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यूपी RERA का बड़ा फैसला: अब फ्लैट ट्रांसफर केवल ₹1000 में, जानिए पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज!

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AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने फ्लैट ट्रांसफर फीस को लेकर एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा। अब कानूनी वारिसों के नाम पर फ्लैट ट्रांसफर कराने के लिए अधिकतम केवल ₹1000 की फीस ही ली जाएगी।

यह फैसला खासतौर पर उन मामलों में लागू होगा जहां मूल आवंटी (जिसने फ्लैट खरीदा था) की मृत्यु हो जाती है और संपत्ति को उसके परिवार के सदस्यों के नाम ट्रांसफर करना होता है।

बिल्डरों की मनमानी पर लगा बड़ा अंकुश

अब तक कई मामलों में देखा गया था कि बिल्डर और डेवलपर्स फ्लैट ट्रांसफर के नाम पर मनमानी फीस वसूलते थे। कुछ जगहों पर यह शुल्क प्रति वर्ग फुट के हिसाब से तय किया जाता था, जो 200 रुपये से लेकर 1000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच जाता था।

इस वजह से ट्रांसफर फीस कई बार लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी। कुछ मामलों में यह राशि 20 से 30 लाख रुपये तक भी पहुंच गई, जिससे आम घर खरीदारों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था।

UP RERA ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए साफ निर्देश जारी किए हैं कि अब इस तरह की मनमानी पूरी तरह बंद होगी।

अब अधिकतम ₹1000 ही लगेगी फीस

UP RERA के नए आदेश के अनुसार:

यदि मूल आवंटी का निधन हो जाता है

और फ्लैट को कानूनी वारिस (पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री) के नाम ट्रांसफर करना है

तो ऐसी स्थिति में प्रमोटर या बिल्डर अधिकतम ₹1000 तक ही प्रोसेसिंग फीस ले सकता है।

यह कदम पूरी तरह से उपभोक्ता हित में लिया गया है और इसका उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना है।

परिवार के बाहर ट्रांसफर पर क्या नियम हैं?

UP RERA ने सिर्फ वारिसों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य मामलों के लिए भी नियम स्पष्ट किए हैं।

अगर कोई आवंटी अपने फ्लैट को परिवार के बाहर किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर करना चाहता है, तो:

अधिकतम ₹25,000 तक फीस ली जा सकती है

इससे अधिक कोई शुल्क नहीं लिया जा सकेगा

इसके साथ ही एक और बड़ी राहत यह दी गई है कि ऐसे ट्रांसफर मामलों में अब नई सेल डीड या नए लीज़ एग्रीमेंट की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय की बचत होगी और कानूनी प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी।

किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

फ्लैट ट्रांसफर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें शामिल हैं:

कानूनी वारिसों के लिए आवश्यक दस्तावेज:

मूल आवंटी का मृत्यु प्रमाण पत्र

उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Competent Authority द्वारा जारी)

सभी कानूनी वारिसों का NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र)

पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)

फ्लैट से जुड़े मूल दस्तावेज

इन दस्तावेजों के आधार पर ही ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

UP RERA के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि यह फैसला लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है। कई घर खरीदारों ने शिकायत की थी कि बिल्डर अत्यधिक ट्रांसफर फीस वसूल रहे हैं, जो किसी भी तरह से उचित नहीं है।

चूंकि फ्लैट की पूरी कीमत पहले ही खरीदार द्वारा चुका दी जाती है, ऐसे में ट्रांसफर के नाम पर लाखों रुपये वसूलना गलत है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सीमा तय की गई है।

रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ता भरोसा

UP RERA ने राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर की प्रगति से जुड़े आंकड़े भी साझा किए हैं, जो इस क्षेत्र में बढ़ते निवेश और भरोसे को दर्शाते हैं।

2023 में कुल 197 प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए

2025 में यह संख्या बढ़कर 308 हो गई

2023 में निवेश: ₹28,411 करोड़

2025 में निवेश बढ़कर: ₹68,328 करोड़

इसके अलावा, वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही 106 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 84 थी।

खरीदारों के लिए क्या बदलेगा?

इस नए फैसले के बाद घर खरीदारों को कई स्तरों पर राहत मिलेगी:

ट्रांसफर प्रक्रिया सस्ती हो जाएगी

बिल्डरों की मनमानी खत्म होगी

कानूनी प्रक्रिया सरल बनेगी

परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी

समय की बचत होगी

पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

UP RERA का यह निर्णय केवल फीस कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे रियल एस्टेट सिस्टम को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इससे न केवल मौजूदा खरीदारों को राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।

UP RERA का यह फैसला उत्तर प्रदेश के लाखों घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। अब फ्लैट ट्रांसफर प्रक्रिया न केवल सस्ती होगी, बल्कि अधिक पारदर्शी और सरल भी बनेगी।

₹1000 की सीमित फीस और स्पष्ट नियमों के साथ यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में एक नई व्यवस्था की शुरुआत माना जा रहा है, जो आने वाले समय में पूरे बाजार को प्रभावित करेगा।

The UP RERA decision on reducing flat transfer fees to just ₹1000 for legal heirs is a major relief for homebuyers in Uttar Pradesh. This new regulation aims to curb unfair charges by builders and promote transparency in the real estate sector. With simplified property transfer rules, reduced legal costs, and clear documentation requirements, the UP RERA guidelines are expected to benefit thousands of families dealing with inheritance property transfers and improve overall trust in the housing market.

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