Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप, स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: वाराणसी और प्रयागराज से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर पर बच्चों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो (POCSO) कोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामला सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

किसने लगाए आरोप?

ये आरोप जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में गुरुकुल की आड़ में बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत आरोप नहीं हैं, बल्कि पीड़ित पक्ष के आधार पर लगाए गए हैं।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने 8 फरवरी को प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की। उन्होंने अदालत से पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उनके अनुसार, बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और अगर किसी धार्मिक संस्था के नाम पर उत्पीड़न हो रहा है तो उसकी जांच आवश्यक है।

कोर्ट में क्या पेश किया गया?

याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में दो बच्चों को भी अदालत के सामने प्रस्तुत किया है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया है कि मामले की गहन जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पास आय से अधिक संपत्ति है। उन्होंने मांग की है कि उनकी वित्तीय स्थिति और संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए। याचिका में उनके नजदीकी शिष्य मुकुंदानंद की भूमिका की जांच की मांग भी की गई है।

इतना ही नहीं, आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह आशंका भी जताई है कि शिविर में अवैध हथियार मौजूद हो सकते हैं। हालांकि इस दावे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब

इन गंभीर आरोपों के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने गोमाता की रक्षा और अन्य धार्मिक मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाई है, तभी से कुछ लोग उनके खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप समाज में उनकी छवि खराब करने के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं अदालत के सामने सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर चुके हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

मुख्यमंत्री पर भी लगाए आरोप

मामले को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक सरकार की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि “जिसकी आय होती है, उसकी संपत्ति होती है। हम शंकराचार्य हैं, वेतनभोगी नहीं हैं। हमारी व्यक्तिगत संपत्ति का सवाल ही नहीं उठता।” उनका कहना है कि पूरी सच्चाई अदालत के सामने स्पष्ट हो जाएगी।

20 फरवरी को होगी सुनवाई

इस मामले में दोनों पक्ष 20 फरवरी को अदालत के सामने पेश होंगे। अदालत यह तय करेगी कि मामले में आगे किस प्रकार की जांच की आवश्यकता है और क्या प्राथमिक दृष्टया आरोपों में दम है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज याचिका से जुड़ा है, इसलिए अदालत संवेदनशीलता और गंभीरता से मामले को देखेगी। बच्चों से जुड़े मामलों में अदालत आमतौर पर विशेष सावधानी बरतती है।

धार्मिक संस्थाओं पर सवाल

इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज में कई लोग यह मानते हैं कि यदि कोई संस्था बच्चों के साथ काम कर रही है, तो वहां सुरक्षा के कड़े मानक होने चाहिए। वहीं, दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि बिना जांच के किसी संत या धार्मिक व्यक्ति को दोषी ठहराना भी उचित नहीं है।

मामले ने सामाजिक और धार्मिक विमर्श को भी जन्म दिया है। कुछ लोग इसे धार्मिक राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे बच्चों की सुरक्षा का गंभीर मामला मान रहे हैं।

अब आगे क्या?

फिलहाल पूरा मामला न्यायालय के अधीन है। 20 फरवरी की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी। अदालत के निर्देशों के आधार पर पुलिस या अन्य एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर सकती हैं।

जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक आरोप और जवाब—दोनों ही पक्षों के दावों के रूप में देखे जा रहे हैं। न्यायालय का फैसला ही अंतिम रूप से तय करेगा कि सच्चाई क्या है।

Serious sexual abuse allegations have been raised against Swami Avimukteshwaranand, with a petition filed in the Prayagraj Special POCSO Court by Ashutosh Brahmachari. The case, linked to an alleged child abuse incident at a religious camp, also includes claims of disproportionate assets and demands for an impartial investigation. Both parties are scheduled to appear before the court on February 20, making this a significant legal and religious controversy in Uttar Pradesh.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
33.7 ° C
33.7 °
33.7 °
13 %
4.7kmh
100 %
Fri
33 °
Sat
34 °
Sun
37 °
Mon
33 °
Tue
35 °
Video thumbnail
Amit Shah ने खोली Rahul Gandhi की पोल तो Mahua Moitra बौखला गईं, फिर देखिये क्या हुआ ?
14:20
Video thumbnail
"महात्मा गांधी की हत्या के बाद Nehru Edwina के साथ एक कमरे में बंद थे", Lok Sabha में जबरदस्त बवाल
09:09
Video thumbnail
Ghaziabad में हनुमान चालीसा चलाने पर, हिन्दू परिवार पर हमला ! | Nandgram News | Ghaziabad News
15:26
Video thumbnail
GDA का बड़ा फैसला: 2026 में गाज़ियाबाद में आएगा बड़ा बदलाव
32:16
Video thumbnail
Holi पर Delhi के Uttam Nagar के Tarun की कर दी हत्या,पिता ने लगाई गुहार | Top News | Delhi Crime
05:46
Video thumbnail
आम आदमी की जेब पर 'महंगाई बम'! LPG सिलेंडर ₹60 महंगा, मोदी सरकार पर बरसे अनुराग ढांडा
07:31
Video thumbnail
भोपाल के रायसेन किले से तोप चलाने का Video सामने आया। पुलिस ने गिरफ्तार किया
00:18
Video thumbnail
President Murmu on Mamta Banerjee
02:03
Video thumbnail
Ghaziabad : में कश्यप निषाद संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन | मंत्री नरेंद्र कश्यप
05:14
Video thumbnail
"किसान यूनियन...10 - 20 लोगो को लेके धरने पे बैठना" Rakesh Tikait पर क्या बोले RLD नेता Trilok Tyagi
15:19

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related