AIN NEWS 1: पुणे में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राहुल गांधी आज, 22 अगस्त को पुणे पहुंच रहे हैं। उनके कार्यक्रम से ठीक पहले शुक्रवार रात COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल परिसर में NSUI और ABVP से जुड़े छात्रों के बीच विवाद ने झड़प का रूप ले लिया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। अलग-अलग रिपोर्टों में दो लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। दोनों छात्र संगठनों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं।
COEP हॉस्टल में कैसे शुरू हुआ विवाद?
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से एक दिन पहले COEP हॉस्टल परिसर में NSUI और ABVP से जुड़े लोगों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचना पड़ा।

NSUI की ओर से आरोप लगाया गया कि कुछ छात्राओं को राहुल गांधी के कार्यक्रम में समर्थन या भागीदारी को लेकर धमकाया गया। दूसरी ओर ABVP की ओर से आरोप लगाया गया कि कांग्रेस से जुड़े लोगों ने छात्रों पर कार्यक्रम में शामिल होने का दबाव बनाया। यानी विवाद की वजह को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार समेत अन्य स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की और परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।
आज पुणे में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे के SSPMS कॉलेज ग्राउंड, RTO चौक के पास आयोजित किया जाना है। कार्यक्रम का फोकस विशेष रूप से छात्राओं से जुड़े मुद्दों पर है। इसमें शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, समानता, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के अवसर जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।
पुलिस के अनुसार कार्यक्रम में करीब 8,000 से 10,000 लोगों के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम का निर्धारित समय शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक बताया गया है।
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम कर रहे हैं। पुणे का यह कार्यक्रम भी उसी अभियान की अगली कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस ने रखीं 30 शर्तें
राहुल गांधी के कार्यक्रम को पुणे पुलिस ने अनुमति तो दी है, लेकिन इसके साथ 30 शर्तें भी लगाई गई हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह के विवाद या अप्रिय घटना को रोकना है।
पुलिस की प्रमुख शर्तों में शामिल हैं:
कार्यक्रम स्थल पर आपत्तिजनक तस्वीर, पोस्टर या बैनर लगाने की अनुमति नहीं होगी।
किसी भी धर्म या धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री या गतिविधि नहीं होनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति के लिए आयोजकों को जिम्मेदार माना जाएगा।
पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग आवश्यक व्यवस्थाएं करनी होंगी।
पर्याप्त संख्या में प्रवेश और निकास द्वार रखने होंगे।
पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
आग से बचाव के लिए जरूरी अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने होंगे।
पार्किंग की उचित व्यवस्था करनी होगी।
निजी सुरक्षा गार्ड तैनात करने होंगे, जिनमें महिला सुरक्षा कर्मी भी शामिल होंगी।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक लगाए जाएंगे।
आयोजन स्थल पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और उन्हें लगातार चालू रखना होगा।
कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन से फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस, मेडिकल और फायर ब्रिगेड के लिए आपातकालीन रास्ता हमेशा खुला रखना होगा।
ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
कार्यक्रम की अनुमति यातायात विभाग की NOC समेत संबंधित मंजूरियों के अधीन है।
यदि आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली अवैध गतिविधि होती है, तो अनुमति रद्द की जा सकती है।
पुणे में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
COEP में हुई झड़प के बाद राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुणे पुलिस ने शहर में भीड़ और सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती है। रिपोर्टों के अनुसार पुणे शहर में 31 अगस्त तक कुछ प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू किए गए हैं।
कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश, निकास, पार्किंग, सुरक्षा जांच और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जाने हैं। आयोजकों को भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी और स्वयंसेवक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
NSUI और ABVP के बीच तनाव क्यों अहम?
COEP की घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम से ठीक पहले हुई है। एक तरफ कांग्रेस और NSUI इसे छात्रों की आवाज और लोकतांत्रिक भागीदारी से जोड़ रहे हैं, वहीं ABVP की ओर से कार्यक्रम और उसके आयोजन को लेकर आपत्तियां सामने आई हैं।
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फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। दोनों छात्र संगठनों के आरोपों की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और इसमें किसकी भूमिका थी।
आज के कार्यक्रम पर सबकी नजर
पुणे में राहुल गांधी का कार्यक्रम अब केवल एक छात्र संवाद तक सीमित नहीं रह गया है। कार्यक्रम से पहले COEP में हुई झड़प और पुलिस की 30 शर्तों ने इसे राजनीतिक रूप से भी चर्चा में ला दिया है।
राहुल गांधी आज छात्राओं से शिक्षा, सुरक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े सवालों पर संवाद करेंगे। वहीं पुलिस की कोशिश होगी कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह का विवाद न हो और बड़ी संख्या में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
COEP की घटना के बाद आज के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था किस स्तर की रहती है और राहुल गांधी छात्रों के सामने किन मुद्दों को उठाते हैं, इस पर पूरे देश की नजर रहेगी।
नोट: COEP में हुई झड़प को लेकर NSUI और ABVP दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। इसलिए आरोपों को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि संबंधित पक्षों के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
Rahul Gandhi’s Chhatron Ki Goonj event in Pune is drawing attention after an NSUI and ABVP clash at COEP Technological University ahead of the programme. Pune Police have granted permission with 30 conditions, including restrictions on objectionable banners, religiously sensitive material, drones and noise levels, along with mandatory CCTV, security guards, women volunteers, emergency access and crowd-management arrangements. The event will focus on female students and issues including education, safety, equality, competitive examinations and career opportunities.



















