AIN NEWS 1: मुंबई के विले पार्ले वेस्ट इलाके में मंगलवार रात एक रिहायशी इमारत की 11वीं मंजिल पर लगी आग ने अफरा-तफरी मचा दी। हादसे में ढाई साल के बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में मौजूद करीब 15 लोग अपनी जान बचाने के लिए छत पर पहुंच गए और लगभग तीन घंटे तक वहां फंसे रहे। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
यह घटना 11 अगस्त 2026 की रात हुई। आग विले पार्ले वेस्ट में चर्च रोड के पास स्थित शांता भवन में लगी थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग इमारत की 11वीं मंजिल पर स्थित दो फ्लैटों में फैली थी

रात करीब 10 बजे मिली आग की सूचना
मुंबई फायर ब्रिगेड को मंगलवार रात करीब 10:02 बजे आग लगने की सूचना मिली। इसके कुछ मिनट बाद रात 10:08 बजे आग को लेवल-1 घोषित किया गया। हालात को देखते हुए महज आठ मिनट बाद, रात 10:16 बजे इसे लेवल-2 कर दिया गया। इसका मतलब था कि आग अब सामान्य स्तर से बढ़कर गंभीर रूप ले चुकी थी और इसे नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत थी।
आग की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस, एंबुलेंस सेवा, बीएमसी वार्ड स्टाफ और बिजली आपूर्ति से जुड़ी टीमों ने भी राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग किया।
11वीं मंजिल पर लगी आग, धुएं से मचा हड़कंप
बताया गया है कि आग शांता भवन की 11वीं मंजिल पर लगी थी। इमारत बहुमंजिला रिहायशी भवन है और आग ऊपरी मंजिल पर होने के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बन गया।
आग और धुएं के कारण कुछ लोग नीचे निकलने के बजाय इमारत की छत की ओर चले गए। करीब 15 लोग छत पर फंस गए थे। फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई।
ढाई साल के अबीर और 23 साल की अंकिता की मौत
इस हादसे में सबसे दुखद खबर दो लोगों की मौत की रही। नानावटी अस्पताल में छह लोगों को इलाज के लिए लाया गया था। इनमें ढाई साल के अबीर और 23 वर्षीय अंकिता को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया।
इतनी कम उम्र के बच्चे की मौत ने हादसे को और भी दर्दनाक बना दिया। आग के दौरान ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए दमकल कर्मियों ने काफी प्रयास किया, लेकिन दो लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
छह लोगों के घायल होने की जानकारी
अस्पताल पहुंचाए गए लोगों में छह घायलों की जानकारी सामने आई है। नानावटी अस्पताल में भर्ती घायलों में 32 वर्षीय पार्थ, 64 वर्षीय हिरन, 33 वर्षीय यशस्वी और अभिषेक शामिल बताए गए हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार सभी की हालत स्थिर थी और यशस्वी तथा अभिषेक को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या को लेकर अंतर दिखाई दे रहा है। कुछ रिपोर्टों में आठ लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़ा संबंधित प्रशासन और अस्पतालों की विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
करीब 4,000 वर्ग फीट क्षेत्र प्रभावित
रिपोर्टों के मुताबिक, आग ने 11वीं मंजिल के करीब 4,000 वर्ग फीट क्षेत्र को प्रभावित किया। आग दो फ्लैटों तक फैलने की जानकारी भी सामने आई है। ऊंचाई पर आग होने के कारण दमकल कर्मियों को अंदर पहुंचने और आग को नियंत्रित करने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
फायर ब्रिगेड ने लगातार अभियान चलाकर आग को फैलने से रोका। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आग पर करीब रात 12:25 बजे तक काबू पा लिया गया और लगभग रात 1 बजे तक इसे पूरी तरह बुझा दिया गया। इसके बाद भी इमारत में कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया, ताकि किसी हिस्से में दोबारा आग न भड़क सके।
आग लगने की वजह अभी साफ नहीं
फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। अधिकारियों ने कहा है कि आग की वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि आग किस स्थान से शुरू हुई और इतनी तेजी से 11वीं मंजिल पर कैसे फैली।
दमकल और संबंधित एजेंसियां घटनास्थल की जांच कर रही हैं। आग के कारण फ्लैटों और इमारत के अन्य हिस्सों में हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
तीन घंटे तक छत पर फंसे रहे लोग
इस घटना में सबसे मुश्किल स्थिति उन लोगों के सामने आई जो आग और धुएं के कारण नीचे नहीं उतर पाए और छत पर पहुंच गए। करीब 15 लोग लगभग तीन घंटे तक छत पर फंसे रहे। उनके लिए यह समय बेहद डरावना रहा होगा। नीचे आग और धुआं था, जबकि ऊपरी हिस्से में सुरक्षित रास्ता सीमित था।
फायर ब्रिगेड की टीम ने आखिरकार सभी को रेस्क्यू कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान के दौरान लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ आग को और फैलने से रोकने पर भी ध्यान दिया गया।
दमकल टीम ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। पुलिस और बीएमसी की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। एंबुलेंस को भी तैनात किया गया ताकि घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके।
आग पूरी तरह बुझाए जाने के बाद भी दमकल कर्मियों ने कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा। ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाओं में कूलिंग बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि आग बुझने के बाद भी अंदर गर्म हिस्सों में दोबारा आग लगने का खतरा बना रहता है।
हादसे ने फिर उठाए हाईराइज सुरक्षा पर सवाल
विले पार्ले की इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऊपरी मंजिलों पर आग लगने की स्थिति में लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने, सीढ़ियों और फायर एग्जिट की उपलब्धता तथा दमकल टीमों की पहुंच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
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फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत कार्य, घायलों के इलाज और आग के कारणों की जांच पर है। दो लोगों की मौत के बाद इस हादसे की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से लगी और क्या इमारत में सुरक्षा मानकों से जुड़ी कोई कमी थी।
हादसे की मुख्य बातें
आग मंगलवार रात करीब 10 बजे विले पार्ले वेस्ट में लगी।
आग शांता भवन की 11वीं मंजिल पर लगी थी।
आग को पहले लेवल-1 और बाद में लेवल-2 घोषित किया गया।
ढाई साल के अबीर और 23 वर्षीय अंकिता की मौत हुई।
छह लोगों के घायल होने की जानकारी नानावटी अस्पताल से सामने आई।
करीब 15 लोग छत पर फंस गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
आग करीब 12:25 बजे तक नियंत्रण में आ गई और लगभग 1 बजे पूरी तरह बुझा दी गई।
आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है।
नोट: शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़े के लिए मुंबई फायर ब्रिगेड, बीएमसी और अस्पताल की पुष्टि को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
A major Mumbai building fire broke out on the 11th floor of Shanta Bhavan in Vile Parle West on August 11, 2026. The Vile Parle fire claimed the lives of a 2.5-year-old child, Abir, and 23-year-old Ankita, while several others were injured. Around 15 residents were reportedly trapped on the terrace and were later rescued by the Mumbai Fire Brigade. The blaze was classified as Level-1 before being upgraded to Level-2 and was brought under control after an extensive rescue and firefighting operation. The Mumbai building fire is now under investigation, with authorities yet to determine the exact cause of the blaze.



















