AIN NEWS 1: हरदोई में एक बार फिर दहेज प्रथा का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। जिले के टड़ियावां थाना क्षेत्र में एक युवती की शादी उस समय टूट गई, जब तिलक और गोदभराई जैसी रस्में पूरी होने के बाद दूल्हे पक्ष ने कथित तौर पर दहेज की नई मांग रख दी। आरोप है कि कार और सोने की अंगूठियों की मांग पूरी न होने पर युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, युवती पक्ष ने युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धूमधाम से तय हुई थी शादी
पीड़ित परिवार टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। युवती की मां के अनुसार उनकी 19 वर्षीय बेटी का रिश्ता नौरंगपुर निवासी जैनेंद्र गौतम के साथ तय हुआ था। दोनों परिवारों की सहमति से विवाह की बात आगे बढ़ी और शादी की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं।
परिवार ने बताया कि 8 मार्च को तिलक समारोह और 9 मार्च को गोदभराई की रस्म पूरी की गई थी। इसके बाद शादी की तारीख 4 जून निर्धारित की गई। रिश्तेदारी तय होने के बाद दोनों परिवार लगातार संपर्क में थे और विवाह को लेकर सभी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी थीं।
शादी का भरोसा देकर संबंध बनाने का आरोप
युवती पक्ष का आरोप है कि रिश्ता तय होने के बाद युवक और युवती के बीच बातचीत बढ़ी। इसी दौरान युवक ने शादी का भरोसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। परिवार का कहना है कि चूंकि विवाह निश्चित था, इसलिए उन्हें किसी प्रकार की आशंका नहीं हुई।
हालांकि कुछ समय बाद युवक का व्यवहार बदलने लगा। परिवार के अनुसार युवक ने अचानक विवाह से पहले अतिरिक्त मांगें रखनी शुरू कर दीं और दहेज को लेकर दबाव बनाने लगा।
दहेज में कार और सोने की अंगूठियों की मांग
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवक जैनेंद्र गौतम ने शादी से पहले दहेज में एक कार और तीन सोने की अंगूठियों की मांग की। लड़की पक्ष ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इतनी बड़ी मांग पूरी करने में असमर्थता जताई।
इसके बाद कथित तौर पर युवक और उसके परिवार ने शादी से पीछे हटना शुरू कर दिया। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन दूल्हा पक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा। अंततः युवक ने विवाह करने से साफ इनकार कर दिया।
कर्ज लेकर की गई थीं शादी की तैयारियां
पीड़ित परिवार का कहना है कि बेटी की शादी के लिए उन्होंने काफी आर्थिक इंतजाम किए थे। इसके लिए कर्ज तक लेना पड़ा था। शादी में उपयोग होने वाले घरेलू सामान खरीदे गए थे और कई व्यवस्थाओं के लिए अग्रिम भुगतान भी किया जा चुका था।
परिवार ने हलवाई, टेंट, सजावट और अन्य आवश्यक सेवाओं की बुकिंग पहले ही करा दी थी। इसके अलावा विवाह के निमंत्रण पत्र भी छपवाकर रिश्तेदारों और परिचितों में बांटे जा चुके थे।
अचानक शादी टूटने से परिवार को न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि सामाजिक रूप से भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि बेटी और पूरे परिवार को इस घटना से गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
युवती की मां ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
घटना के बाद युवती की मां ने टड़ियावां थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ धोखा किया गया है और दहेज की मांग पूरी न होने पर शादी तोड़ दी गई।
शिकायत में युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में विवाह से इनकार करने का भी आरोप लगाया गया है। परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जैनेंद्र गौतम समेत उसके परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
एफआईआर में जैनेंद्र गौतम, उसके पिता देशराज, भाई रामेंद्र और विवेक, मां सुशीला, परिवार के सदस्य रामचंद्र तथा उसकी बहन को नामजद किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में जुटी
टड़ियावां थाना प्रभारी निरीक्षक इख्तियार हुसैन के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त दहेज प्रथा की गंभीर समस्या को उजागर करती है। कानूनन दहेज लेना और देना दोनों अपराध हैं, इसके बावजूद ऐसे मामले लगातार सामने आते रहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दहेज की मांग के कारण न केवल बेटियों और उनके परिवारों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है, बल्कि कई बार रिश्ते टूटने और मानसिक उत्पीड़न जैसी स्थितियां भी पैदा हो जाती हैं। हरदोई का यह मामला भी इसी कड़वी सच्चाई को सामने लाता है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस मामले में क्या निष्कर्ष निकलता है और आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
A major dowry case has surfaced in Hardoi, Uttar Pradesh, where a groom allegedly refused to marry after the Tilak and Godbharai ceremonies were completed. The bride’s family accused the groom of demanding a car and gold rings as dowry and later backing out of the marriage. The complaint also alleges that the accused established a physical relationship with the woman on the promise of marriage. Following the complaint, Hardoi Police registered an FIR against seven members of the groom’s family and initiated an investigation. The case has once again highlighted the ongoing issue of dowry harassment, marriage fraud, and women’s rights in India.


















