AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा शराब के नशे में सड़क पर लेटे हुए पाए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत सख्त कार्रवाई की।
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क्या है पूरा मामला?
घटना सोमवार की है, जब मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की संयुक्त रैली आयोजित की गई थी। यह एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम था, जिसके चलते पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हर जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी और किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही थी।
इसी दौरान फुगाना थाने में तैनात उप-निरीक्षक चौबे सिंह को भी वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाया गया था। लेकिन ड्यूटी निभाने के बजाय उन्होंने शराब पी ली और पूरी तरह नशे में धुत होकर तहसील सदर परिसर के पास सड़क पर गिर पड़े।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दरोगा चौबे सिंह जमीन पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। उनकी हालत इतनी खराब थी कि उन्हें यह तक समझ नहीं आ रहा था कि वे कहां हैं और क्या कर रहे हैं।
वीडियो में एक दिलचस्प और चौंकाने वाला संवाद भी सुनाई देता है। दरोगा अपने साथ मौजूद पुलिसकर्मियों से बार-बार पूछते हैं—
“मुझे ये बताओ, मैं कहां पे खड़ा हूं?”
इस पर एक सिपाही हंसते हुए जवाब देता है—
“तुम खड़े कहां हो, पड़े हो!”
यह संवाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।
वर्दी की हालत भी खराब
वीडियो में यह भी साफ दिखाई देता है कि दरोगा की वर्दी ठीक हालत में नहीं थी। उनकी खाकी शर्ट गायब थी और पैंट भी अस्त-व्यस्त हालत में थी। वे मिट्टी में लोटपोट हो रहे थे, जिससे साफ जाहिर होता है कि वे पूरी तरह नशे में थे।
इस तरह की स्थिति में उनका होना न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय पर हुई जब मुख्यमंत्री खुद जिले में मौजूद थे और सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। ऐसे में एक पुलिस अधिकारी का इस तरह नशे में होना और ड्यूटी से गायब रहना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसी लापरवाही बड़े स्तर पर हो जाए, तो यह वीआईपी सुरक्षा में बड़ी चूक साबित हो सकती है।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, मुजफ्फरनगर पुलिस हरकत में आ गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की।
उप-निरीक्षक चौबे सिंह को अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
मेडिकल जांच में हुई पुष्टि
पुलिस द्वारा दरोगा की मेडिकल जांच भी कराई गई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि उन्होंने शराब का सेवन किया था। यह रिपोर्ट सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई और भी मजबूत हो गई।
विभागीय जांच के आदेश
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) यतेंद्र नागर ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले में विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही कैसे हुई और इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार हैं।
यदि जांच में और भी गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो दरोगा के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उदाहरण
उत्तर प्रदेश पुलिस लंबे समय से ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। इस नीति के तहत किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाता।
इस घटना में भी पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करके यह साफ संदेश दिया है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इसे पुलिस विभाग के लिए शर्मनाक बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे सिस्टम की बड़ी कमजोरी करार दिया।
कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इतनी महत्वपूर्ण ड्यूटी पर तैनात अधिकारी इस तरह की हरकत कैसे कर सकता है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि दरोगा के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। संभव है कि उन्हें सेवा से बर्खास्त भी किया जा सकता है, अगर आरोप गंभीर पाए जाते हैं।
मुजफ्फरनगर की यह घटना न सिर्फ पुलिस विभाग के लिए शर्मनाक है, बल्कि यह पूरे सिस्टम के लिए एक चेतावनी भी है। सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है।
इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह भी जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इसके लिए विभाग को और सख्त निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
A viral video from Muzaffarnagar, Uttar Pradesh shows a drunk sub inspector lying on the road during Chief Minister Yogi Adityanath’s security duty. The incident raised serious concerns about police discipline and security lapses. The UP Police took immediate action by suspending the officer and initiating a departmental inquiry. This case highlights strict enforcement of zero tolerance policy against misconduct in police services.


















