अगर आप विदेश में रह रहे है तो भारतीय लोकसभा चुनाव में क्या वोट डाल सकते हैं? समझें- क्या है नियम?

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AIN NEWS 1: जैसा कि आप जानते है अब भारत में लोकसभा चुनाव का आगाज पूरी तरह से हो चुका है दूसरे चरण के चुनाव होने हैं, ऐसे में एक सवाल हम सभी के मन में उठता है कि आखिर अमेरिका समेत दूसरे देशों में बसे हुए या काम करने वाले भारतीय नागरिक अपनी वोट चुनाव मे डाल सकते हैं या नहीं?

ऐसे मे भारत में होने वाले चुनावों में दूसरे मुल्कों में बसे हुए भारतीयों को वोट डालने का पूरा अधिकार तब तक ही रहता है, जब तक कि उन्होंने भारत की नागरिकता को न छोड़ी हो.

यहां हम आपको बता दें 2010 तक दूसरे देशों में जाकर बसे हुए भारतीय नागरिकों को भारत में वोट डालने का ही अधिकार नहीं था. अभी भी इन्हें वोटिंग का अधिकार तो है, लेकिन उसके लिए एक शर्त भी है. और वो शर्त ये ही है कि वोट डालने के लिए उन्हें अपने पोलिंग बूथ पर आना ही होगा. वैसे तो एनआरआई भी लंबे वक्त से रिमोट वोटिंग की ही मांग कर रहे हैं, ताकि वो भी वहीं से ही भारत में होने वाले किसी भी चुनाव में अपना वोट डाल सकें. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कई सारे लोगो ने याचिकाएं दाखिल की हैं. चुनाव आयोग का भी इसमें कहना है कि जल्द ही इसकी कोई व्यवस्था भी कर दी जाएगी.

क्या होता है NRIs को वोटिंग का अधिकार

यहां हम आपको बता दें 2010 से पहले भी विदेशों में रहने वाले भारतीयों को वोटिंग का अधिकार नहीं था. तब यह नियम था कि अगर कोई भी भारतीय छह महीने से ज्यादा किसी विदेश में रह रहा है, तो उसका नाम भारत की वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा.इसके लिए फॉर्म 6A भरने के बाद ही इसे संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को भी पोस्ट के जरिेए भेज सकते हैं. इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट से ही ऑनलाइन भी आप के द्वारा जमा किया जा सकता है. वेबसाइट पर ही सभी को रजिस्ट्रेशन ऑफिसर का नाम और नंबर भी मिल जाएगा.

इस दौरान वोटर लिस्ट में नाम आने के बाद से NRIs को भी अपना वोट डालने का अधिकार मिल जाता है. वोटिंग वाले दिन भी पोलिंग बूथ पर जाकर अपना वोट डाल सकते हैं. अपने साथ उन्हे पासपोर्ट लेकर जाना जरूरी है.बाद में 2010 में रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट में कुछ संशोधन किया गया था. इसके बाद से NRIs को भी अपना वोटिंग का अधिकार मिल गया.

यह वोटिंग का अधिकार तो मिल गया, लेकिन इसमें एक पेंच भी है. आरपी एक्ट की धारा 20A के मुताबिक, अपना वोट डालने के लिए पोलिंग स्टेशन तक तो आना ही होगा. यानी, NRIs वोट तो डाल सकते हैं, लेकिन अपने पोलिंग बूथ में आकर ही. इस वजह से ज्यादातर NRIs अपना वोट देने से ही वंचित रह जाते हैं.

आपका नाम वोटर लिस्ट में ऐसे जुड़ सकते है 

आप अपनी पढ़ाई, नौकरी या किसी और भी सिलसिले में अगर विदेश में रह रहे है तो भारतीय नागरिक वोटर लिस्ट में अपना नाम आसानी से दर्ज भी करवा सकते हैं. 18 साल से ऊपर का कोई भी NRI फॉर्म अपने द्वारा 6A भरकर ऐसा कर सकता है.

इस फॉर्म को चुनाव आयोग की वेबसाइट से ही डाउनलोड किया जा सकता है. विदेश में भी भारतीय दूतावास से इसे फ्री में भी लिया जा सकता है.लेकिन कोई भी NRI वहीं की वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करवा सकता है, जहां पर भारत में उसका मूल निवास है. मसलन, अगर कोई NRI मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का ही रहने वाला है और उसका घर गोविंदपुरा विधानसभा में पड़ता है, तो यहां को वोटर लिस्ट में ही उसका अपना नाम दर्ज होगा.

जान ले आख़िर ऑनलाइन वोट नहीं डाल सकते क्या?

फिलहाल तो विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए भी ऑनलाइन वोटिंग की सुविधा ही नहीं है. अभी सिर्फ चुनाव ड्यूटी में लगे हुए कर्मचारी, सेना के जवान या फिर विदेशों में काम करने वाले सरकारी किसी अधिकारी को ही इलेक्ट्रॉनिकली या पोस्ट के जरिए अपनी वोट दे सकते हैं. इन्हें सर्विस वोटर्स भी कहा जाता है.

सर्विस वोटर्स इलेक्ट्रॉनिकली ट्रासमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम यानी ETPBS के जरिए ही अपना वोट डालते हैं. ETPBS के जरिए ही सर्विस वोटर को पहले पोस्टल बैलेट को भेज दिया जाता है. उसके बाद सर्विस वोटर इसे आसानी से डाउनलोड कर अपना वोट करते हैं. इसके बाद ही इसे ईमेल के जरिए या पोस्ट के जरिए रिटर्निंग ऑफिसर को वह भेज देते हैं.सूत्रों से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, 2019 के चुनाव में ही कुल 18 लाख से ज्यादा पोस्टल बैलेट भेजे गए थे, जिनमें से कुल 10.84 लाख लोगों ने इन्हें भरकर भी भेजा था. यानी, ETBPS के जरिए लगभग 60 फीसदी से ज्यादा वोट पड़े थे.

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