spot_imgspot_img

दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: केजरीवाल-सिसोदिया के लिए नियुक्त होंगे ‘एमिकस क्यूरी’!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: दिल्ली की राजनीति और चर्चित शराब नीति मामले से जुड़ी एक अहम कानूनी प्रक्रिया में नया मोड़ आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ-साथ उनके सहयोगी दुर्गेश पाठक के लिए वरिष्ठ वकीलों को ‘एमिकस क्यूरी’ (अदालत के मित्र) के रूप में नियुक्त करेगा।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इन नेताओं ने चल रही सुनवाई का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। अदालत ने साफ किया कि न्याय प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।

 क्या है पूरा मामला?

यह मामला दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है।

27 फरवरी को एक ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत नहीं है और वह न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया।

हालांकि, इस फैसले को CBI ने हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद मामला फिर से सुर्खियों में आ गया।

अदालत ने क्यों लिया एमिकस नियुक्त करने का फैसला?

मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच कर रही है।

जब आरोपी पक्ष ने सुनवाई का बहिष्कार किया, तब अदालत के सामने यह सवाल खड़ा हुआ कि बिना उनकी मौजूदगी के सुनवाई कैसे निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़े।

इसी को ध्यान में रखते हुए जस्टिस शर्मा ने कहा कि:

अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि सभी पक्षों का उचित प्रतिनिधित्व हो, भले ही वे स्वयं पेश न हों।

इसी उद्देश्य से वरिष्ठ वकीलों को ‘एमिकस क्यूरी’ के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।

 ‘एमिकस क्यूरी’ क्या होता है?

‘एमिकस क्यूरी’ एक अनुभवी और स्वतंत्र वकील होता है, जो किसी भी पक्ष का प्रतिनिधि नहीं होता, बल्कि अदालत की मदद करता है।

उसकी भूमिका होती है:

कानूनी पहलुओं को स्पष्ट करना

निष्पक्ष सुझाव देना

न्यायालय को सही निर्णय लेने में सहयोग करना

यह नियुक्ति आमतौर पर तब की जाती है जब अदालत को लगता है कि किसी पक्ष की अनुपस्थिति में भी न्याय प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

केजरीवाल और सिसोदिया ने क्यों किया बहिष्कार?

इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब केजरीवाल और सिसोदिया ने अदालत की सुनवाई से दूरी बनाने का फैसला किया।

उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि:

वे अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होंगे

न ही किसी वकील के माध्यम से पेश होंगे

वे इस विरोध को “महात्मा गांधी के सत्याग्रह” के रूप में देख रहे हैं

यह कदम 20 अप्रैल के उस आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने जज से खुद को मामले से अलग करने की मांग की थी।

पक्षपात के आरोप और कोर्ट की प्रतिक्रिया

केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों ने अदालत पर संभावित पक्षपात की आशंका जताई थी।

उनका कहना था कि:

जज के परिवार का संबंध केंद्र सरकार के पैनल से जुड़े वकीलों से है

इस केस में CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल पेश हो रहे हैं

इससे हितों के टकराव (Conflict of Interest) की स्थिति बन सकती है

हालांकि, अदालत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए साफ कहा:

“किसी भी जज को केवल बेबुनियाद आशंकाओं के आधार पर खुद को मामले से अलग नहीं करना चाहिए।”

CBI की अपील और हाई कोर्ट की टिप्पणी

जब CBI ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी, तब हाई कोर्ट ने कुछ अहम टिप्पणियां भी कीं।

अदालत ने कहा कि:

ट्रायल कोर्ट के कुछ निष्कर्ष प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण लगते हैं

मामले की दोबारा गहन समीक्षा जरूरी है

इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने उस आदेश पर भी रोक लगा दी, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी।

आगे क्या होगा?

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने संकेत दिया है कि:

एमिकस क्यूरी की नियुक्ति को लेकर औपचारिक आदेश शुक्रवार को जारी होगा

इसके बाद मामले की नियमित सुनवाई आगे बढ़ेगी

इसका मतलब है कि भले ही आरोपी पक्ष अदालत में मौजूद न हो, लेकिन केस की सुनवाई रुकेगी नहीं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

यह फैसला कई वजहों से अहम माना जा रहा है:

न्यायिक प्रक्रिया को बनाए रखना – अदालत ने यह दिखाया कि कोई भी पक्ष अनुपस्थित हो, फिर भी न्याय प्रक्रिया नहीं रुकेगी।

निष्पक्षता का संदेश – एमिकस क्यूरी की नियुक्ति से अदालत की निष्पक्षता मजबूत होती है।

राजनीतिक और कानूनी संतुलन – यह मामला राजनीति और कानून के बीच संतुलन का उदाहरण बनता जा रहा है।

दिल्ली शराब नीति मामला अब एक नए चरण में पहुंच गया है, जहां अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि न्याय प्रक्रिया किसी के बहिष्कार से प्रभावित नहीं होगी।

एमिकस क्यूरी की नियुक्ति यह सुनिश्चित करेगी कि सभी कानूनी पहलुओं पर गहराई से विचार हो और फैसला पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लिया जाए।

अब सबकी नजरें शुक्रवार के आदेश और आने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

The Delhi High Court has decided to appoint amicus curiae for Arvind Kejriwal and Manish Sisodia in the ongoing liquor policy case after both leaders boycotted the hearing. The case, investigated by the CBI, challenges the trial court’s acquittal order. This development highlights key legal aspects such as judicial fairness, conflict of interest claims, and the role of amicus curiae in ensuring a transparent court process in high-profile Delhi political cases.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
23.3 ° C
23.3 °
23.3 °
73%
6m/s
88%
Sat
23 °
Sun
25 °
Mon
32 °
Tue
35 °
Wed
38 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related