AIN NEWS 1: वाराणसी में गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर अब प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। नदी का पानी चेतावनी निशान को पार कर 70.29 मीटर तक पहुंच गया है। इसके बाद शहर के निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए राहत व्यवस्था सक्रिय कर दी गई है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो वाराणसी के सांसद भी हैं, ने शहर की स्थिति का जायजा लेने के लिए वाराणसी के मेयर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने बाढ़ की मौजूदा स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों और प्रभावित लोगों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया है। यहां गंगा के लिए चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है। इस तरह नदी का पानी चेतावनी निशान से करीब 3 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है।
हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। वाराणसी में खतरे का निशान 71.26 मीटर निर्धारित है। यानी मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 97 सेंटीमीटर नीचे है।

इसके बावजूद लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। नदी के किनारे और निचले इलाकों में अधिकारियों तथा संबंधित विभागों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
घाटों पर नाव संचालन पर रोक
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। घाटों पर नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का मानना है कि बढ़े हुए जलस्तर और तेज बहाव के दौरान नाव संचालन जोखिम भरा हो सकता है।
घाटों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। लोगों को नदी के बढ़े हुए पानी से दूर रहने और अनावश्यक रूप से घाटों की ओर न जाने की सलाह दी जा रही है।
PM मोदी ने मेयर और जिलाधिकारी से की बात
बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के मेयर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने शहर में बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।
अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों तथा राहत शिविरों में रह रहे लोगों के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति भी जानी।
पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
वरुणा नदी के आसपास भी बढ़ी परेशानी
वाराणसी में गंगा के साथ-साथ वरुणा नदी का बढ़ता पानी भी चिंता बढ़ा रहा है। प्रशासन के अनुसार वरुणा नदी के आसपास करीब 11 इलाके और वार्ड प्रभावित हुए हैं।
इन क्षेत्रों में लगभग 328 परिवारों के 1,388 लोग बाढ़ और जलभराव से प्रभावित बताए गए हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जहां पानी अधिक बढ़ रहा है, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी इलाके में स्थिति बिगड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
13 राहत शिविरों में 935 लोग
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने 13 राहत शिविर बनाए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इन राहत शिविरों में फिलहाल 219 परिवारों के 935 लोग रह रहे हैं।
शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि जिन लोगों को अपने घरों से सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, उन्हें भोजन, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाएं समय पर मिलती रहें।
राहत शिविरों के अलावा प्रभावित इलाकों में भी प्रशासनिक टीमों की गतिविधियां बढ़ाई गई हैं।
प्रशासन की निगरानी लगातार जारी
गंगा और वरुणा दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की निगरानी की जाए और निचले इलाकों में स्थिति खराब होने की आशंका पर पहले से तैयारी रखी जाए।
वाराणसी के कई नदी किनारे वाले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। प्रशासन की कोशिश है कि हालात को खतरे के स्तर तक पहुंचने से पहले ही आवश्यक कदम उठा लिए जाएं।
खतरे के निशान से नीचे है गंगा
फिलहाल वाराणसी में गंगा का पानी 70.29 मीटर पर है, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है। इसलिए वर्तमान स्थिति को चेतावनी और सतर्क निगरानी वाली स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। आने वाले समय में नदी का जलस्तर किस दिशा में जाता है, इस पर स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीधे अधिकारियों से बात करने के बाद प्रशासनिक स्तर पर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी और तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत शिविरों में सुविधाओं की उपलब्धता और निचले इलाकों में समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना है।
वाराणसी में गंगा अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन चेतावनी स्तर पार होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।
Varanasi Flood Update: The Ganga water level in Varanasi has crossed the warning mark and reached 70.29 meters, raising concerns in several low-lying areas. Prime Minister Narendra Modi spoke to the Varanasi Mayor and District Magistrate over the phone to review the flood situation and relief operations. Authorities are monitoring the Ganga and Varuna rivers, affected families, waterlogging areas and relief camps. At present, the Ganga remains below the danger mark, but the administration is maintaining close surveillance as the water level continues to rise.



















