AIN NEWS 1 गाजियाबाद: रक्षाबंधन के त्योहार से पहले मिठाइयों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर इलाके में खाद्य विभाग की टीम ने एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी कर करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्लों को नष्ट कराया। अधिकारियों के मुताबिक मौके पर मिठाई तैयार करने और रखने की व्यवस्था बेहद खराब थी। कई कंटेनरों में कीड़े पाए गए, जबकि आसपास मक्खियां भी मंडराती मिलीं।
त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें जिले में लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चला रही हैं। इसी अभियान के तहत भीमनगर में यह कार्रवाई की गई।
शिकायत के बाद खाद्य विभाग की टीम पहुंची
सहायक खाद्य आयुक्त सुरेश कुमार मिश्रा के मुताबिक विभाग को शिकायत मिली थी कि क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर में खाद्य सामग्री का निर्माण साफ-सफाई के मानकों का पालन किए बिना किया जा रहा है।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित प्रतिष्ठान की जांच शुरू की। टीम के पहुंचने के समय वहां बड़ी मात्रा में छेना रसगुल्ला तैयार किया जा रहा था।
जांच के दौरान अधिकारियों को कई स्तर पर लापरवाही दिखाई दी। मिठाई तैयार करने और उसे रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कुछ कंटेनरों में कीड़े पाए गए। इसके अलावा आसपास मक्खियां भी दिखाई दीं। खाद्य सामग्री के निर्माण और भंडारण की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई का फैसला किया।
10 क्विंटल रसगुल्ला कराया गया नष्ट
खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर तैयार करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्ला नष्ट कराया। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में तैयार खाद्य सामग्री को इस स्थिति में बाजार में बिक्री के लिए छोड़ना उचित नहीं था।
विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि खराब स्वच्छता परिस्थितियों में तैयार मिठाई उपभोक्ताओं तक न पहुंचे। खासतौर पर रक्षाबंधन जैसे त्योहार के समय जब बड़ी संख्या में लोग मिठाइयां खरीदते हैं, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
अधिकारियों ने मौके पर खाद्य सामग्री के निर्माण, भंडारण और रखरखाव की स्थिति का भी निरीक्षण किया।
चार नमूने जांच के लिए भेजे गए
कार्रवाई के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के चार नमूने भी लिए। इनमें रसगुल्ला, अरारोट, पनीर और सेफोलाइट से जुड़े नमूने शामिल बताए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
इनकी लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि नष्ट किए गए रसगुल्ले किसी जहरीले पदार्थ से तैयार किए गए थे। खाद्य विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
रसायनों के इस्तेमाल की भी जांच
मौके पर खाद्य पदार्थ तैयार करने में कुछ रसायनों के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्टों में स्टार्च और सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट जैसे पदार्थों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, इनके इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़े अंतिम निष्कर्ष के लिए प्रयोगशाला जांच महत्वपूर्ण होगी। इसलिए इस मामले में लैब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यह अंतर समझना जरूरी है कि किसी खाद्य प्रतिष्ठान पर रसायन मिलने या उनके इस्तेमाल की बात सामने आना और उस खाद्य पदार्थ का स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
लाइसेंस पर भी हो सकती है कार्रवाई
सहायक खाद्य आयुक्त सुरेश कुमार मिश्रा के अनुसार संबंधित प्रतिष्ठान के लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आगे की कार्रवाई जांच और नियमों के उल्लंघन के आधार पर की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से साफ है कि त्योहारों के सीजन में विभाग मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सख्ती बरत रहा है।
खाद्य कारोबारियों के लिए भी यह कार्रवाई एक तरह की चेतावनी है कि मिठाई तैयार करने वाले स्थान पर स्वच्छता, साफ पानी, साफ बर्तन, सुरक्षित भंडारण और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।
त्योहार पर मिठाई खरीदते समय ग्राहक भी रहें सावधान
रक्षाबंधन के दौरान बाजारों में मिठाइयों की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में ग्राहकों को भी खरीदारी करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
खुले में रखी मिठाई, जिस पर लगातार मक्खियां बैठ रही हों, या जिसे गंदे वातावरण में रखा गया हो, उसे खरीदने से बचना बेहतर है। मिठाई की दुकान पर साफ-सफाई की स्थिति, मिठाई की ताजगी और पैकेजिंग की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।
पैक्ड मिठाई खरीदते समय निर्माण और एक्सपायरी की तारीख, बैच नंबर तथा अन्य जरूरी विवरण भी देखे जा सकते हैं। अगर किसी दुकान पर खाद्य पदार्थों की स्थिति संदिग्ध लगे तो इसकी शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से की जा सकती है।
10 क्विंटल मिठाई नष्ट करने की कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण?
गाजियाबाद में हुई यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारों के समय बड़ी संख्या में लोग मिठाई खरीदते हैं। यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान में साफ-सफाई के मानकों की अनदेखी होती है तो वहां तैयार खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इस मामले में खाद्य विभाग ने शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और बड़ी मात्रा में तैयार रसगुल्ले नष्ट कराए। साथ ही नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। अब आगे की कार्रवाई लैब रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर होगी।
इसलिए फिलहाल मामले का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि गाजियाबाद में खाद्य विभाग ने खराब स्वच्छता परिस्थितियों में तैयार करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्ले नष्ट कराए हैं और चार नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
क्या है पूरा मामला?
गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर में खाद्य सामग्री के खराब परिस्थितियों में निर्माण की शिकायत मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी की। मौके पर बड़ी मात्रा में छेना रसगुल्ला तैयार होता मिला। अधिकारियों के निरीक्षण में कंटेनरों में कीड़े और आसपास मक्खियां पाए जाने की बात सामने आई।
स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की स्थिति को देखते हुए करीब 10 क्विंटल रसगुल्ला नष्ट कराया गया। इसके अलावा चार नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रतिष्ठान के लाइसेंस के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण: अभी लैब रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए रसगुल्लों को “जहरीला” या किसी बीमारी का कारण साबित करना सही नहीं होगा। फिलहाल विभागीय कार्रवाई खराब स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आधार पर हुई है। आगे की स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
Ghaziabad Food Safety Department conducted a major food safety raid in Bhimnagar before Raksha Bandhan and destroyed around 10 quintals of chhena rasgulla after officials found poor hygiene, insects and flies at the premises. Four samples, including rasgulla, paneer and other food ingredients, were collected and sent for laboratory testing. The Ghaziabad food department is also initiating further action against the concerned food establishment based on food safety violations and laboratory results.



















