AIN NEWS 1 नोएडा। अखिल भारतीय सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी रजि. के नोएडा चैप्टर की महत्वपूर्ण बैठक 1 सितंबर 2026 को सेक्टर-83 में आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मुद्दों, संगठन के विस्तार, युवाओं को समाज और राष्ट्रहित से जोड़ने तथा आगामी स्थापना दिवस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता नोएडा चैप्टर के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने की, जबकि संचालन चैप्टर के महामंत्री राकेश प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर सूर्यकांत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं, संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के. एल. अरोड़ा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।

2010 में सहारनपुर से हुई थी संगठन की शुरुआत
बैठक को संबोधित करते हुए संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के. एल. अरोड़ा ने संगठन की स्थापना और उसके उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी का गठन वर्ष 2010 में सहारनपुर से शुरू हुआ था।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को उठाना ही नहीं, बल्कि समाज में उनके अनुभव और योगदान को सम्मानजनक स्थान दिलाना भी है। पिछले वर्षों में संगठन का विस्तार लगातार हुआ है और अब दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब तथा बिहार सहित कई राज्यों में इसके कार्य और गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी संगठन को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों से स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों को अधिक से अधिक जोड़ने तथा उनकी समस्याओं को समझकर समाधान के लिए प्रयास करने का आह्वान किया गया।
वरिष्ठ नागरिकों के एकांकीपन को दूर करना प्रमुख उद्देश्य
के. एल. अरोड़ा ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बदलते पारिवारिक ढांचे के कारण बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक अकेलेपन और कई तरह की सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में समाज की जिम्मेदारी है कि वह बुजुर्गों के अनुभव और जरूरतों को समझे।

उन्होंने कहा कि संस्था का मूल उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के एकांकीपन और वृद्धावस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति युवा पीढ़ी को जागरूक करना है। युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद बढ़ाकर कई सामाजिक समस्याओं को कम किया जा सकता है।
उन्होंने संगठन को वरिष्ठ नागरिकों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और समाज की सेवा के लिए समर्पित संगठन बताते हुए कहा कि बुजुर्गों के पास जीवन का लंबा अनुभव होता है। इस अनुभव का उपयोग समाज और आने वाली पीढ़ी के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए।
स्थापना दिवस को लेकर भी हुई चर्चा
बैठक में संस्था के स्थापना दिवस को लेकर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन की ओर से प्रत्येक वर्ष अक्टूबर के पहले सप्ताह में समाज को साथ लेकर स्थापना दिवस मनाया जाता है।
बैठक में इस वर्ष भी स्थापना दिवस कार्यक्रम को संगठन की केंद्रीय योजना और दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित करने पर विचार किया गया। कार्यक्रम में अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर समाज में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका, अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर जागरूकता पैदा करने का अवसर भी होना चाहिए।
युवाओं को सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों से जोड़ने पर जोर
बैठक के दौरान देश में सामने आ रही विभिन्न सामाजिक और वैचारिक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। के. एल. अरोड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त के अवसर पर व्यक्त की गई चिंताओं का उल्लेख करते हुए वैचारिक नक्सलवाद के प्रभाव को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के पास जीवन का व्यापक अनुभव और समाज के विभिन्न वर्गों से संपर्क होता है। इस अनुभव का सकारात्मक इस्तेमाल युवाओं को जागरूक करने और उन्हें देश व समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने में किया जा सकता है।
उन्होंने संगठन के सदस्यों से अपील की कि वे अधिक से अधिक युवाओं से संपर्क स्थापित करें और उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास करें। उनके अनुसार वरिष्ठ नागरिक और युवा पीढ़ी यदि मिलकर काम करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव को और गति दी जा सकती है।
संगठन के विस्तार पर भी हुई बातचीत
बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों और विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार को लेकर भी चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए संगठन की गतिविधियों को अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाना जरूरी है।
स्थानीय स्तर पर चैप्टर को मजबूत करने, नए सदस्यों को जोड़ने और वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं तक पहुंचाने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी संदेश दिया गया कि वरिष्ठ नागरिकों को अपने अधिकारों और उपलब्ध सरकारी एवं सामाजिक सुविधाओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए। साथ ही परिवार और समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता है।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
नोएडा के सेक्टर-83 में आयोजित इस बैठक में संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इनमें परमानंद जी, जितेंद्र पांडे, विकास दुबे, मोहित, अवधेश, सतीश, विक्रम प्रदीप, वीरेंद्र शर्मा, देवेंद्र गोस्वामी, अमित तोमर, राकेश प्रसाद, रोहतास सहित अन्य लोग शामिल रहे।
बैठक के अंत में संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने, वरिष्ठ नागरिकों को अधिक से अधिक जोड़ने और युवा पीढ़ी के साथ संवाद बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका को मजबूत करने का संदेश
बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज पर बोझ नहीं, बल्कि अनुभव और ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। यदि उनके अनुभव को नई पीढ़ी के साथ जोड़ा जाए तो सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
अखिल भारतीय सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को सामने लाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को उनसे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नोएडा चैप्टर की यह बैठक भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई, जिसमें संगठन के विस्तार, वरिष्ठ नागरिकों के हित और सामाजिक जागरूकता को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
The All India Senior Citizen Welfare Society Noida Chapter organized an important meeting in Sector 83 on September 1, 2026. The meeting focused on senior citizen welfare, organizational expansion, youth engagement, social awareness and preparations for the annual foundation day. Founder and National President K. L. Arora highlighted the organization’s journey since its beginning in Saharanpur in 2010 and emphasized the importance of connecting senior citizens with younger generations.



















