Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

संभल में चकबंदी विभाग का बड़ा घोटाला: फर्जी नामों पर बांटी गई करोड़ों की सरकारी जमीन, चार कर्मचारी गिरफ्तार!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी जमीन से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये की जमीन को फर्जी नामों पर आवंटित कर दिया। इस जमीन की फाइलें भी गायब कर दी गईं। मामले में चार विभागीय कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य कर्मचारी फरार है।

यह घोटाला संभल जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र के सुखैला गांव में हुआ। यह गांव सरकारी रिकॉर्ड में “निर्जन” यानी बिना आबादी वाला घोषित था, जिसका फायदा उठाकर चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने पूरे षड्यंत्र को अंजाम दिया।

कैसे हुआ घोटाला?

साल 2018 में इस घोटाले की पहली जानकारी मिली थी, जब लेखपाल कुलदीप सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई। जांच में पता चला कि चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने 58 फर्जी नामों पर कुल 326 बीघा सरकारी जमीन आवंटित कर दी। हैरानी की बात यह है कि इन 58 लोगों का कोई वास्तविक अस्तित्व ही नहीं है। उनके नाम, पते और दस्तावेज सब फर्जी पाए गए हैं।

इस योजना का उद्देश्य यह था कि फर्जी नामों पर जमीन को आवंटित किया जाए, फिर बाद में उसे बेचकर या अपने नाम करा कर हड़प लिया जाए। इससे सरकारी जमीन पर निजी कब्जा जमाने का रास्ता साफ हो जाता।

अब तक की कार्रवाई

संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार ने बताया कि इस घोटाले की जांच के दौरान अब तक चकबंदी विभाग के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार हुए लोगों में काली चरण, राम अवतार, मोर ध्वज और राम निवास शामिल हैं। एक और आरोपी कर्मचारी सुरेंद्र कुमार अभी फरार है।

एसपी के अनुसार, इस घोटाले में शामिल चकबंदी विभाग के अन्य चार कर्मचारियों की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। कुल मिलाकर 67 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें से 58 वे लोग हैं जिनके नाम पर जमीन आवंटित की गई थी और बाकी 9 विभागीय कर्मचारी हैं।

जमीन की हेराफेरी कैसे हुई?

चकबंदी विभाग की यह योजना बेहद सोची-समझी थी। पहले ऐसे लोगों के नाम चिन्हित किए गए जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था। फिर उनके नाम पर जमीन आवंटित की गई और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इसे वैध दिखाने की कोशिश की गई।

जब जमीन की फाइलें गायब कर दी गईं, तो कोई सबूत भी नहीं बचा। लेकिन लेखपाल की सतर्कता और बाद की जांच में पूरा मामला उजागर हो गया।

सात साल बाद हुआ खुलासा

हालांकि इस घोटाले की शुरुआत 2018 में हुई थी, लेकिन इसकी परतें अब खुलनी शुरू हुई हैं। सात साल की लंबी जांच के बाद अब जाकर स्पष्ट रूप से सामने आया है कि यह पूरा मामला विभागीय मिलीभगत का है।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।

अभी भी जारी है जांच

एसपी कृष्ण कुमार ने बताया कि मामले की जांच अभी भी जारी है। फरार कर्मचारी सुरेंद्र कुमार की तलाश की जा रही है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं और भी इसी तरह की जमीनों की हेराफेरी तो नहीं की गई।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में किसी बाहरी व्यक्ति या दलाल की भूमिका रही है या नहीं। साथ ही, यह जानने की भी कोशिश की जा रही है कि क्या यह एक अकेला मामला था या ऐसी योजनाएं अन्य गांवों में भी लागू की गई थीं।

जनता में रोष और सवाल

इस घोटाले के सामने आने के बाद जनता में गहरा आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर एक निर्जन गांव की इतनी जमीन फर्जी तरीके से बेची जा सकती है, तो पूरे राज्य में कितनी सरकारी जमीनें इस तरह हड़पी जा सकती हैं?

यह मामला उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में कितनी सख्त कार्रवाई करती है और कितनी पारदर्शिता से अन्य ऐसे मामलों की जांच कराती है।

A major land scam in Sambhal, Uttar Pradesh has exposed massive corruption within the Chakbandi department, where officials illegally allotted 326 bighas of government land to 58 fake beneficiaries using forged documents. The Sambhal police have arrested four departmental employees while one is absconding. This fraudulent land allotment case reveals deep-rooted corruption and misuse of government property. As the investigation continues, the Uttar Pradesh land scam has raised serious questions about administrative integrity and government land protection.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
24 ° C
24 °
24 °
29 %
2.5kmh
100 %
Fri
34 °
Sat
36 °
Sun
36 °
Mon
34 °
Tue
35 °
Video thumbnail
Amit Shah ने खोली Rahul Gandhi की पोल तो Mahua Moitra बौखला गईं, फिर देखिये क्या हुआ ?
14:20
Video thumbnail
"महात्मा गांधी की हत्या के बाद Nehru Edwina के साथ एक कमरे में बंद थे", Lok Sabha में जबरदस्त बवाल
09:09
Video thumbnail
Ghaziabad में हनुमान चालीसा चलाने पर, हिन्दू परिवार पर हमला ! | Nandgram News | Ghaziabad News
15:26
Video thumbnail
GDA का बड़ा फैसला: 2026 में गाज़ियाबाद में आएगा बड़ा बदलाव
32:16
Video thumbnail
Holi पर Delhi के Uttam Nagar के Tarun की कर दी हत्या,पिता ने लगाई गुहार | Top News | Delhi Crime
05:46
Video thumbnail
आम आदमी की जेब पर 'महंगाई बम'! LPG सिलेंडर ₹60 महंगा, मोदी सरकार पर बरसे अनुराग ढांडा
07:31
Video thumbnail
भोपाल के रायसेन किले से तोप चलाने का Video सामने आया। पुलिस ने गिरफ्तार किया
00:18
Video thumbnail
President Murmu on Mamta Banerjee
02:03
Video thumbnail
Ghaziabad : में कश्यप निषाद संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन | मंत्री नरेंद्र कश्यप
05:14
Video thumbnail
"किसान यूनियन...10 - 20 लोगो को लेके धरने पे बैठना" Rakesh Tikait पर क्या बोले RLD नेता Trilok Tyagi
15:19

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related