AIN NEWS 1: लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा डेथ केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। तीनों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस की मदद से यह कार्रवाई की। तीनों आरोपी 9 अक्टूबर को शिवा शर्मा की मौत के बाद से पुलिस की तलाश में थे। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों, उनकी गतिविधियों और मौत से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाएगी। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
9 अक्टूबर को चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी शिवा शर्मा की मौत
शिवा शर्मा की मौत का मामला 9 अक्टूबर 2026 को सामने आया था। रिपोर्टों के अनुसार, 28 वर्षीय शिवा शर्मा लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इसके बाद उनकी मौत हो गई।
शिवा शर्मा कारोबारी थे और रेस्टोरेंट तथा कैफे व्यवसाय से जुड़े हुए थे। घटना के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठे। शुरुआती घटनाक्रम और परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
शिवा की मां रंजना शर्मा ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी। उनकी शिकायत के आधार पर हजरतगंज थाने में मुकदमा संख्या 216/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था।
शिकायत में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, ड्राइवर दानिश और अन्य लोगों के नाम सामने आए। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। अभी यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं हैं।
फरारी के बाद पुलिस ने तेज की थी तलाश
शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश का पता लगाने के लिए पुलिस ने कई टीमें लगाई थीं। आरोपियों के लगातार ठिकाने बदलने की आशंका के बीच जांच का दायरा उत्तर प्रदेश से बाहर तक बढ़ाया गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस को आरोपियों की तलाश के दौरान नेपाल सीमा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से जुड़े सुराग भी मिले थे। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि आरोपी देश से बाहर जाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से अलग-अलग स्थानों पर उनकी तलाश की गई।
पुलिस ने तीनों आरोपियों पर पहले घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी थी। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने की खबरें भी सामने आई थीं। लगातार दबिश और तलाश के बाद आखिरकार 20 अक्टूबर को नागपुर में उनकी गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई।
आगरा में रुकने और नागपुर पहुंचने की कड़ी की भी जांच
आरोपियों की तलाश के दौरान उनके संभावित रास्तों को लेकर भी कई खबरें सामने आईं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि श्रद्धा दुबे से जुड़ी गतिविधियां आगरा में देखी गई थीं और वह वहां एक होटल में रुकी थी।
हालांकि, इन खबरों में बताए गए घटनाक्रम की पूरी आधिकारिक पुष्टि अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि तीनों आरोपी लखनऊ से निकलने के बाद किन-किन स्थानों पर गए, किस माध्यम से नागपुर पहुंचे और फरारी के दौरान उन्हें किसने मदद दी।
पुलिस की पूछताछ में इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। जांचकर्ता यह भी पता लगा सकते हैं कि आरोपियों ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए क्या तरीके अपनाए और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका रही है।
श्रद्धा दुबे ने वीडियो जारी कर खुद को बताया था निर्दोष
गिरफ्तारी से पहले श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अपनी सफाई भी दी थी। उसने शिवा शर्मा की मौत को हत्या के बजाय आत्महत्या बताया था और अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
श्रद्धा ने दावा किया था कि शिवा आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। उसने यह भी कहा था कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उसके अनुसार, उपलब्ध रिकॉर्डिंग से यह पता लगाया जा सकता है कि उस दिन क्या हुआ था।
श्रद्धा के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, शिवा की मां ने अपनी शिकायत में हत्या का आरोप लगाया है। ऐसे में पुलिस के सामने दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करना महत्वपूर्ण है।
किसी भी पक्ष के बयान को अंतिम सच मानने के बजाय घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर निष्कर्ष निकालना जरूरी होगा।
वायरल ऑडियो और वीडियो ने भी बढ़ाई मामले की चर्चा
शिवा शर्मा मामले में सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप सामने आने के बाद भी काफी चर्चा हुई थी। कुछ रिपोर्टों में इन रिकॉर्डिंग को शिवा और श्रद्धा के बीच बातचीत से जुड़ा बताया गया।
इन क्लिप को लेकर कई तरह के दावे किए गए, लेकिन केवल सोशल मीडिया पर किसी रिकॉर्डिंग के वायरल होने से उसकी सत्यता साबित नहीं होती। यह भी जांचना जरूरी है कि रिकॉर्डिंग पूरी है या उसका कोई हिस्सा काटकर साझा किया गया है।
पुलिस के लिए इन रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता, उनके स्रोत और घटना से उनके संबंध की जांच करना महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि रिकॉर्डिंग मामले से संबंधित पाई जाती हैं, तो वे जांच में सहायक साक्ष्य बन सकती हैं। हालांकि, उनकी कानूनी अहमियत का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे थे सवाल
मामले में तीनों आरोपियों के लंबे समय तक नहीं मिलने के कारण पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे थे। मीडिया रिपोर्टों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव और मामले की जांच को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं।
अब तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की चुनौती है। केवल गिरफ्तारी से मामला पूरी तरह सुलझा हुआ नहीं माना जा सकता। जांच में यह स्थापित करना होगा कि घटना के समय क्या हुआ, किसकी क्या भूमिका थी और उपलब्ध साक्ष्य आरोपों का समर्थन करते हैं या नहीं।
गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
नागपुर से गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें लखनऊ लाए जाने की जानकारी मीडिया रिपोर्टों में दी गई है। इसके बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटा सकती है।
जांच में घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन से संबंधित डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और घटना से पहले हुई बातचीत अहम हो सकती है। इन सभी तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद ही घटना की परिस्थितियों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ी खबर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की नागपुर से गिरफ्तारी है। शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और हत्या के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही सामने आएगा।
Model and social media influencer Shraddha Dubey has been arrested in Nagpur along with her sister Rashmi Dubey and driver Tanveer Ali, also known as Danish, in connection with the Shiva Sharma death case in Lucknow. The joint operation reportedly involved the Uttar Pradesh Special Task Force (UP STF), Lucknow Police and Nagpur Police. Shiva Sharma, a 28-year-old businessman and restaurant owner, died after falling from the fourth floor of Awadh Green Apartments in Lucknow’s Hazratganj area on October 9, 2026. Police registered a murder case following a complaint by his mother, Ranjana Sharma. Shraddha Dubey has denied the allegations and claimed that Shiva’s death was a suicide. The investigation is ongoing, and the allegations remain subject to legal scrutiny.



















