spot_imgspot_img

नेपाल से बिहार तक बाढ़ का कहर, सैकड़ों छात्र लापता; 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, मिडिल ईस्ट में भी बढ़ा तनाव

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: नेपाल से बिहार और मिडिल ईस्ट तक इस समय कई बड़े संकट एक साथ सामने आ रहे हैं। नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। इनमें स्कूली छात्र भी शामिल हैं। दूसरी ओर बिहार में लगातार बारिश और नदियों के उफान ने लाखों लोगों की जिंदगी प्रभावित कर दी है। इसी बीच मिडिल ईस्ट में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच टकराव ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5,000 डॉलर के प्रस्ताव ने भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा छेड़ दी है।

नेपाल में बाढ़ के बाद सैकड़ों छात्र संपर्क से बाहर

नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी से जुड़ी विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। रसुवा और आसपास के कई जिलों में अचानक आई बाढ़ ने घरों, सड़कों, पुलों और शैक्षणिक संस्थानों को भारी नुकसान पहुंचाया।

सबसे चिंता की बात यह है कि बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग अब तक अपने परिवारों और प्रशासन के संपर्क में नहीं आ सके हैं। 4 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार रसुवा और नुवाकोट में करीब 600 छात्र संपर्क से बाहर बताए गए थे। रसुवा में चार और नुवाकोट में आठ स्कूल पूरी तरह तबाह होने की जानकारी भी सामने आई थी।

आपदा के बाद संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कारण लापता लोगों की सही संख्या निर्धारित करना भी प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों में अलग-अलग दिनों पर लापता लोगों की संख्या में बदलाव हुआ है। 3 सितंबर की रिपोर्ट में कुल 4,216 लोगों के लापता होने की बात कही गई थी, जिसमें रसुवा और नुवाकोट के बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

बाढ़ के बाद नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लगातार राहत और खोज अभियान चला रही हैं। कई इलाकों में सड़क और पुल टूट जाने के कारण राहत दलों को पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

इस आपदा ने यह भी दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ कितनी तेजी से बड़े क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन के सामने अब एक तरफ राहत पहुंचाने की चुनौती है तो दूसरी तरफ लापता लोगों की तलाश और उनकी पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।

बिहार में 41.45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

नेपाल के बाद बिहार में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण बिहार की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य के 14 जिलों में करीब 41.45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का असर 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों तक पहुंचा है।

प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। कई इलाकों में लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर दर्ज किया गया, जो अगस्त 2021 में दर्ज 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से भी ऊपर था।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराना तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्य चलाना है।

मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, सऊदी अरब पर हूतियों का हमला

बाढ़ की खबरों के बीच मिडिल ईस्ट में भी हालात तेजी से बदल रहे हैं। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 8 सितंबर को सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए।

रिपोर्टों के अनुसार हमलों में ऊर्जा और तेल से जुड़े प्रतिष्ठानों के अलावा सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। जाजान क्षेत्र में तेल और गैस से जुड़े ढांचे को नुकसान पहुंचने तथा आग लगने की खबर सामने आई। हमलों में कई लोग घायल हुए हैं।

( देखें video)दारोगा के ‘इतनी फोर्स मंगवाऊंगा, ठंडा कर दूंगा’ वाले वीडियो से मचा हंगामा, DDU में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद

इन हमलों के बाद सऊदी अरब ने यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की। इस घटनाक्रम ने पहले से तनावपूर्ण मिडिल ईस्ट की स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

इस संघर्ष का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं है। तेल के उत्पादन और आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी दबाव देखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई थी।

अगर क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तथा तेल आपूर्ति बाधित होती है तो इसका असर दुनिया के दूसरे देशों की अर्थव्यवस्थाओं और ईंधन की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

ट्रंप का बड़ा ऐलान, हर वयस्क अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने का दावा

इसी बीच अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा ऐलान किया है जिसने अमेरिकी राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।

ट्रंप ने 9 सितंबर को डलास में रिपब्लिकन पार्टी के एक सम्मेलन में कहा कि यदि नवंबर के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर नियंत्रण बनाए रखती है, तो वह हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर का “डिविडेंड” देने की योजना लाएंगे।

