spot_imgspot_img

लखनऊ में बड़ा आतंकी साजिश नाकाम: ISI से जुड़े 4 संदिग्ध गिरफ्तार, रेलवे और कई प्रतिष्ठानों को उड़ाने की थी योजना!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते एक संभावित आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। राज्य की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े बताए जा रहे हैं।

🚨 क्या था पूरा मामला?

प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों संदिग्ध लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे सिग्नल बॉक्स को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। यह सिग्नल बॉक्स रेलवे संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, और अगर इसमें विस्फोट होता, तो इससे न सिर्फ रेल यातायात बाधित होता बल्कि बड़े पैमाने पर जनहानि भी हो सकती थी।

ATS अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने हमले की पूरी योजना तैयार कर ली थी और सही समय का इंतजार कर रहे थे। लेकिन खुफिया इनपुट मिलने के बाद एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इन सभी को गिरफ्तार कर लिया।

👤 मुख्य आरोपी और ISI कनेक्शन

गिरफ्तार आरोपियों में सबसे प्रमुख नाम मेरठ निवासी साकिब उर्फ “डेविल” का सामने आया है। यह आरोपी सीधे पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर के संपर्क में था। जांच में खुलासा हुआ है कि साकिब को विदेश से फंडिंग मिल रही थी, जिसका इस्तेमाल वह भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहा था।

इतना ही नहीं, साकिब के जरिए ही इस गिरोह के बाकी तीन सदस्यों तक भी पैसे पहुंचाए जाते थे। यानी यह पूरा नेटवर्क एक संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें फंडिंग, प्लानिंग और रेक्की (जासूसी) सब कुछ शामिल था।

📍 कई शहरों की रेकी, वीडियो भेजे गए

ATS की शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने केवल लखनऊ ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद और मेरठ जैसे शहरों में भी कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी।

इन संदिग्धों ने:

सरकारी और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के वीडियो बनाए

गाड़ियों के बड़े शोरूम की फोटो और फुटेज तैयार की

इन सभी जानकारियों को ISI हैंडलर तक भेजा

यह जानकारी बेहद गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि इससे साफ होता है कि इनका नेटवर्क काफी व्यवस्थित और खतरनाक था।

🔥 बड़े हमले की थी तैयारी

ATS के अनुसार, आरोपियों की योजना सिर्फ रेलवे सिग्नल बॉक्स तक सीमित नहीं थी। वे इससे कहीं बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे थे।

जांच में सामने आया है कि:

गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों को निशाना बनाने की योजना थी

गाड़ियों के शोरूम में आगजनी की तैयारी थी

भीड़भाड़ वाले इलाकों को टारगेट करने की भी आशंका है

अगर यह साजिश सफल हो जाती, तो इसका असर कई शहरों में देखने को मिल सकता था और बड़ी जनहानि हो सकती थी।

🕵️‍♂️ ATS को कैसे मिली सफलता?

सूत्रों के अनुसार, ATS को पहले से इन संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर टीम ने इन लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी।

इसके बाद एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत चारों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

⚖️ आगे क्या कार्रवाई होगी?

ATS अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि:

क्या इस गिरोह में और लोग भी शामिल हैं?

फंडिंग के और क्या स्रोत हैं?

किन-किन जगहों को टारगेट किया जाना था?

इसके अलावा, जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी बड़े आतंकी संगठन से भी है।

🇮🇳 सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी

यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। समय रहते इस साजिश का खुलासा होना यह दर्शाता है कि खुफिया तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और देश की सुरक्षा को लेकर सतर्क है।

हालांकि, यह घटना यह भी संकेत देती है कि बाहरी ताकतें लगातार भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन एजेंसियों की मुस्तैदी से ऐसे प्रयासों को नाकाम किया जा रहा है।

लखनऊ में पकड़े गए इन चार संदिग्धों का मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े खतरे को टालने जैसा है। ISI से जुड़े इस नेटवर्क का खुलासा होना और समय रहते कार्रवाई होना देश की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है।

आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे यह साफ होगा कि यह साजिश कितनी गहरी और व्यापक थी।

The Lucknow terror plot busted by UP ATS highlights a serious security threat involving ISI-linked suspects planning attacks on railway infrastructure, gas trucks, and major showrooms across Lucknow, Ghaziabad, and Meerut. The arrest of Sabik alias Devil, who was directly funded by an ISI handler, reveals a deeper network of cross-border terror funding and reconnaissance activities in India.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
29.1 ° C
29.1 °
29.1 °
84 %
3.1kmh
90 %
Thu
37 °
Fri
38 °
Sat
35 °
Sun
37 °
Mon
34 °
Video thumbnail
Dimple Yadav : "आजम खान जी पर गलत मुकदमों के तहत आज भी अन्याय हो रहा है।"
00:16
Video thumbnail
PGDCA Exam Cheating : राजस्थान के सीकर कॉलेज में सामूहिक नकल!
00:53
Video thumbnail
खड़गे का मोदी-शाह पर निशाना, बोले- सदन में आकर विपक्ष की बात सुननी चाहिए थी
00:50
Video thumbnail
Visuals from Parliament Premises : “56 इंच का छोटा बंदर.. भाग नरेंदर भाग नरेंदर”
00:39
Video thumbnail
अमित शाह का जवाब नहीं आया और वंदे मातरम् के बाद सदन स्थगित
00:11
Video thumbnail
DTP अधिकारी RS Bhatt पर दुकानदार के कर्मचारी से बदसलूकी और धमकी देने के आरोप
01:36
Video thumbnail
JPSC-JSSC Protest का 20वां दिन! 6 छात्र भूख हड़ताल पर, Raghubar Das के अल्टीमेटम से बढ़ा दबाव
02:54
Video thumbnail
UP से Bihar तक बाढ़ का कहर! उफनती नदियां, डूबे घर-गांव, भारी बारिश का अलर्ट
07:40
Video thumbnail
Bhupesh Baghel : “56 इंच का छोटा बंदर बाल नरेंद्र, बाल नरेंद्र”
00:24
Video thumbnail
CM योगी ने रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर ली चुटकी!
00:41

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related