AIN NEWS 1 गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश। गाजियाबाद में पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का सिलसिला जारी है। बुधवार देर रात डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने अलग-अलग मामलों में तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में दो चौकी प्रभारी और एक हेड कांस्टेबल शामिल हैं। एक उपनिरीक्षक के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायतें मिलने, जबकि दूसरे चौकी प्रभारी पर जनता की शिकायतों और प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में लापरवाही बरतने के आरोप हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में तैनात एक हेड कांस्टेबल को भी निलंबित किया गया है। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई को पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अवैध वसूली की शिकायतों पर लोहियानगर चौकी प्रभारी निलंबित
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के मुताबिक, सिहानी गेट थाना क्षेत्र की लोहियानगर चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक योगेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ लगातार अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की और कार्रवाई का निर्णय लिया।
योगेश कुमार वर्ष 2015 बैच के उपनिरीक्षक बताए गए हैं। चौकी प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी की जिम्मेदारी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, लोगों की समस्याओं को सुनने और पुलिस व्यवस्था पर जनता का भरोसा कायम रखने की होती है। ऐसे में उनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई।
हालांकि, निलंबन अपने आप में किसी आरोप का अंतिम प्रमाण नहीं होता। मामले में विभागीय जांच के बाद ही आरोपों से संबंधित तथ्यों और संबंधित अधिकारी की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
शिकायतों पर ध्यान नहीं देने के आरोप में संजयनगर चौकी प्रभारी पर कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र की संजयनगर चौकी से संबंधित है। यहां तैनात चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक भूदेव त्यागी को भी निलंबित कर दिया गया है। उन पर लोगों की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्रों पर समुचित ध्यान नहीं देने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप हैं।
पुलिस व्यवस्था में चौकी स्तर पर आने वाली शिकायतें काफी महत्वपूर्ण होती हैं। आमतौर पर स्थानीय विवाद, मारपीट, धमकी, आपसी झगड़े और अन्य समस्याओं को लेकर लोग सबसे पहले संबंधित चौकी या थाने में पहुंचते हैं। ऐसे में शिकायतों पर समय से ध्यान देना और नियमानुसार कार्रवाई करना पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी होती है।
यदि शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं होता, तो पीड़ितों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह की लापरवाही के आरोपों के आधार पर भूदेव त्यागी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
विभागीय जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित प्रार्थना पत्रों पर क्या कार्रवाई की गई, कहीं अनावश्यक देरी तो नहीं हुई और शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के निस्तारण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं।
मधुबन बापूधाम थाने के हेड कांस्टेबल संतराम भी निलंबित
इसी प्रकरण में मधुबन बापूधाम थाने में तैनात हेड कांस्टेबल संतराम को भी निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने उनके खिलाफ भी विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संतराम के खिलाफ लगाए गए आरोपों का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी भूमिका और निलंबन के सटीक आधार को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। विभागीय जांच में संबंधित तथ्यों की पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक ही थाना क्षेत्र से जुड़े चौकी प्रभारी और हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने से पुलिस अधिकारियों की ओर से स्थानीय स्तर पर कामकाज की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्ती बरतने का संकेत मिलता है।
एक सप्ताह में 10 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
गाजियाबाद में हाल के दिनों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तेज हुई है। दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एक सप्ताह के भीतर कुल 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इससे पहले ट्रांस हिंडन क्षेत्र में भी तीन चौकी प्रभारियों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई सामने आई थी। अब सिटी क्षेत्र में तीन और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। अलग-अलग मामलों में की जा रही इन कार्रवाइयों का उद्देश्य पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना और ड्यूटी में लापरवाही या अनियमितताओं की शिकायतों पर जवाबदेही तय करना बताया जा रहा है।
पुलिस विभाग में चौकी प्रभारी की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। चौकी क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, गश्त, शिकायतों की सुनवाई और स्थानीय विवादों की जानकारी जुटाने जैसे कामों में चौकी प्रभारी की अहम जिम्मेदारी होती है। यदि इस स्तर पर लापरवाही की शिकायतें मिलती हैं, तो उसका असर जनता के भरोसे और पुलिस की छवि पर पड़ सकता है।
इसी तरह, हेड कांस्टेबल और अन्य पुलिसकर्मियों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे अपने निर्धारित दायित्वों का पालन करें और शिकायतों से संबंधित मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार काम करें।
जनता की शिकायतों के निस्तारण पर बढ़ा जोर
गाजियाबाद में हुई ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस अधिकारियों के स्तर पर शिकायतों और ड्यूटी से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा रही है। अवैध वसूली की शिकायतें हों या प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में कथित लापरवाही, ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई पुलिस विभाग की जवाबदेही से जुड़ी है।
हालांकि, किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि निर्धारित विभागीय प्रक्रिया के बाद ही मानी जानी चाहिए। निलंबन के बाद जांच में शिकायतों, संबंधित दस्तावेजों और पुलिसकर्मियों के पक्ष का परीक्षण किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
स्थानीय लोगों के लिए भी यह जरूरी है कि वे अपनी शिकायतों की प्राप्ति का प्रमाण रखें और यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होती है, तो नियमानुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराएं।
विभागीय जांच के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल की ओर से की गई ताजा कार्रवाई में लोहियानगर चौकी प्रभारी योगेश कुमार, संजयनगर चौकी प्रभारी भूदेव त्यागी और मधुबन बापूधाम थाने में तैनात हेड कांस्टेबल संतराम को निलंबित किया गया है। योगेश कुमार के मामले में अवैध वसूली की शिकायतें सामने आईं, जबकि भूदेव त्यागी पर प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में लापरवाही बरतने के आरोप हैं।
तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
गाजियाबाद में एक सप्ताह के भीतर 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब पुलिस व्यवस्था में अनुशासन, जनता की शिकायतों के समाधान और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सख्ती पर जोर दिया जा रहा है। अब विभागीय जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
AIN NEWS 1 | गाजियाबाद
Ghaziabad police news: DCP City Dhawal Jaiswal has suspended three police personnel, including Lohia Nagar outpost in-charge Yogesh Kumar, Sanjay Nagar outpost in-charge Bhudev Tyagi, and head constable Santram. The action follows alleged extortion complaints against one officer and allegations of negligence in handling public grievances against another. Departmental inquiries have been ordered. The latest Ghaziabad Police action comes amid reports of disciplinary measures against 10 police personnel within a week, highlighting accountability, police discipline, and the timely resolution of public complaints in Ghaziabad, Uttar Pradesh.



















