spot_imgspot_img

दिल्ली विधानसभा में बंदरों की बढ़ती समस्या: लंगूर की आवाज़ से मिलेगी निजात, प्रशासन बना रहा खास योजना!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: दिल्ली विधानसभा परिसर में इन दिनों एक अनोखी लेकिन गंभीर समस्या लगातार सिर उठा रही है—बंदरों का बढ़ता आतंक। कभी विधानसभा की छतों पर उछलते-कूदते बंदर, तो कभी तारों और डिश एंटीना को नुकसान पहुंचाते हुए ये जानवर न केवल प्रशासन के लिए बल्कि विधायकों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहे हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए अब विधानसभा प्रशासन ने एक अलग और व्यवहारिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है।

हिंदू जागरण मंच सहारनपुर की बैठक में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा उठा, शाहरुख खान पर गंभीर आरोप!

🐒 बंदरों से बढ़ती परेशानियां

विधानसभा परिसर के आसपास हरियाली और खुले क्षेत्र होने के कारण यहां बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये बंदर अक्सर परिसर में घुस आते हैं और बिजली की तारों, इंटरनेट केबल, सीसीटीवी लाइनों और डिश एंटीना पर उछल-कूद करते रहते हैं। इससे न केवल तकनीकी नुकसान होता है बल्कि कई बार कामकाज भी बाधित हो जाता है।

कई कर्मचारियों ने बताया कि अचानक सामने आ जाने वाले बंदर डर का कारण बनते हैं। खासतौर पर जब विधानसभा सत्र चल रहा होता है और बड़ी संख्या में लोग परिसर में मौजूद होते हैं, तब यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

⚠️ सुरक्षा को लेकर चिंता

विधानसभा प्रशासन का मानना है कि बंदरों की मौजूदगी सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। विधायकों, मीडिया कर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और आम आगंतुकों के लिए यह खतरा पैदा कर सकता है।

कुछ मौकों पर बंदरों द्वारा लोगों पर झपटने या सामान छीनने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से पहले ठोस समाधान लागू करना चाहता है।

🦧 लंगूर की आवाज़: एक पुराना लेकिन असरदार उपाय

भारत में लंबे समय से बंदरों को भगाने के लिए लंगूरों की मौजूदगी या उनकी आवाज़ का इस्तेमाल किया जाता रहा है। बंदर स्वाभाविक रूप से लंगूर से डरते हैं और उसकी आवाज सुनते ही उस इलाके से दूर चले जाते हैं।

हालांकि वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत अब असली लंगूरों को पकड़कर इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है। इसी वजह से प्रशासन ने एक नया रास्ता निकाला है—लंगूर की आवाज़ की नकल कर सकने वाले लोगों को नियुक्त करना।

🎙️ क्या है नई योजना?

दिल्ली विधानसभा प्रशासन ऐसी एजेंसी या व्यक्तियों को नियुक्त करने की योजना बना रहा है जो पेशेवर तरीके से लंगूर की आवाज़ निकाल सकें। ये लोग परिसर में तय समय और जरूरत के अनुसार लंगूर जैसी आवाज़ निकालेंगे, जिससे बंदर डरकर इलाके से दूर रहेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका पूरी तरह मानवीय है, इसमें किसी जानवर को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और यह वन्यजीव कानूनों के भी अनुरूप है।

🏛️ पहले भी अपनाए गए हैं ऐसे उपाय

यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी भवन में इस तरह का उपाय अपनाया जा रहा हो। इससे पहले भी दिल्ली के कई सरकारी दफ्तरों, मंत्रालयों और अदालत परिसरों में लंगूर की आवाज़ निकालने वाले लोगों को तैनात किया जा चुका है और इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।

कई जगहों पर यह प्रयोग सफल रहा है और बंदरों की आवाजाही में काफी कमी दर्ज की गई है।

🌿 पर्यावरण और कानून का संतुलन

प्रशासन का कहना है कि इस योजना में पर्यावरण संरक्षण और मानव सुरक्षा—दोनों का संतुलन रखा गया है। न तो बंदरों को नुकसान पहुंचाया जाएगा और न ही किसी तरह की हिंसक कार्रवाई की जाएगी।

हिमाचल के इस गांव में पहली बार पहुंची बस, जश्न में बदला ऐतिहासिक दिन, रिबन काटकर हुआ रोडवेज का स्वागत

वन्यजीव विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह तरीका अस्थायी लेकिन प्रभावी समाधान हो सकता है, खासकर तब जब किसी इलाके में बंदरों की संख्या अधिक हो।

👥 कर्मचारियों और विधायकों की प्रतिक्रिया

विधानसभा में काम करने वाले कर्मचारियों और कई विधायकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि रोज़मर्रा के काम में बार-बार होने वाली बाधाओं से निजात मिलेगी और सुरक्षा का माहौल बेहतर होगा।

कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि कई बार बंदरों की वजह से डर के कारण लोग खुले क्षेत्रों में जाने से बचते हैं, जिससे कामकाज प्रभावित होता है।

🔮 आगे क्या?

फिलहाल प्रशासन इस योजना को अंतिम रूप देने में जुटा है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया या नियुक्ति से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा सकती हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में इसे अन्य सरकारी परिसरों में भी लागू किया जा सकता है।

दिल्ली विधानसभा प्रशासन का उद्देश्य साफ है—एक सुरक्षित, व्यवस्थित और बिना किसी बाधा के काम करने वाला परिसर।

The Delhi Assembly is facing a growing monkey menace that poses risks to security, infrastructure, and daily operations. To address this issue, the administration plans to hire individuals skilled in langur sound mimicry, a proven and humane method to deter monkeys. This innovative wildlife control solution aims to protect MLAs, staff, and visitors while complying with wildlife protection laws. The move reflects Delhi Vidhan Sabha’s commitment to safety, sustainability, and effective management of urban wildlife challenges.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
few clouds
29 ° C
29 °
28.1 °
89 %
3.6kmh
23 %
Mon
35 °
Tue
32 °
Wed
37 °
Thu
38 °
Fri
36 °
Video thumbnail
Sonia Gandhi के वन्दे मातरम अपमान पर मंच से भड़के Amit Shah ने कह दी बड़ी बात !
09:25
Video thumbnail
Amit Shah : "सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् का अपमान करने का जो पाप किया है..."
01:51
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "महारानी वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजों का मुकाबला कर"
00:49
Video thumbnail
Yogi Adityanath : "1947 में कांग्रेस अड़ गई होती, तो देश का विभाजन नहीं होता"
01:19
Video thumbnail
राजस्थान में 50 करोड़ रुपए में बने ब्रिज की दीवार 45 दिन में ही भरभराकर गिर गई
00:39
Video thumbnail
सौरव दास का BJP पर बड़ा आरोप
02:59
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "पुलिस इतनी खराब कर दी है कि अगर आप थाने गए तो सबसे पहले आपकी जेब की तरफ देखेंगे.."
01:02
Video thumbnail
किसका काफिला जा रहा है?
00:44
Video thumbnail
सोनिया ने वंदे मातरम पर जताया ऐतराज?
00:27
Video thumbnail
गाजियाबाद में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान कांस्टेबल ने मांगी रिश्वत
01:30

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related