spot_imgspot_img

इंस्टाग्राम की एक गलती से पकड़ा गया दरिंदा, मुठभेड़ में ढेर हुआ इनामी आरोपी जसीम!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: गाजियाबाद में सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले का अंत पुलिस मुठभेड़ के साथ हुआ। अपनी ही मासूम भांजी के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने के आरोप में फरार चल रहा 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी जसीम उर्फ छोटू आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। यह पूरा घटनाक्रम न सिर्फ अपराध की क्रूरता को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि छोटी सी चूक किस तरह एक शातिर अपराधी को कानून के शिकंजे तक पहुंचा देती है।

कैसे पुलिस के रडार पर आया आरोपी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जसीम काफी चालाक और सतर्क अपराधी था। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बेहद सीमित करता था, ताकि पुलिस उसे ट्रैक न कर सके। कई दिनों तक पुलिस उसके पीछे लगी रही लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग रहा था।

इसी बीच आरोपी ने एक ऐसी गलती कर दी जिसने उसकी सारी चालाकी पर पानी फेर दिया। उसने एक जगह पर जाकर अपनी इंस्टाग्राम आईडी लॉगिन कर ली। यही डिजिटल एक्टिविटी पुलिस के लिए सुराग बन गई। साइबर टीम ने तुरंत उसकी लोकेशन ट्रेस की और पुलिस ने उस इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

जैसे ही पुलिस टीम आरोपी के करीब पहुंची, जसीम ने खुद को घिरा हुआ देखकर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में जसीम को गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया।

इस दौरान दो पुलिसकर्मी—कांस्टेबल अमित और इकबाल—घायल हो गए। वहीं एक अन्य पुलिसकर्मी मोहित शर्मा की जान उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचा ली, जिसमें गोली फंस गई। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा उपकरणों की अहमियत को साबित कर दिया।

ऑपरेशन में शामिल रही कई टीमें

इस पूरे ऑपरेशन को बेहद रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया। इसमें क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में यह कार्रवाई की गई।

टीम में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह, एसीपी क्राइम अमित सक्सेना और स्वाट टीम प्रभारी अनिल राजपूत समेत कई अधिकारी शामिल थे। इसके अलावा टीलामोड़ थाना प्रभारी रवि बालियान और अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी अहम भूमिका निभाई।

फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए सबूत

मुठभेड़ के बाद पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए पुलिस ने अपने हथियार, बुलेटप्रूफ जैकेट और ड्यूटी के दौरान इस्तेमाल किए गए कपड़े फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। यह कदम इस बात को सुनिश्चित करता है कि मुठभेड़ की हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच हो सके।

पहले भी था आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस जांच में सामने आया कि जसीम का आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर पहले भी कई गंभीर आरोप दर्ज थे, जिनमें परिवार के ही सदस्यों पर हमला करना और मारपीट शामिल है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह पहले से ही हिंसक प्रवृत्ति का व्यक्ति था।

दिल दहला देने वाली वारदात

इस पूरे मामले की जड़ में जो अपराध है, वह बेहद दर्दनाक और शर्मनाक है। आरोपी ने अपनी ही सगी भांजी के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था।

लोगों में गुस्सा इतना था कि आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए तेजी से कार्रवाई की और आरोपी पर इनाम घोषित कर दिया।

परिवार ने भी किया किनारा

इस जघन्य अपराध के बाद आरोपी का परिवार भी उससे पूरी तरह किनारा कर चुका था। मुठभेड़ में मारे जाने के बाद जब उसके शव को पैतृक गांव ले जाने की बात आई, तो परिजनों ने साफ इनकार कर दिया।

यह घटना इस बात का संकेत है कि आरोपी के कृत्य इतने घिनौने थे कि उसके अपने लोग भी उसे स्वीकार करने को तैयार नहीं थे।

स्थानीय स्तर पर किया गया अंतिम संस्कार

परिजनों के इनकार के बाद जसीम का अंतिम संस्कार गाजियाबाद के टीलामोड़ क्षेत्र के पसौंडा गांव में ही किया गया। इस दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर निगरानी करते रहे।

इलाके में बना रहा तनाव

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की थी। लोगों में गुस्सा और दुख दोनों साफ नजर आ रहे थे।

हालांकि आरोपी के मारे जाने के बाद लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया।

डिजिटल ट्रेसिंग की अहमियत

यह मामला इस बात का उदाहरण है कि आज के दौर में डिजिटल गतिविधियां अपराधियों के लिए कितनी जोखिम भरी हो सकती हैं। एक छोटी सी ऑनलाइन गतिविधि ने पुलिस को वह सुराग दे दिया, जिसकी उसे तलाश थी।

साइबर टेक्नोलॉजी और पुलिस की सतर्कता ने मिलकर एक खतरनाक अपराधी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।

In a shocking Ghaziabad encounter case, the police tracked down reward criminal Jaseem through a crucial Instagram login activity. The accused, wanted for the brutal rape and murder of his minor niece, was on the run and constantly changing locations to evade arrest. However, cyber tracking helped authorities locate him, leading to a police encounter in which he was killed. This case highlights the importance of digital footprints in modern crime investigation and showcases Ghaziabad police’s swift action against heinous crimes.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
41.1 ° C
41.1 °
41.1 °
20 %
0.9kmh
0 %
Wed
41 °
Thu
43 °
Fri
44 °
Sat
44 °
Sun
44 °
Video thumbnail
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती : “चंपत राय चोर नही हो सकता...”
00:41
Video thumbnail
BJP के डाॅ संबित पात्रा, एक मीटिंग में बिना बुलाए पहुँच गये
02:17
Video thumbnail
Sanjay Singh on Yogi Adityanath & Ram Mandir : "बाबा जी ने SIT बनाई, कहा 500 साल इंतज़ार किया... "
02:35
Video thumbnail
लखनऊ अग्निकांड मामले में निलंबित FSSO कमलेंद्र सिंह ने CM योगी को लिखा पत्र
02:07
Video thumbnail
UP Election 2027 : Mayawati समर्थकों ने Chandrashekhar को बताया फुस, 2027 में कौन जीतेगा Hastinapur?
14:27
Video thumbnail
Shankaracharya Avimukteshwaranand : “मुसलमान गाय को...”, BJP पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद !
06:17
Video thumbnail
NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान; "BRICS कोई आम ग्रुप नहीं है"
01:06
Video thumbnail
राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच पर सपा सांसद अफजाल अंसारी
01:39
Video thumbnail
लखनऊ में अग्नि दुर्घटना पर बोले योगी
01:14
Video thumbnail
UP Election 2027 : मुसलमानों का वोट किसे, मुसलमानो ने छोड़ा Akhilesh Yadav का साथ ? Chandrashekhar
14:54

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related