भांगार बम धमाका मामला: NIA का बड़ा एक्शन, तीसरा आरोपी गिरफ्तार, 8 ठिकानों पर छापेमारी
AIN NEWS 1: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगार क्षेत्र में हुए चर्चित बम धमाका मामले की जांच अब और तेज हो गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए राज्य के विभिन्न इलाकों में आठ ठिकानों पर छापेमारी की और मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तार व्यक्ति का नाम सायनुर मोल्ला (Sainur Molla) है, जो उस स्कॉर्पियो वाहन का चालक था जिसका इस्तेमाल धमाके में घायल और मृत बम निर्माताओं को घटनास्थल से हटाने के लिए किया गया था।

इस कार्रवाई को मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। NIA का दावा है कि आरोपी न केवल घटना के बाद सबूत मिटाने की कोशिशों में शामिल था, बल्कि उसने धमाके के बाद घायल और मृत व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी भूमिका निभाई थी।
क्या है पूरा मामला?
भांगार के दक्षिण बामुनिया गांव में मार्च 2026 में एक भीषण विस्फोट हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया कि कुछ लोग विधानसभा चुनावों से पहले कथित तौर पर देसी बम तैयार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन विस्फोटक सामग्री, संभावित साजिश और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने जांच NIA को सौंप दी। जांच एजेंसी ने मामला अपने हाथ में लेकर विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की।
NIA की शुरुआती जांच में सामने आया कि विस्फोट कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री तैयार की जा रही थी। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि इन बमों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी क्यों महत्वपूर्ण?
NIA के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सायनुर मोल्ला विस्फोट के बाद घटनास्थल पर सक्रिय था। जांच में पता चला है कि धमाके में घायल लोगों और मृतक को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था। बाद में उन्हें दूसरे स्थान पर पहुंचाया गया और फिर एंबुलेंस के जरिए आगे भेजा गया।
एजेंसी का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में स्कॉर्पियो वाहन का उपयोग किया गया था और उसका चालक सायनुर मोल्ला ही था। जांचकर्ताओं का मानना है कि आरोपी को घटना की पूरी जानकारी थी और वह विस्फोट के बाद की गतिविधियों में शामिल रहा।
इससे पहले मामले में एंबुलेंस चालक को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। अब तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी से NIA को साजिश की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
8 ठिकानों पर NIA की बड़ी छापेमारी
गिरफ्तारी के साथ-साथ NIA ने पश्चिम बंगाल में आठ अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इन ठिकानों में मुख्य आरोपियों और संदिग्धों के घर, ठिकाने और उनसे जुड़े परिसरों को शामिल किया गया।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने उन स्थानों पर भी छापेमारी की जो फरार आरोपियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है।
NIA ने जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। एजेंसी को उम्मीद है कि इनसे साजिश के पीछे मौजूद नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी मिल सकती है।
पूर्व विधायक के ठिकानों पर भी जांच
जांच के दौरान एजेंसी ने उन परिसरों की भी तलाशी ली जिनका संबंध पूर्व विधायक शौकत मोल्ला से बताया जा रहा है। NIA उन्हें मामले का एक महत्वपूर्ण संदिग्ध और संभावित साजिशकर्ता मानकर जांच कर रही है।
हालांकि अभी तक उनके खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन एजेंसी उनके कथित संबंधों और मामले में संभावित भूमिका की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान उनके परिवार और सहयोगियों से भी पूछताछ की गई।
NIA का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में इससे पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में कुछ ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जिनकी भूमिका बम तैयार करने, सबूत मिटाने और घटना के बाद आरोपियों की मदद करने में सामने आई है।
NIA की जांच में यह भी पता चला है कि विस्फोट के बाद कुछ लोगों ने घटना को छिपाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। इसी कारण एजेंसी लगातार नए सबूत जुटाने और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।
चुनावी माहौल में बढ़ी थी चिंता
भांगार क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। विस्फोट उस समय हुआ था जब राज्य में विधानसभा चुनावों का माहौल था। ऐसे में बड़ी मात्रा में बम बनाने की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं।
बाद में विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में देसी बम और विस्फोटक सामग्री बरामद होने की घटनाओं ने भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने मामले को NIA को सौंपने का फैसला लिया था।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और कई संदिग्धों की तलाश की जा रही है। एजेंसी फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
जांचकर्ताओं का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई नए खुलासे हो सकते हैं। इसके आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
आगे क्या?
भांगार बम धमाका मामला अब पश्चिम बंगाल के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी और आठ ठिकानों पर हुई छापेमारी ने यह संकेत दिया है कि NIA मामले की तह तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रही है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एजेंसी जल्द ही साजिश के पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है। फिलहाल सभी की नजरें NIA की अगली कार्रवाई और इस मामले में होने वाले नए खुलासों पर टिकी हुई हैं।
The National Investigation Agency (NIA) has intensified its probe into the Bhangar Bomb Blast Case in West Bengal by arresting a third accused, identified as Scorpio driver Sainur Molla, and conducting raids at eight locations across the state. The investigation relates to a deadly explosion that occurred during the alleged manufacturing of crude bombs ahead of the West Bengal Assembly elections. NIA officials have seized digital evidence, electronic devices, and crucial documents while continuing to investigate the wider conspiracy, the role of key suspects, and possible links to organized networks involved in the Bhangar explosion case. This latest development marks a significant step in uncovering the full extent of the bomb blast conspiracy in South 24 Parganas


















