spot_imgspot_img

राजगढ़ के युवक ने YouTube से सीखी कोडिंग, ऐप बनाकर पायरेसी का आरोप; दो साल में 20 लाख की कमाई

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के एक छोटे से गांव से सामने आया पायरेसी का मामला इन दिनों चर्चा में है। बावड़ीखेड़ा गांव के रहने वाले 12वीं पास युवक प्रेमसिंह गुर्जर पर आरोप है कि उसने YouTube पर कोडिंग सीखकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया, जहां बड़ी संख्या में प्रीमियम और लाइव टीवी चैनल उपलब्ध कराए जा रहे थे। क्राइम ब्रांच इंदौर की जांच के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर ‘ZEE FLIX’ नाम से यह प्लेटफॉर्म तैयार किया था।

पुलिस का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म पर 1,000 से अधिक प्रीमियम चैनल और 50 से ज्यादा लाइव चैनल उपलब्ध कराए जा रहे थे। इन चैनलों में ऐसा कंटेंट भी शामिल था, जिसे देखने के लिए सामान्य तौर पर दर्शकों को अधिकृत प्लेटफॉर्म की सदस्यता लेनी पड़ती है। पुलिस के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर मासिक और वार्षिक सब्सक्रिप्शन की व्यवस्था भी थी।

छोटे गांव से शुरू हुई डिजिटल कहानी

इस मामले की सबसे खास बात यह है कि आरोपी ने किसी बड़े तकनीकी संस्थान से कंप्यूटर प्रोग्रामिंग या ऐप डेवलपमेंट की औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, प्रेमसिंह ने इंटरनेट और YouTube पर उपलब्ध कोडिंग ट्यूटोरियल देखकर वेबसाइट और ऐप बनाने की जानकारी हासिल की।

धीरे-धीरे उसने इस तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल अपना प्लेटफॉर्म तैयार करने में किया। शुरुआत में यह एक छोटा प्रयोग रहा होगा, लेकिन समय के साथ प्लेटफॉर्म का दायरा बढ़ता गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में अकेले प्रेमसिंह की भूमिका थी या उसके साथ दूसरे लोग भी जुड़े हुए थे।

लॉकडाउन के बाद बढ़ी गतिविधियां

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, प्रेमसिंह वर्ष 2020 के कोरोना लॉकडाउन के बाद से इस गतिविधि में सक्रिय था। 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह फार्मेसी का कोर्स भी कर रहा था। इसी दौरान डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में उसकी रुचि बढ़ी।

बताया जा रहा है कि उसने इंटरनेट पर उपलब्ध वीडियो और ट्यूटोरियल के माध्यम से प्रोग्रामिंग की बुनियादी जानकारी हासिल की। इसके बाद उसने वेबसाइट और ऐप तैयार करने की दिशा में काम शुरू किया। जांच एजेंसी के अनुसार, समय के साथ उसके प्लेटफॉर्म पर यूजर्स और सब्सक्राइबर बढ़ते गए।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पिछले करीब दो वर्षों के दौरान 20 लाख रुपये से अधिक की कमाई का अनुमान सामने आया है। हालांकि, अंतिम रकम और आय के स्रोतों की पुष्टि बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच के बाद ही हो सकेगी।

1,000 से ज्यादा प्रीमियम चैनल होने का दावा

जांच में सामने आया है कि कथित ZEE FLIX प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में प्रीमियम चैनल उपलब्ध कराए जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, यहां 1,000 से अधिक प्रीमियम चैनल और 50 से ज्यादा लाइव चैनल बताए गए हैं।

आरोप है कि इन चैनलों के कंटेंट को अधिकृत तरीके से वितरित करने के बजाय प्लेटफॉर्म के माध्यम से यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा था। यही वजह है कि मामला कॉपीराइट और डिजिटल पायरेसी से जुड़ी जांच के दायरे में आया।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ZEE Entertainment का आधिकारिक Zee-Flix नाम का चैनल भी रहा है। इसलिए इस मामले में आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘ZEE FLIX’ नाम और अधिकृत Zee ब्रांड के बीच किसी भी समानता को लेकर भ्रम से बचना जरूरी है।

सब्सक्रिप्शन से होती थी कमाई?

पुलिस के अनुसार, आरोपी द्वारा बनाए गए कथित प्लेटफॉर्म पर मंथली और ईयरली सब्सक्रिप्शन की व्यवस्था थी। यानी यूजर्स एक निश्चित शुल्क देकर प्लेटफॉर्म की सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते थे।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितने लोग इस प्लेटफॉर्म के ग्राहक थे और उनसे कितनी रकम वसूली गई। इसके लिए बैंक खातों के अलावा ऑनलाइन पेमेंट, डिजिटल वॉलेट और दूसरे संभावित भुगतान माध्यमों की भी जांच की जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि पायरेसी से होने वाली कमाई का सही आंकड़ा वित्तीय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

लग्जरी कारों और संपत्ति पर भी नजर

क्राइम ब्रांच की जांच केवल ऐप और वेबसाइट तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपी की आर्थिक स्थिति और कथित कमाई से खरीदी गई संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, प्रेमसिंह ने कथित कमाई से लग्जरी कारें खरीदीं। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन वाहनों और अन्य संपत्तियों के लिए रकम कहां से आई।

