भाजपा विधायक अनिल शर्मा का निधन, 63 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; कैंसर से थे पीड़ित
AIN NEWS 1 बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की शिकारपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही बुलंदशहर समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
अनिल शर्मा की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, वह वर्ष 2023 से कैंसर से जूझ रहे थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। बुधवार को इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। उनके निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक का माहौल है।
शिकारपुर से भाजपा विधायक थे अनिल शर्मा
अनिल शर्मा बुलंदशहर जिले की शिकारपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। वर्ष 2017 में वह पहली बार भाजपा के टिकट पर शिकारपुर से विधानसभा चुनाव जीते थे। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार शिकारपुर के विधायक बने।

इससे पहले भी वह दो बार विधायक रह चुके थे। इस तरह अनिल शर्मा अपने राजनीतिक जीवन में कुल चार बार विधायक चुने गए। हालांकि उनकी शुरुआती राजनीतिक पारी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से शुरू हुई थी। वर्ष 2002 और 2007 में उन्होंने खुर्जा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था।
गांव के प्रधान से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
अनिल शर्मा का राजनीतिक सफर काफी जमीनी स्तर से शुरू हुआ था। बुलंदशहर के शिकारपुर क्षेत्र के सुरजावली गांव के रहने वाले अनिल शर्मा वर्ष 1989 में पहली बार निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने स्थानीय राजनीति से आगे बढ़ते हुए विधानसभा की राजनीति में कदम रखा।
वर्ष 2002 में उन्हें बसपा ने खुर्जा विधानसभा सीट से टिकट दिया और वह पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 2007 में उन्होंने इसी सीट से दोबारा जीत दर्ज की। वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद खुर्जा सीट के समीकरण बदल गए और अनिल शर्मा ने शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
भाजपा में शामिल होने के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी
भाजपा में शामिल होने के बाद अनिल शर्मा ने वर्ष 2017 में शिकारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। उन्होंने जीत हासिल की और पहली बार भाजपा विधायक बने। उनकी राजनीतिक सक्रियता और संगठन में पकड़ को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली।
वर्ष 2019 में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने वन, पर्यावरण और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी संभाली। राज्यमंत्री बनने के बाद उनके पैतृक क्षेत्र में समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई थी।
2022 में फिर जीते विधानसभा चुनाव
वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अनिल शर्मा पर भरोसा जताया। उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके साथ ही वह लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर शिकारपुर से विधायक बने।
इस जीत के साथ उनका विधानसभा का राजनीतिक अनुभव और लंबा हो गया। इससे पहले वह बसपा के टिकट पर दो बार खुर्जा से विधायक रह चुके थे। इस तरह वह अपने राजनीतिक जीवन में कुल चार विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे।
2023 से कैंसर से जूझ रहे थे
अनिल शर्मा पिछले लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2023 से वह कैंसर का इलाज करा रहे थे। उनका उपचार दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बीमारी के बावजूद वह अपने राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों में सक्रिय रहे।
बुधवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों में भी शोक की खबर फैल गई।
63 वर्ष की उम्र में हुआ निधन
अनिल शर्मा की उम्र को लेकर शुरुआती खबरों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है। हालांकि उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उनकी जन्मतिथि 26 जून 1963 दर्ज है। इसके आधार पर उनके निधन के समय उनकी उम्र 63 वर्ष थी। विधानसभा रिकॉर्ड में उन्हें शिकारपुर से भाजपा विधायक के रूप में दर्ज किया गया है।
राजनीतिक सफर पर एक नजर
अनिल शर्मा का राजनीतिक सफर करीब चार दशक लंबा रहा। ग्राम प्रधान के रूप में शुरुआत करने के बाद वह विधानसभा तक पहुंचे। उन्होंने पहले बसपा के साथ राजनीतिक पारी खेली और बाद में भाजपा में शामिल होकर शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई।
उनका राजनीतिक सफर इस तरह रहा—
1989: सुरजावली गांव के निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए।
2002: खुर्जा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने।
2007: खुर्जा से दूसरी बार विधायक चुने गए।
2012: शिकारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
2017: भाजपा के टिकट पर शिकारपुर से विधायक चुने गए।
2019: योगी आदित्यनाथ सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री बने।
2022: भाजपा के टिकट पर शिकारपुर से दोबारा विधायक चुने गए।
2026: कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद दिल्ली के अस्पताल में निधन।
बुलंदशहर में शोक की लहर
अनिल शर्मा के निधन की खबर से बुलंदशहर और शिकारपुर क्षेत्र में शोक का माहौल है। भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में गम का माहौल है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र में उनका व्यापक राजनीतिक संपर्क था।
उनके निधन को भाजपा और बुलंदशहर की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके समर्थक और परिचित उन्हें लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले नेता के तौर पर याद कर रहे हैं।
फिलहाल उनके अंतिम संस्कार और पार्थिव शरीर को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे परिवार और स्थानीय प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, उसे अपडेट किया जाएगा।
AIN NEWS 1 की नजर इस खबर से जुड़ी हर महत्वपूर्ण अपडेट पर बनी हुई है।
BJP MLA Anil Sharma, who represented the Shikarpur Assembly constituency in Bulandshahr, Uttar Pradesh, has passed away at the age of 63 after a long battle with cancer. Anil Sharma was a four-time MLA and served as Minister of State for Forest and Environment in the Yogi Adityanath government. His political career began as a village head before he was elected MLA from Khurja twice on a BSP ticket and later represented Shikarpur as a BJP MLA. His death has brought grief across Bulandshahr and among BJP workers and supporters.



















