AIN NEWS 1: गाजियाबाद से सामने आए एक सनसनीखेज मामले में खुद को धर्मगुरु बताने वाले एक व्यक्ति पर एक विधवा महिला के साथ बड़ी धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसके बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा वादा किया और इसी बहाने उससे लाखों रुपए और सोने के गहने ठग लिए। अब आरोपी और उसका सहयोगी फरार हैं, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🔍 कैसे शुरू हुई पूरी कहानी
हरियाणा के अंबाला जिले के कालाअंब क्षेत्र में रहने वाली सुनीता (बदला हुआ नाम) के अनुसार, दिसंबर 2025 में उनके इलाके में एक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में एक कथित महामंडलेश्वर और उसका सहयोगी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम से एक दिन पहले दोनों उनके घर पर ही ठहरे थे, जिससे परिवार के साथ उनका संपर्क बढ़ा।
इस दौरान आरोपी ने खुद को एक बड़े धार्मिक और सामाजिक संगठन का संस्थापक बताया और भरोसा जीतने के लिए महिला को अपने संगठन की महिला विंग में पद भी दे दिया। धीरे-धीरे उसने परिवार के साथ नजदीकी बना ली।
💼 सरकारी नौकरी का लालच
महिला का आरोप है कि आरोपी ने दावा किया कि उसका एक करीबी शिष्य दिल्ली में केंद्र सरकार के उच्च पद पर कार्यरत है। उसने कहा कि वह महिला के बेटे को बिना किसी परीक्षा के सीधे मिनिस्ट्री में ASO (Assistant Section Officer) के पद पर नौकरी दिलवा सकता है।
इसके बदले आरोपी ने करीब 10 लाख रुपए की मांग की। बेटे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए महिला ने शुरुआत में 50 हजार रुपए एडवांस दिए। इसके बाद उसने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से उधार लेकर कुल 10 लाख रुपए आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
📄 फर्जी जॉइनिंग लेटर का खेल
जनवरी 2026 में आरोपी ने महिला और उसके बेटे को गाजियाबाद स्थित अपने फ्लैट पर बुलाया। वहां एक बंद लिफाफे में कथित जॉइनिंग लेटर दिया गया, जो देखने में पूरी तरह सरकारी दस्तावेज जैसा लग रहा था।
साथ ही आरोपी के सहयोगी ने कुछ खाली फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए और कहा कि इन्हें एक बड़े अधिकारी से सत्यापित करवाकर जल्द ही जॉइनिंग हो जाएगी। महिला को भरोसा दिलाया गया कि 19 जनवरी तक उसका बेटा नौकरी ज्वाइन कर लेगा।
⏳ टालमटोल और नया बहाना
निर्धारित तारीख गुजर जाने के बाद भी जब कोई जॉइनिंग नहीं हुई, तो आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाना शुरू कर दिया। कभी फाइल अटकी होने की बात कही गई तो कभी उच्च अधिकारियों की मंजूरी का हवाला दिया गया।
मार्च 2026 में आरोपी ने महिला को फिर दिल्ली बुलाया और कहा कि अधिकारियों की ओर से अब 5 लाख रुपए और मांगे जा रहे हैं।
💍 गहने भी उतरवा लिए
जब महिला ने आर्थिक तंगी का हवाला दिया, तो आरोपी ने उससे सोने की अंगूठी, चेन और कान की बालियां तक उतरवा लीं। उसने भरोसा दिलाया कि अगले ही दिन जॉइनिंग हो जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
🚨 आरोपी फरार, सच आया सामने
कुछ समय बाद जब महिला दोबारा गाजियाबाद पहुंची, तो पता चला कि आरोपी और उसका सहयोगी पहले ही फ्लैट छोड़कर फरार हो चुके हैं। वहां से एक संदिग्ध आधार कार्ड भी मिला, जिससे शक और गहरा हो गया।
महिला का कहना है कि जब उसने अपने पैसे और गहनों की मांग की, तो आरोपी ने उसे धमकी दी और कहा कि उसके पास बहुत बड़ा नेटवर्क है, वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।
🕵️♂️ पुलिस जांच में क्या सामने आया
महिला की शिकायत को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) अंबाला को भेजा गया, जहां प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया। जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी और उसके सहयोगी ने सरकारी नौकरी के नाम पर 10.5 लाख रुपए और सोने के गहने ठगे हैं और फर्जी नियुक्ति पत्र दिया।
⚖️ केस दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नारायणगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अब दोनों की तलाश में जुटी है।
स्थानीय पुलिस अधिकारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
📵 संपर्क से बाहर आरोपी
रिपोर्टरों द्वारा आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। एक अन्य नंबर पर संपर्क करने पर व्यक्ति ने खुद को किसी अन्य विभाग का कर्मचारी बताया। व्हाट्सएप मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला।
⚠️ सावधानी जरूरी
यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह कितने सक्रिय हैं। लोगों को बिना परीक्षा या शॉर्टकट के सरकारी नौकरी दिलाने के झांसे में नहीं आना चाहिए।
A major fraud case has emerged from Ghaziabad where a fake religious guru allegedly cheated a widow of ₹10.5 lakh and gold jewelry by promising a government job to her son. The आरोपी provided a fake appointment letter for an ASO position and continued to delay joining with false assurances. This job scam highlights the growing cases of government job fraud in India, where innocent people are targeted through emotional manipulation and fake authority. Police have registered a case and launched an investigation into the Ghaziabad fraud case.


