इसके अलावा आरोपी के बैंक खातों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए लेन-देन की भी जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य व्यक्ति या संस्था के साथ वित्तीय कनेक्शन मिलता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

क्राइम ब्रांच की रिमांड पर आरोपी

फिलहाल प्रेमसिंह गुर्जर क्राइम ब्रांच इंदौर की रिमांड पर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसकी रिमांड 24 अगस्त तक है। इस दौरान पुलिस उससे प्लेटफॉर्म के तकनीकी ढांचे, सर्वर, पेमेंट सिस्टम, ग्राहकों, कंटेंट के स्रोत और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।

एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश दंडोतिया के मुताबिक, आरोपी लॉकडाउन के बाद से यह काम कर रहा था और प्रारंभिक जांच में दो साल के भीतर 20 लाख रुपये से अधिक की कमाई की बात सामने आई है। पुलिस ने उसके बैंक खातों और संपत्ति की भी जांच करने की बात कही है।

जांच में आगे क्या सामने आ सकता है?

अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कथित प्लेटफॉर्म का संचालन किस तकनीकी व्यवस्था के जरिए किया जा रहा था और इसमें कितने लोग शामिल थे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रीमियम कंटेंट प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचता था और उसे आगे यूजर्स तक किस तरीके से उपलब्ध कराया जाता था।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि कथित कमाई का वास्तविक आंकड़ा कितना है और उससे कितनी संपत्ति खरीदी गई। यदि दूसरे राज्यों या विदेशों से जुड़े तकनीकी अथवा वित्तीय कनेक्शन सामने आते हैं तो जांच का दायरा बढ़ सकता है।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। इसलिए 20 लाख रुपये की कमाई, चैनलों की संख्या और नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े आंकड़ों को प्रारंभिक जांच के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अदालत में आरोपों की पुष्टि होने तक आरोपी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

Morning News Brief: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह आतंकी कैंप फिर तैयार; राजस्थान में CJP कार्यकर्ता पर हमला; इमरान के लिए 21 पूर्व कप्तानों की चिट्ठी

पायरेसी पर बड़ा सवाल

यह मामला केवल एक युवक की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि इंटरनेट पर उपलब्ध तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल किस तरह सकारात्मक या गलत दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। एक छोटे गांव का युवक YouTube ट्यूटोरियल देखकर ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने की क्षमता हासिल कर सकता है, लेकिन उसी तकनीक का इस्तेमाल यदि कॉपीराइट वाले कंटेंट के अनधिकृत वितरण में किया जाता है तो वह कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है।

आने वाले दिनों में क्राइम ब्रांच की जांच से यह साफ होने की उम्मीद है कि कथित ZEE FLIX नेटवर्क कितना बड़ा था, इससे कितने लोग जुड़े थे और इससे वास्तविक तौर पर कितनी कमाई हुई। फिलहाल आरोपी 24 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर है और जांच एजेंसी उसके डिजिटल तथा वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

The Rajgarh ZEE Flix App Piracy Case has drawn attention after Crime Branch Indore allegedly arrested 12th-pass youth Prem Singh Gurjar for operating a piracy platform offering more than 1,000 premium channels and over 50 live channels. According to the preliminary investigation, the accused learned coding through YouTube tutorials, developed the platform and allegedly earned more than Rs 20 lakh in two years. Police are investigating the alleged piracy network, subscription payments, bank transactions, luxury cars and other assets.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
heavy intensity rain
25 ° C
25 °
24.1 °
100 %
7.7kmh
100 %
Mon
29 °
Tue
34 °
Wed
41 °
Thu
41 °
Fri
40 °
Video thumbnail
यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर पर बिना टिकट ट्रेन में सफर करने का आरोप, TTE से बहस का वीडियो वायरल
01:38
Video thumbnail
बाराबंकी में यूपी पुलिस के सिपाही का वीडियो वायरल
00:30
Video thumbnail
मध्य प्रदेश के गुना में रिफाइंड तेल से भरा टैंकर पलटा, तेल लूटने के लिए मची होड़
00:22
Video thumbnail
सावन में 'मछली भोज' को लेकर घिरी कांग्रेस
00:25
Video thumbnail
ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फिल्मी अंदाज में , वीडियो वायरल
00:29
Video thumbnail
यूपी के पेट्रोल पंप पर डीजल में पानी मिलने का दावा, ट्रक ड्राइवर ने टैंक खोलकर दिखाया मामला
01:07
Video thumbnail
मेरठ में 2400 किलो मिलावटी मावा जब्त, करीब ₹6 लाख का नकली मावा JCB से कराया गया नष्ट
00:14
Video thumbnail
Kangana Ranaut की ‘मेरी जवानी…’ वाले बयान पर Baba Ramdev का पलटवार; दिया करारा जवाब!
06:33
Video thumbnail
रेलवे की चादर लेकर बाजार में घूमते दिखे लोग, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
00:21
Video thumbnail
Delhi Bhalswa Dairy Viral Video Police Attacked
00:08

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related