केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: चेतन के क्लासमेट को हिरासत में लेकर पुलिस ने जांच तेज की, पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी
AIN NEWS 1 पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच हर दिन नए खुलासों की ओर बढ़ रही है। पुलिस अब इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर संभावित कड़ी की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और उसकी कथित सहयोगी सिया गोयल से लगातार पूछताछ के बीच अब एक नया नाम जांच के दायरे में आया है।
पुलिस ने चेतन चौधरी के एक क्लासमेट को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस युवक को हत्या की कथित साजिश की पहले से जानकारी हो सकती थी। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसकी भूमिका केवल जानकारी रखने तक सीमित थी या वह किसी अन्य रूप में भी इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा हुआ था।

यह मामला 18 जून को पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर हुई 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत से जुड़ा है। पुलिस का दावा है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी, जिसे अंजाम देने के लिए पहले से योजना बनाई गई थी। इसी एंगल से जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
पुलिस के रडार पर आया चेतन का क्लासमेट
जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य मिले हैं, जिन्होंने इस मामले में एक नए व्यक्ति की भूमिका पर संदेह पैदा किया है। हिरासत में लिया गया युवक महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। वर्तमान में वह पुणे के बालेवाड़ी इलाके में स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मई के अंतिम सप्ताह से लेकर वारदात के दिन तक इस युवक और चेतन चौधरी के बीच लगातार संपर्क बना हुआ था। दोनों के बीच फोन कॉल और अन्य माध्यमों से नियमित बातचीत होने के संकेत मिले हैं। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इन बातचीतों का संबंध सामान्य दोस्ती तक सीमित था या हत्या की कथित साजिश से जुड़ा हुआ था।
हत्या के बाद सबसे पहले इसी दोस्त से मिलने पहुंचा था चेतन
पुलिस को इस युवक पर शक होने का सबसे बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि घटना के बाद चेतन चौधरी सबसे पहले इसी दोस्त के पास पहुंचा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि वारदात के तुरंत बाद किसी व्यक्ति से मिलना और उसके साथ संपर्क बनाए रखना सामान्य बात नहीं मानी जा सकती, इसलिए इस पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि सह-आरोपी सिया गोयल भी घटना के बाद लगातार उसी युवक के संपर्क में थी। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन तीनों के बीच क्या बातचीत हुई और उसका संबंध हत्या से किस प्रकार जुड़ा हो सकता है।
हालांकि, अब तक पुलिस ने इस युवक को आरोपी घोषित नहीं किया है। फिलहाल वह केवल पूछताछ और जांच के दायरे में है।
चेतन और सिया के बयान में लगातार सामने आ रहे विरोधाभास
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं। दोनों पूछताछ के दौरान अलग-अलग घटनाक्रम बता रहे हैं, जिससे जांच और जटिल होती जा रही है।
पुलिस का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सवालों पर दोनों के जवाब अलग हैं। ऐसे में जांच एजेंसी यह तय करने का प्रयास कर रही है कि कौन सच बोल रहा है और कौन तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
इन्हीं विरोधाभासों को देखते हुए पुलिस ने अब वैज्ञानिक जांच की दिशा में कदम बढ़ाया है।
पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी
जांच एजेंसी ने अदालत से अनुमति मिलने के बाद मुख्य आरोपियों का पॉलीग्राफ (Lie Detector) टेस्ट कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह परीक्षण जांच में सामने आए विरोधाभासों को समझने में सहायक हो सकता है। हालांकि, कानून के अनुसार पॉलीग्राफ टेस्ट किसी व्यक्ति की सहमति और न्यायालय की अनुमति के बाद ही कराया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, सिया गोयल ने इस परीक्षण के लिए अपनी सहमति दे दी है। अब पुलिस अदालत से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है। यदि अनुमति मिलती है तो चेतन चौधरी और सिया गोयल दोनों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की जाएगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि पॉलीग्राफ टेस्ट के परिणाम स्वयं अंतिम कानूनी साक्ष्य नहीं माने जाते, लेकिन वे जांच को नई दिशा देने में मदद कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सिया गोयल का वीडियो
इस बीच, सिया गोयल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब पुणे ग्रामीण पुलिस उसे जांच के सिलसिले में उसके मार्केट यार्ड स्थित घर लेकर गई थी।
जांच पूरी होने के बाद जब पुलिस उसे वापस लेकर बाहर निकली तो कैमरों के सामने सिया ने कथित तौर पर मीडिया की ओर मिडिल फिंगर दिखाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स ने सिया के व्यवहार की आलोचना की। कई लोगों ने इसे असंवेदनशील और अहंकारी रवैया बताया।
कुछ यूजर्स का कहना था कि इतने गंभीर मामले में इस तरह का व्यवहार समाज के प्रति गलत संदेश देता है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि वीडियो में उसके चेहरे पर किसी प्रकार का पछतावा दिखाई नहीं दे रहा।
हालांकि, सोशल मीडिया पर व्यक्त की गई प्रतिक्रियाएं लोगों की व्यक्तिगत राय हैं। जांच और न्यायिक प्रक्रिया का अंतिम निर्णय अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 18 जून को 25 वर्षीय केतन अग्रवाल अपने परिचितों के साथ पुणे के ऐतिहासिक लोहगढ़ किले पर गया था। इसी दौरान उसकी पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई।
शुरुआत में घटना को हादसा माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले जिनसे हत्या की आशंका मजबूत हुई।
जांच के आधार पर पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर पहले से हत्या की योजना बनाई और फिर उसे अंजाम दिया।
इसी आरोप के आधार पर दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं।
डिजिटल सबूतों की भी हो रही जांच
पुलिस केवल पूछताछ पर निर्भर नहीं है बल्कि मामले से जुड़े हर डिजिटल साक्ष्य की भी जांच कर रही है। मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), चैट, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की फोरेंसिक जांच जारी है।
जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि वारदात से पहले किन-किन लोगों के बीच संपर्क हुआ, किसने किससे मुलाकात की और घटना के बाद किस प्रकार की गतिविधियां सामने आईं।
इसी जांच के दौरान चेतन चौधरी के क्लासमेट का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और अभी किसी भी नए व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया गया है। हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ के बाद यदि उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा। हर तथ्य की वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से जांच की जा रही है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
जांच पर सभी की नजर
केतन अग्रवाल हत्याकांड अब महाराष्ट्र के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है। हर नए खुलासे के साथ इस केस की गुत्थी और उलझती दिखाई दे रही है।
अब सबकी निगाहें पॉलीग्राफ टेस्ट, डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट और हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ के नतीजों पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इस मामले में और महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक कर सकती हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
The Ketan Agarwal Murder Case has taken a significant new turn after Pune Police detained Chetan Choudhary’s classmate over suspected links to the alleged conspiracy. Investigators are examining digital evidence, call records, and witness statements while continuing to question Siya Goyal and Chetan Choudhary. Authorities are also preparing for a polygraph (lie detector) test, subject to court approval, as conflicting statements have complicated the investigation. Stay updated with the latest developments in the Lohagad Fort murder case, Pune crime news, and the ongoing Maharashtra police investigation.


















