AIN NEWS 1: गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना का 94वां वायुसेना दिवस पूरे जोश और गौरव के साथ मनाया गया। समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन भारतीय वायुसेना हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान दुनिया ने भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता और एयर डिफेंस ऑपरेशंस को करीब से देखा।
ऑपरेशनल तैयारी ही असली ताकत
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि किसी भी वायुसेना के पास आधुनिक लड़ाकू विमान और अत्याधुनिक तकनीक हो सकती है, लेकिन उसकी वास्तविक ताकत इस बात से तय होती है कि वह किसी अभियान के लिए कितनी तैयार है। उनके मुताबिक जरूरत पड़ने पर तेजी से और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने की क्षमता ही असली सैन्य शक्ति है।
उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और अलग-अलग क्षेत्रों में नए संघर्ष सामने आ रहे हैं। ऐसे माहौल में भारतीय वायुसेना अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को समझते हुए सतर्क, प्रतिबद्ध और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने एकीकृत हवाई अभियानों की ताकत और वायु रक्षा क्षमता को सामने रखा।
एयर चीफ के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान वायुसेना ने जिस गति और तैयारी के साथ अभियान को अंजाम दिया, उससे उसकी क्षमता दुनिया के सामने आई।
हिंडन में शानदार परेड और तिरंगे के साथ हेलिकॉप्टर प्रदर्शन
94वें वायुसेना दिवस समारोह की शुरुआत औपचारिक परेड से हुई। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने परेड की सलामी ली। उनके समारोह स्थल पर पहुंचने के दौरान हेलिकॉप्टरों ने ‘ध्वज’ फॉर्मेशन में फ्लाईपास्ट किया। आसमान में तिरंगे के साथ हेलिकॉप्टरों की उड़ान ने समारोह में मौजूद लोगों में देशभक्ति का जोश भर दिया।
परेड में महिला वायुसेना कर्मियों की टुकड़ी ने भी हिस्सा लिया। कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ती महिला जवानों की टुकड़ी आकर्षण का केंद्र रही। समारोह में मौजूद लोग इस गौरवपूर्ण पल को मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।
राफेल से लेकर तेजस तक हथियारों और विमानों की प्रदर्शनी
हिंडन एयरबेस पर इस अवसर पर वायुसेना की आधुनिक ताकत को प्रदर्शित करने वाली स्थिर प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान प्रदर्शित किए गए। हेलिकॉप्टरों में एलसीएच प्रचंड और एएलएच ध्रुव भी शामिल रहे।
इस बार प्रदर्शनी में हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम भी आकर्षण का केंद्र रहे। रिपोर्टों के मुताबिक, पहली बार ब्रह्मोस मिसाइल को भी इस आयोजन की प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया गया। स्वदेशी तेजस और आकाश सिस्टम ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
तीनों सेनाओं के प्रमुख रहे मौजूद
हिंडन में आयोजित कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के प्रमुखों समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। पूर्व वायुसेना प्रमुख भी समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम ने भारतीय सशस्त्र बलों के बीच तालमेल और देश की सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया।
इस साल की थीम- ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’
94वें वायुसेना दिवस की थीम ‘Indian Air Force – Infallible, Impervious and Precise’, यानी ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ रखी गई है। यह थीम वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारी, मजबूती और सटीक कार्रवाई पर जोर देती है।
वायुसेना प्रमुख ने संकेत दिया कि यह सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि भारतीय वायुसेना की क्षमता और संकल्प को दर्शाता है।
31 अक्टूबर को बदल जाएगा वायुसेना का नेतृत्व
इस वायुसेना दिवस का एक महत्वपूर्ण पहलू नेतृत्व परिवर्तन भी है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारत का अगला वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह 31 अक्टूबर 2026 को वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे। मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह इसी दिन सेवानिवृत्त होंगे।
अपने संबोधन में एपी सिंह ने भी कहा कि इसी महीने वह वायुसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपने जा रहे हैं। उन्होंने देश की सेवा करने वाले वायु योद्धाओं और उन सैनिकों को नमन किया जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
1932 में हुई थी भारतीय वायुसेना की स्थापना
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। इसी वजह से हर साल 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है। शुरुआती दौर में भारतीय वायुसेना का गठन ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था और समय के साथ यह दुनिया की प्रमुख वायु सेनाओं में शामिल हुई।
1945 में इसे ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ का नाम दिया गया था। आजादी के बाद 1950 में भारत के गणराज्य बनने के साथ नाम से ‘रॉयल’ शब्द हटा दिया गया और यह भारतीय वायुसेना के रूप में स्थापित हुई।
94 वर्षों के सफर में वायुसेना ने युद्ध अभियानों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय राहत कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज यह सिर्फ लड़ाकू विमानों की ताकत नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन, एयर डिफेंस, नेटवर्किंग और प्रशिक्षित एयर वॉरियर्स के व्यापक संयोजन पर आधारित बल है।
देश ने एयर वॉरियर्स को किया सलाम
वायुसेना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के शीर्ष नेतृत्व ने एयर वॉरियर्स, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना के साहस और देश के आसमान की रक्षा के लिए उसके समर्पण को सलाम किया।
हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर मनाया गया 94वां वायुसेना दिवस सिर्फ परेड और हवाई करतबों तक सीमित नहीं रहा। इस आयोजन ने भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास, आधुनिक सैन्य क्षमता और भविष्य की चुनौतियों के लिए उसकी तैयारी का संदेश भी दिया। तिरंगे के साथ आसमान में उड़ते हेलिकॉप्टरों और जमीन पर अनुशासित कदमताल करते जवानों ने गाजियाबाद में देशभक्ति का माहौल बना दिया।
Indian Air Force Day 2026 marks the 94th anniversary of the Indian Air Force, with the main celebration held at Hindon Air Force Station in Ghaziabad. Air Chief Marshal Amar Preet Singh highlighted the IAF’s operational readiness and recalled the capabilities demonstrated during Operation Sindoor. The event featured a ceremonial parade, helicopter flypast, aircraft and weapons display including Rafale, Tejas, BrahMos, Su-30 MKI and LCH Prachand, showcasing the strength and modernization of the Indian Air Force.



















