंकड़े प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
- राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनगणना से पहले विशेषज्ञों और राजनीतिक दलों से सुझाव लेने की मांग की।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी, स्कूलों में यूनिफॉर्म के नियम का पालन जरूरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूलों में हिजाब पहनने की अनुमति से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यूनिफॉर्म के नियमों के पालन पर जोर दिया। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा कि स्कूल में निर्धारित यूनिफॉर्म का पालन करना जरूरी है।
मामला एक नाबालिग छात्रा की याचिका से जुड़ा था, जिसमें स्कूल में हिजाब पहनने की अनुमति देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि स्कूल की यूनिफॉर्म सभी छात्रों के लिए समानता और एकरूपता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कोर्ट के मुताबिक, यूनिफॉर्म के नियमों में धार्मिक आधार पर अलग-अलग व्यवस्था करने से स्कूल के वातावरण में भेदभाव की स्थिति पैदा हो सकती है। स्कूल की अपनी पहचान और अनुशासन बनाए रखने के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन आवश्यक है।
प्रमुख बातें
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूलों में निर्धारित यूनिफॉर्म के पालन को जरूरी बताया।
- हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली नाबालिग छात्रा की याचिका खारिज की गई।
- कोर्ट ने कहा कि यूनिफॉर्म से स्कूल में समानता और एकरूपता बनाए रखने में मदद मिलती है।
यूपी में बुजुर्ग महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा, कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों को दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव समेत कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सरकार के अनुसार, योजना के तहत पात्र बुजुर्ग महिलाओं को विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। यात्रा के दौरान उन्हें स्मार्ट कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी में से कोई एक पहचान पत्र दिखाना होगा।
इस योजना के तहत राज्य सरकार पर हर महीने करीब 22.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है। सरकार के मुताबिक, इससे प्रदेश की करीब एक करोड़ बुजुर्ग महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
रक्षाबंधन पर भी मिलेगी सुविधा
योजना की शुरुआत 26 अगस्त से की जा रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर रोडवेज बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी। यह सुविधा 27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक लागू रहने की जानकारी दी गई है।
प्रमुख बातें
- 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं रोडवेज बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।
- पात्र महिलाओं के लिए विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे।
- योजना पर यूपी सरकार को हर महीने करीब 22.50 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
चंपत राय के खिलाफ संतों की बैठक पुलिस ने रोकी, नाराज संतों ने लगाए नारे
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ संतों की प्रस्तावित बैठक को लेकर मंगलवार को विवाद सामने आया। कारसेवकपुरम के पास स्थित ओम आश्रम में होने वाली बैठक को पुलिस ने रोक दिया।
संतों का आरोप है कि बैठक के दौरान पुलिस आश्रम पहुंची और वहां मौजूद लोगों को बाहर निकालकर आश्रम में ताला लगा दिया। इसके बाद नाराज संतों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी की।
संतों की ओर से चंपत राय पर राम मंदिर चढ़ावे की चोरी का आरोप लगाया गया है। इसी मुद्दे को लेकर बैठक आयोजित की जा रही थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि संतों को रोकने से पहले ही वे आश्रम से बाहर निकल गए थे और बाद में नारेबाजी हुई।
घटना के बाद अयोध्या में संतों और पुलिस के बीच विवाद का मामला चर्चा में है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर संतों ने नाराजगी जताई है।
प्रमुख बातें
- चंपत राय के खिलाफ संतों की बैठक ओम आश्रम में प्रस्तावित थी।
- पुलिस ने बैठक को रोक दिया, जिसके बाद संतों ने विरोध और नारेबाजी की।
- संतों ने राम मंदिर चढ़ावे की चोरी का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का घटनाक्रम को लेकर अलग पक्ष है।
ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CDS अनिल चौहान का बड़ा बयान, किराना हिल्स ड्रोन हमले पर उठे सवाल
देश के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी एक अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की ओर से किराना हिल्स क्षेत्र में एक लोटरिंग म्यूनिशन ड्रोन गिराया गया था।
किराना हिल्स पाकिस्तान के सरगोधा क्षेत्र से करीब 10 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। जनरल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान इस इलाके में ड्रोन गिरने के बाद यह सवाल भी उठा कि क्या किराना हिल्स को निशाना बनाया गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की ओर से सरगोधा में कई ‘लोटरिंग मिशन’ भेजे गए थे। इसी वजह से किराना हिल्स के आसपास ड्रोन गिरने की घटना को लेकर चर्चा हुई।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच ड्रोन तथा मिसाइल गतिविधियों को लेकर कई दावे सामने आए थे। पूर्व CDS के बयान से इस घटना से जुड़े कुछ पहलुओं पर फिर चर्चा शुरू हो गई है।
प्रमुख बातें
- पूर्व CDS अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किराना हिल्स में ड्रोन गिरने की जानकारी दी।
- किराना हिल्स पाकिस्तान के सरगोधा क्षेत्र के पास स्थित है।
- इस घटना के बाद यह सवाल उठा था कि क्या किराना हिल्स को निशाना बनाया गया था।
CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ की रूस यात्रा से हलचल, मॉस्को पहुंचने की पहले नहीं थी जानकारी
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रैटक्लिफ अमेरिकी वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से रूस पहुंचे और वहां अधिकारियों के साथ बैठक की।
CIA प्रमुख बनने के बाद रूस की यह उनकी पहली यात्रा बताई जा रही है। खास बात यह है कि रैटक्लिफ की रूस यात्रा को लेकर पहले से कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई थी। अमेरिकी सैन्य विमान के मॉस्को पहुंचने के बाद उनकी यात्रा की जानकारी सामने आई।
रैटक्लिफ की यात्रा ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर बातचीत और कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं। हालांकि उनकी यात्रा का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
रूसी अधिकारियों ने भी इस यात्रा की पहले से कोई सार्वजनिक जानकारी नहीं दी थी। ऐसे में CIA प्रमुख की अचानक मॉस्को यात्रा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है।
प्रमुख बातें
- CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ C-17 ग्लोबमास्टर से मॉस्को पहुंचे।
- CIA प्रमुख बनने के बाद यह उनकी पहली रूस यात्रा बताई जा रही है।
- यात्रा की पहले से सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई थी और बैठक के एजेंडे की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
गूगल ने प्ले स्टोर से हटाए 3 फर्जी लोन ऐप, साइबर शिकायतों के बाद कार्रवाई
गृह मंत्रालय की शिकायत के बाद गूगल ने प्ले स्टोर से तीन संदिग्ध लोन ऐप को हटा दिया है। इनमें होराइजन कैश सर्विस, मनी स्कोर मॉनिटर और जेलीक्रेडिट शामिल हैं। बताया गया है कि इस महीने अब तक ऐसे 9 ऐप को बंद या हटाया जा चुका है।
गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा टीम इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने 19 अगस्त को गूगल को इन ऐप के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस भेजा था। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि ये ऐप कम ब्याज पर तुरंत लोन देने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
लोन देने के बाद कथित तौर पर ग्राहकों से अधिक ब्याज और भारी पेनल्टी वसूली जाती थी। ऐसे मामलों में कई बार उपभोक्ताओं के व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग और परेशान किए जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं।
सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियां ऐसे डिजिटल लोन ऐप के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं, ताकि लोगों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
प्रमुख बातें
- गूगल ने शिकायत के बाद तीन संदिग्ध लोन ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया।
- इस महीने अब तक 9 ऐसे ऐप के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी है।
- इन ऐप पर कम ब्याज पर लोन देने का लालच देकर बाद में अधिक ब्याज और पेनल्टी वसूलने के आरोप हैं।



















