spot_imgspot_img

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: रिमांड की तैयारी, शंकराचार्य के तीखे बयान से सियासत गरम, ट्रस्ट और जांच पर उठे कई सवाल!

spot_img

Date:

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: रिमांड, सियासी बयान, ट्रस्ट की कार्रवाई और जांच की पूरी कहानी

AIN NEWS 1: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की कथित चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस की जांच, राजनीतिक बयानबाजी, धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया और ट्रस्ट की प्रशासनिक गतिविधियों के बीच यह मामला अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है। एक ओर पुलिस मुख्य आरोपियों से पूछताछ तेज करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर मंदिर की व्यवस्था और दान प्रबंधन को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी पुलिस

चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव को सोमवार को फैजाबाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस दोनों आरोपियों की रिमांड लेने की तैयारी कर रही है ताकि चोरी के पूरे नेटवर्क, रकम के लेन-देन और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।

जांच एजेंसियों का मानना है कि रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे मामले की परतें खुलने की संभावना है।

गोरखपुर में पोस्टर लगाने पर सपा नेता समेत तीन गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर गोरखपुर में लगाए गए विवादित पोस्टरों के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के नेता अरविंद शुक्ला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

पोस्टरों में मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां लिखी गई थीं। इनमें श्रद्धालुओं के दान और मंदिर में हुई कथित चोरी को लेकर सवाल उठाए गए थे। पुलिस का कहना है कि पोस्टर लगाने की घटना की जांच के बाद कार्रवाई की गई है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान

इस पूरे मामले के बीच ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह “राम मंदिर नहीं बल्कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यालय” जैसा प्रतीत होता है। उनका कहना था कि जब मंदिर पूरी तरह स्वतंत्र धार्मिक व्यवस्था के तहत संचालित होगा, तभी वे वहां दर्शन करने जाएंगे।

शंकराचार्य ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब ट्रस्ट का गठन सरकार ने किया है और जांच के लिए बनाई गई एसआईटी भी सरकारी व्यवस्था का हिस्सा है, तब निष्पक्ष जांच को लेकर लोगों के मन में स्वाभाविक प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में केवल लीपापोती नहीं बल्कि पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

चोरी कैसे होती थी? जांच में सामने आया पूरा सिस्टम

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार मंदिर परिसर में मौजूद 54 दानपात्रों की दो-दो चाबियां रखी जाती थीं।

एक चाबी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकृत अधिकारी के पास रहती थी, जबकि दूसरी चाबी आरोपी टिन्नू यादव के पास होने की बात सामने आई है।

प्रतिदिन दोपहर में दानपात्र खोले जाते थे। इसके लिए पहले गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव आरोपी पक्ष से संपर्क करते थे। इसके बाद टिन्नू यादव या उसका रिश्तेदार बलराम यादव चाबी लेकर पहुंचता था।

दोनों चाबियों से दानपात्र खोले जाने के बाद नकदी को छह बड़े लोहे के बक्सों में रखा जाता था। इन बक्सों पर बैंक और ट्रस्ट के अलग-अलग ताले लगाए जाते थे तथा सील पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर होते थे।

इसके बाद बक्सों को विशेष वाहन से काउंटिंग रूम पहुंचाया जाता था, जहां लगभग 44 कर्मचारी दो शिफ्टों में नकदी की गिनती करते थे।

जांच में मिली कई प्रशासनिक कमियां

एसआईटी की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि दान की गिनती और जमा करने की प्रक्रिया में कई स्तरों पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।

बताया जा रहा है कि कर्मचारियों की तलाशी, ड्रेस कोड, बायोमेट्रिक उपस्थिति और निगरानी से जुड़े कई नियम समय के साथ कमजोर कर दिए गए थे, जिससे गड़बड़ियों की संभावना बढ़ गई।

डॉ. अनिल मिश्रा पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका भी चर्चा में आ गई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार मंदिर में आने वाले दान की निगरानी, गिनती और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया की जिम्मेदारी उनके कार्यक्षेत्र में आती थी।

उन पर लगाए जा रहे प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं—

दान प्रबंधन की निगरानी की जिम्मेदारी।

नकदी की गिनती संबंधी नियमों के अनुपालन की देखरेख।

बैंक के साथ समन्वय।

गिनती प्रक्रिया में लागू कुछ नियमों में बदलाव।

कर्मचारियों की सुरक्षा जांच और नियंत्रण संबंधी व्यवस्थाओं को कमजोर किए जाने के आरोप।

हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है और जांच जारी है। एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई तक सौंप सकती है।

सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है।

याचिकाओं में मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने, एसआईटी की कार्यवाही की समीक्षा करने तथा मंदिर में दान प्रबंधन व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद इस मामले में आगे की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।

ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।

योग्यता के लिए निर्धारित प्रमुख शर्तें—

किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक।

प्रशासन या वित्तीय प्रबंधन में कम से कम 20 वर्ष का अनुभव।

हिंदू धर्म का अनुयायी होना।

नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी।

वेतन, आवास और अन्य सुविधाएं ट्रस्ट उपलब्ध कराएगा।

100 पुजारियों की भर्ती का प्रस्ताव फिर चर्चा में

राम मंदिर परिसर में नियमित पूजा-अर्चना और बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए ट्रस्ट अब पुजारियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है।

पहले 100 पुजारियों की भर्ती का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन फिलहाल लगभग 20 पुजारी ही सेवाएं दे रहे हैं। पात्रता संबंधी कड़े मानकों के कारण भर्ती प्रक्रिया लंबित रही।

22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

मंत्री संजय निषाद की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कहा कि किसी मंदिर में चोरी होने से मंदिर की पवित्रता समाप्त नहीं होती।

उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को उनके अपराध के अनुरूप सजा मिलनी चाहिए।

आगे क्या?

अब इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम एक साथ होने वाले हैं। पुलिस आरोपियों की रिमांड मांग सकती है, एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी और राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक भी आयोजित की जाएगी। इन सभी घटनाओं के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी के मामले में किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है और मंदिर की दान प्रबंधन व्यवस्था में भविष्य में क्या बदलाव किए जाएंगे।

फिलहाल यह मामला केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मंदिर प्रशासन, पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन चुका है। देशभर की नजरें अब जांच एजेंसियों, न्यायालय और ट्रस्ट की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

The Ram Mandir donation theft case has become one of the most discussed issues in India, drawing attention to the management of donations at the Ayodhya Ram Mandir. The case includes the arrest of key accused, possible police remand, a Supreme Court hearing, the formation of an SIT investigation, and strong remarks by Shankaracharya Avimukteshwaranand. Meanwhile, the Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust is also moving forward with CEO recruitment and plans to appoint additional priests, making this a major national story involving religion, administration, law, and politics.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
38.8 ° C
38.8 °
38.8 °
32 %
3.1kmh
10 %
Sun
42 °
Mon
42 °
Tue
41 °
Wed
42 °
Thu
42 °
Video thumbnail
PM Modi ने न्यूज़ीलैण्ड में गाया 'दमादम मस्त कलन्दर', जोश में कूदी जनता ! PM Modi New Zealand Speech
08:16
Video thumbnail
Ghaziabad News | Ghaziabad Migsun Mall Raj Nagar Extension
00:41
Video thumbnail
Kushinagar पहुंचे CM Yogi,स्टेज पर Ravi Kishan का नाम लेकर CM Yogi ने कह दी ये बात, बजने लगी तालियां
03:10
Video thumbnail
Arvind Kejriwal on E20 : “Ethanol पर बोलने वाले हर आम आदमी को सरकार तरह-तरह की गाली दे रही है...”
01:20
Video thumbnail
CM योगी का विपक्ष पर हमला: 'अब बच्चों को मिला सुरक्षित और बेहतर भविष्य'
02:36
Video thumbnail
गाजियाबाद: DPSG स्कूल बस में लगी भीषण आग, बड़ा हादसा टला
00:14
Video thumbnail
फिरोजाबाद: कोर्ट ने सुनाया फैसला
00:21
Video thumbnail
ममता बनर्जी पर फेंके गए अंडे 'दीदी' ने खोयाआपा, पत्रकार और कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़
00:48
Video thumbnail
जिसे आप मगरमच्छ का सिर समझते होंगे, वह उसकी पीठ हो सकती है!
00:24
Video thumbnail
मेरठ-कोटद्वार नेशनल हाईवे पर बारिश का असर, सेफ्टी वॉल टूटी
00:38

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related