AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक रोड शो को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस रोड शो के दौरान भगवान हनुमान की वेशभूषा धारण किए एक व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर कानूनी शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धार्मिक प्रतीक का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए किया गया, जिससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी अदालत ने आरोपों की पुष्टि नहीं की है और न ही संबंधित एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि किसी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है और जांच की मांग की गई है।

क्या है पूरा मामला?
मामला BJP के एक रोड शो से जुड़ा है, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हुए थे। आरोप है कि रोड शो के दौरान भगवान हनुमान की वेशभूषा पहने एक व्यक्ति को जुलूस के आगे नृत्य कराया गया। इस दृश्य का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया।
इसी घटना को आधार बनाते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता तथा काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन ने चंडीगढ़ के DGP और SSP को ईमेल के माध्यम से विस्तृत शिकायत भेजी है।
शिकायत में क्या लगाए गए आरोप?
एडवोकेट वासु रंजन ने अपनी शिकायत में कहा है कि भगवान हनुमान हिंदू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। उनका पवित्र स्वरूप केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भगवान हनुमान की वेशभूषा का राजनीतिक कार्यक्रम में प्रचारात्मक उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल को चुनावी या राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक प्रतीकों का इस प्रकार उपयोग नहीं करना चाहिए।
उनका यह भी आरोप है कि इस घटना से बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और यह धार्मिक गरिमा के विपरीत है।
FIR दर्ज करने की मांग
शिकायत में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की गई है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने प्रशासन से निम्न मांगें भी रखी हैं—
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
रोड शो से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
भविष्य में धार्मिक प्रतीकों के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
BNS की धारा 299 का किया गया उल्लेख
शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 का भी हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि पहली नजर में यह मामला इसी प्रावधान के अंतर्गत आता है।
धारा 299 उन परिस्थितियों से संबंधित है, जिनमें किसी धर्म, धार्मिक विश्वास या पूजनीय प्रतीक का जानबूझकर अपमान कर लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया जाता है। हालांकि, किसी भी मामले में इस धारा का अंतिम रूप से लागू होना जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करता है।
राजनीति और धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर फिर छिड़ी बहस
इस विवाद के सामने आने के बाद एक बार फिर राजनीतिक कार्यक्रमों में धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर बहस तेज हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में देवी-देवताओं, धार्मिक झांकियों और सांस्कृतिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे बहुधार्मिक देश में राजनीतिक गतिविधियों के दौरान धार्मिक आस्थाओं के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतना आवश्यक है, ताकि किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत न हों।
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
समाचार लिखे जाने तक शिकायत ईमेल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। हालांकि, सार्वजनिक रूप से यह जानकारी सामने नहीं आई है कि शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है या नहीं।
प्रशासन की ओर से भी इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां शिकायत की समीक्षा के बाद क्या निर्णय लेती हैं।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
कानूनी प्रक्रिया क्या कहती है?
किसी भी शिकायत के आधार पर पुलिस पहले उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों की जांच करती है। यदि प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध बनता दिखाई देता है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाती है। दूसरी ओर, यदि पर्याप्त आधार नहीं मिलता, तो पुलिस शिकायत को बंद भी कर सकती है या अतिरिक्त जानकारी मांग सकती है।
इसलिए फिलहाल यह मामला जांच के प्रारंभिक चरण में है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
लखनऊ में BJP के रोड शो को लेकर उठा यह विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। भगवान हनुमान की वेशभूषा के कथित राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है और FIR की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, जबकि मामले में अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर क्या निर्णय लेती हैं और क्या इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है।
A controversy has emerged in Lucknow after a legal complaint alleged that a person dressed as Lord Hanuman was made to perform during a BJP road show, hurting the religious sentiments of Hindus. Advocate Vasu Ranjan has demanded an FIR under BNS Section 299, claiming the sacred image of Lord Hanuman was used for political purposes. The incident has sparked debate over the use of religious symbols in political campaigns and raised questions about legal accountability and respect for religious beliefs in India.


