भारतीय मुद्रा में 5,000 डॉलर की कीमत लगभग 4.2 लाख रुपये के आसपास बैठती है, हालांकि वास्तविक राशि विनिमय दर के अनुसार बदल सकती है।

ट्रंप ने इस भुगतान को अमेरिका की आर्थिक सफलता से जोड़ते हुए कहा कि यह एक सफल कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को दिए जाने वाले लाभांश जैसा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस रकम को अमेरिका के भीतर खर्च किया जाना चाहिए।

हालांकि इस घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम के भुगतान के लिए पैसा कहां से आएगा और इसे लागू करने के लिए किस तरह की कानूनी तथा संसदीय प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ट्रंप ने घोषणा के दौरान इसके वित्तपोषण या भुगतान की विस्तृत योजना सार्वजनिक नहीं की है।

इसलिए फिलहाल इसे लागू हो चुकी सरकारी योजना नहीं, बल्कि ट्रंप की चुनावी घोषणा और प्रस्ताव के तौर पर देखना चाहिए।

वंदे मातरम विवाद में राहुल गांधी पर नितिन नवीन का हमला

भारत में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज है। वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के बीच बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक कार्यक्रम के दौरान नितिन नवीन ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए “राहुल मियां” शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि राहुल गांधी वंदे मातरम के महत्व को नहीं समझ सकते। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी चल रही है। बीजेपी जहां इसे राष्ट्रीय भावना और सम्मान से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर अलग राजनीतिक रुख देखने को मिल रहा है।

नितिन नवीन के बयान में इस्तेमाल किए गए “राहुल मियां” संबोधन को लेकर भी सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।

एक साथ कई मोर्चों पर चुनौती

नेपाल की प्राकृतिक आपदा, बिहार की बाढ़, मिडिल ईस्ट में बढ़ता सैन्य तनाव और अमेरिका की नई राजनीतिक घोषणा—इन सभी घटनाओं का असर अलग-अलग स्तर पर दिखाई दे रहा है।

नेपाल में सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। बिहार में लाखों लोगों को बाढ़ से सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की चुनौती है। वहीं मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

इन घटनाओं के बीच आने वाले दिनों में मौसम, राहत अभियान, नेपाल में लापता लोगों की तलाश, बिहार के नदी जलस्तर और मिडिल ईस्ट में सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

AIN NEWS 1 इन सभी घटनाक्रमों से जुड़ी ताजा और महत्वपूर्ण अपडेट पर नजर बनाए हुए है। जैसे-जैसे संबंधित प्रशासन और विश्वसनीय एजेंसियों से नए आंकड़े सामने आएंगे, स्थिति की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

The latest Nepal flood update highlights the continuing search for missing students and residents after the devastating August 26 Bhotekoshi flood in Rasuwa and Nuwakot. In India, Bihar flood conditions have affected more than 41.45 lakh people across 14 districts, with several major rivers flowing above danger levels. Meanwhile, Middle East tensions have intensified following Houthi drone and missile attacks on Saudi energy infrastructure. In the United States, Donald Trump has proposed a $5,000 dividend for adult citizens if Republicans retain control of both chambers of Congress. India is also witnessing a political controversy over Vande Mataram following Nitin Nabin’s remarks about Rahul Gandhi.

spot_img
spot_imgspot_img
Pawan Chaudhary
Pawan Chaudhary
पवन चौधरी एक सक्रिय पत्रकार एवं समाचार लेखक हैं, जो जनहित से जुड़े मुद्दों, स्थानीय घटनाक्रम और सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता से अपनी पत्रकारिता में स्थान देते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के माध्यम से पवन चौधरी आम लोगों की समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय घटनाओं को सामने लाने का प्रयास करते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाना और महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों की आवाज बनाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
30.7 ° C
30.7 °
30.7 °
48%
3.1m/s
0%
Fri
35 °
Sat
37 °
Sun
38 °
Mon
38 °
Tue
38 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related