AIN NEWS 1 नई दिल्ली: रक्षाबंधन और आने वाले त्योहारी सीजन से पहले दिल्ली सरकार ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। राजधानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने बाजारों, खाद्य प्रतिष्ठानों और सप्लाई प्वाइंट पर जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के दौरान ओखला सब्जी मंडी में करीब 508 किलो संदिग्ध स्प्यूरियस पनीर मिला, जिसे विभाग ने नष्ट कर दिया। मामले में Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
हालांकि, यहां एक बात स्पष्ट करना जरूरी है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और रिपोर्टों में इस पनीर को “spurious” यानी संदिग्ध/मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाला बताया गया है। इसे लैब रिपोर्ट आने से पहले वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह “मिलावटी” साबित हुआ कहना उचित नहीं होगा। विभाग की आगे की कार्रवाई जांच और परीक्षण के नतीजों पर निर्भर करेगी।
ओखला सब्जी मंडी में 508 किलो पनीर पर कार्रवाई
दिल्ली के खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को ओखला सब्जी मंडी में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर पाया गया। विभाग के अनुसार करीब 508 किलोग्राम पनीर को नष्ट किया गया। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा कानून के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, खोया, मिठाइयों और दूसरे खाद्य उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी बढ़ी हुई मांग को देखते हुए खाद्य विभाग ने बाजारों में निगरानी बढ़ाई है, ताकि घटिया या संदिग्ध खाद्य पदार्थ लोगों तक न पहुंच सकें।
पिछले दो दिनों में लिए गए 22 खाद्य सैंपल
ओखला मंडी की कार्रवाई के अलावा दिल्ली के अलग-अलग जिलों में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें सक्रिय हैं। विभाग ने पिछले दो दिनों में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 22 enforcement samples लिए हैं। इन सभी सैंपलों को निर्धारित प्रयोगशालाओं में विस्तृत जांच के लिए भेजा गया है।
अब इन नमूनों की लैब रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में यदि किसी खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों का उल्लंघन या मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति, निर्माता, सप्लायर या प्रतिष्ठान के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है।
यानी फिलहाल 22 सैंपलों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। विभाग की कार्रवाई का अगला चरण जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- खाद्य सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय दूध से बने उत्पादों, पनीर, मिठाइयों, खाद्य तेल और अन्य खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी जरूरी हो जाती है।
मंत्री के मुताबिक, त्योहार खुशी और उत्सव का समय होते हैं और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिलना चाहिए। सरकार ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
सभी जिलों में बढ़ाई गई निगरानी
दिल्ली सरकार के मुताबिक खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग जिलों में पर्याप्त टीमें तैनात की हैं। इन टीमों का काम खाद्य प्रतिष्ठानों, बाजारों और सप्लाई प्वाइंट की नियमित जांच करना, जरूरत के अनुसार सैंपल लेना और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना है।
आने वाले दिनों में भी इस तरह के निरीक्षण जारी रहने की बात कही गई है। खासकर उन इलाकों और कारोबारियों पर नजर रखी जा रही है जहां त्योहारों के दौरान खाद्य उत्पादों की बिक्री और आपूर्ति बढ़ जाती है।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, पूरी सप्लाई चेन पर नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान केवल बाजार में पहुंच चुके खाद्य पदार्थों की जांच तक सीमित नहीं है। अधिकारियों का जोर खाद्य आपूर्ति की पूरी श्रृंखला पर निगरानी रखने पर है। इसका मतलब है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री के दौरान भी नियमों के पालन पर नजर रखी जाएगी।
इस तरह की निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खराब गुणवत्ता या असुरक्षित खाद्य पदार्थ बाजार तक पहुंचने से पहले ही उनकी पहचान की जा सके।
त्योहारों में पनीर और मिठाइयों की बढ़ती मांग चिंता का कारण
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर घरों में मिठाइयां और दूध से बने खाद्य पदार्थ बड़ी मात्रा में खरीदे जाते हैं। बाजार में मांग बढ़ने के साथ कई बार खाद्य सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी बढ़ जाते हैं। इसी वजह से प्रशासन त्योहारों से पहले विशेष अभियान चलाता है।
दिल्ली में 508 किलो संदिग्ध पनीर को नष्ट किए जाने की कार्रवाई इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। इसके साथ ही अलग-अलग जिलों से लिए गए 22 सैंपलों की जांच भी महत्वपूर्ण है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद यह पता चलेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
रिपोर्ट आने के बाद क्या होगा?
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लिए गए सैंपलों को अधिकृत प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट में यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट, घटिया गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए फिलहाल यह कहना सही होगा कि 508 किलो संदिग्ध पनीर को नष्ट किया गया है और 22 अन्य खाद्य सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इन सैंपलों की अंतिम स्थिति लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण बढ़ने की संभावना है।
लोगों के लिए जरूरी बात
त्योहारों के दौरान पनीर, दूध, मिठाई या अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतनी चाहिए। खुले में रखे, असामान्य गंध वाले या संदिग्ध गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ खरीदने से बचना बेहतर है। पैक्ड उत्पाद खरीदते समय पैकेजिंग, निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख तथा अन्य जरूरी जानकारी भी देखनी चाहिए।
फिलहाल दिल्ली की इस कार्रवाई का सबसे बड़ा अपडेट यही है कि ओखला सब्जी मंडी से करीब 508 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट किया गया है, जबकि 22 खाद्य नमूनों को लैब जांच के लिए भेजा गया है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी।
Delhi Food Safety Department has intensified food safety inspections ahead of Raksha Bandhan 2026. Around 508 kg of suspected spurious paneer was destroyed during an enforcement drive at Okhla Sabzi Mandi, while 22 food samples collected from different districts were sent to designated laboratories for detailed analysis. Further action will be taken under the Food Safety and Standards Act, 2006, based on laboratory test reports. The Delhi government has also increased surveillance of paneer, milk products, sweets, edible oils and other food items during the festive season.



















