spot_imgspot_img

बीजेपी की कार्यशैली पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के सवाल, कांग्रेस में वापसी से किया इनकार!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उन्होंने किसी विपक्षी दल पर नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। अमरिंदर सिंह का कहना है कि बीजेपी में फैसले पूरी तरह केंद्रीय स्तर पर होते हैं और जमीनी नेताओं की भूमिका बेहद सीमित रह गई है।

मोहाली में एक समाचार एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बेहद बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी के भीतर उनसे किसी भी अहम मुद्दे पर सलाह नहीं ली जाती, जबकि उनके पास छह दशकों से अधिक का राजनीतिक अनुभव है।

“मेरी सलाह नहीं ली जाती” – कैप्टन अमरिंदर सिंह

इंटरव्यू के दौरान अमरिंदर सिंह ने कहा,

“मैं यह नहीं कह सकता कि मुझसे बीजेपी में कोई राय ली जाती है। मेरे पास 60 साल से ज्यादा का राजनीतिक अनुभव है, लेकिन मैं खुद को पार्टी पर थोप भी नहीं सकता।”

उनके इस बयान को बीजेपी के भीतर आंतरिक असंतोष के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अमरिंदर सिंह ने यह स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी के निर्णयों की जानकारी अक्सर बाद में मिलती है, और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी ना के बराबर होती है।

कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर पूर्ण विराम

कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान के बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि क्या वे कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। लेकिन उन्होंने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा,

“कांग्रेस में दोबारा शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। यह पूरी तरह से बंद अध्याय है।”

इस बयान के जरिए अमरिंदर सिंह ने साफ कर दिया कि चाहे बीजेपी की कार्यशैली से वे संतुष्ट हों या नहीं, कांग्रेस में लौटने का कोई इरादा नहीं है।

कांग्रेस बनाम बीजेपी: कार्यशैली की तुलना

अमरिंदर सिंह ने इंटरव्यू में कांग्रेस और बीजेपी की संगठनात्मक संस्कृति की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सिस्टम कहीं ज्यादा लोकतांत्रिक था।

उनके अनुसार,

कांग्रेस में नेताओं से नियमित सलाह ली जाती थी

हाईकमान तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान था

फैसलों से पहले व्यापक चर्चा होती थी

इसके उलट, बीजेपी को लेकर उन्होंने कहा कि वहां शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचना बेहद कठिन है और अधिकांश फैसले बंद कमरों में लिए जाते हैं।

“बीजेपी फैसले सार्वजनिक नहीं करती”

कैप्टन अमरिंदर सिंह का यह भी कहना है कि बीजेपी में फैसले किस आधार पर लिए जाते हैं, इसकी जानकारी अक्सर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को नहीं दी जाती।

उन्होंने कहा,

“बीजेपी में फैसले अचानक सामने आते हैं। यह नहीं पता चलता कि इन फैसलों पर किससे चर्चा हुई और किससे नहीं।”

यह बयान बीजेपी की केंद्रीकृत राजनीति और हाईकमान संस्कृति पर सीधा सवाल खड़ा करता है।

पंजाब की स्थिरता के लिए बीजेपी-अकाली गठबंधन जरूरी

अपनी आलोचनाओं के बावजूद अमरिंदर सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब में राजनीतिक स्थिरता के लिए बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन बेहद जरूरी है।

उनका मानना है कि

पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में स्थिर सरकार जरूरी है

अलग-थलग राजनीति राज्य को नुकसान पहुंचा सकती है

गठबंधन से संतुलन और स्थायित्व बनता है

उन्होंने संकेत दिए कि अकेले चुनाव लड़ने की बजाय गठबंधन की राजनीति पंजाब के हित में होगी।

बीजेपी में अमरिंदर सिंह की भूमिका पर सवाल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमरिंदर सिंह का यह बयान बीजेपी में उनकी वास्तविक भूमिका को लेकर सवाल खड़े करता है। एक अनुभवी नेता होने के बावजूद यदि उनकी राय को महत्व नहीं दिया जा रहा, तो यह पार्टी के अंदरूनी ढांचे की कमजोरी को दर्शाता है।

हालांकि, अमरिंदर सिंह ने यह भी साफ किया कि वे पार्टी छोड़ने या विद्रोह करने की स्थिति में नहीं हैं, बल्कि अपनी बात ईमानदारी से रख रहे हैं।

पंजाब की राजनीति में बयान के मायने

कैप्टन अमरिंदर सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब की राजनीति पहले से ही अस्थिरता और बदलाव के दौर से गुजर रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार, कांग्रेस का पुनर्गठन और बीजेपी की रणनीति—इन सबके बीच अमरिंदर सिंह की टिप्पणी अहम मानी जा रही है।

यह बयान न सिर्फ बीजेपी के लिए आत्ममंथन का विषय है, बल्कि पंजाब की भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।

Former Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh has raised serious concerns over BJP’s centralized decision-making process, stating that key decisions are taken in Delhi without consulting senior leaders. Amarinder Singh ruled out any possibility of returning to the Congress party while emphasizing that a BJP-Akali Dal alliance is essential for political stability in Punjab. His remarks highlight growing debates around BJP leadership style, Punjab politics, and coalition strategies in the state.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
30 ° C
30.1 °
30 °
89 %
2.6kmh
100 %
Wed
29 °
Thu
31 °
Fri
40 °
Sat
41 °
Sun
40 °
Video thumbnail
Toxic Movie Public Reaction | Public Review on Yash and Kiara | Worth the Hype ?
12:20
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "बंद किये गए 26 हज़ार प्राइमरी स्कूल पुनः शुरू किए जाएंगे।"
00:21
Video thumbnail
नेपाल में बाढ़ का असर बिहार तक पहुंचा, वाल्मीकिनगर बराज के सभी गेट खोले गए
01:55
Video thumbnail
MP में BJP विधायक की गाड़ी धोने पहुंची फायर ब्रिगेड | Viral Video
00:24
Video thumbnail
Nepal Tibet Flood Video : नेपाल की बाढ़ में फंसे राकेश टिकैत
02:18
Video thumbnail
Nepal Tibet Flood Crisis : नेपाल में आई बाढ़
01:39
Video thumbnail
नेपाल में चीन से आई बाढ़ ने मचाई तबाही
00:30
Video thumbnail
RSS Chief Mohan Bhagwat in US: न्यूयॉर्क पहुंचे मोहन भागवत, अमेरिका में जोरदार स्वागत
00:07
Video thumbnail
सीएम योगी का पिछली सरकारों पर निशाना, बोले- कर्फ्यू, दंगा और भ्रष्टाचार बन चुके थे यूपी की पहचान
02:30
Video thumbnail
सुवेंदु अधिकारी का ममता सरकार पर आरोप, बोले- 54 आवासों में 52 मुस्लिम और सिर्फ 2 हिंदू
00:35

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related