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मेरठ का 100 करोड़ बीमा घोटाला: बेटे ने पैसों के लालच में मां, पिता और पत्नी की ली जान, चौथी पत्नी ने खोली पूरी पोल!

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AIN NEWS 1: पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर हाल ही में एक ऐसे अपराध का गवाह बना, जिसने पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर को हिला दिया। बीमा पॉलिसियों के नाम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़पने की साजिश रचने वाले विशाल सिंघल ने लालच और ऐशो-आराम की चाहत में इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। इस कहानी को और भी भयावह बनाता है यह तथ्य कि विशाल ने पैसे के लिए अपने ही मां, पिता और पत्नी तक की हत्या कर दी।

यह मामला किसी फिल्मी कहानी की तरह लगता है, लेकिन यह वास्तविक घटना है। लंबे समय तक पुलिस ने इन मौतों को सड़क हादसा और बीमारी मानकर केस बंद कर दिए। लेकिन जब चौथी पत्नी और बीमा कंपनियों ने हार नहीं मानी और लगातार शिकायतें कीं, तब जाकर पूरा सच सामने आया।

परिवार और पृष्ठभूमि

विशाल सिंघल का परिवार मेरठ के गंगानगर इलाके में रहता था। उसके पिता मुकेश सिंघल एक साधारण फोटोग्राफी स्टूडियो चलाते थे। परिवार की मासिक आय लगभग 25 हजार रुपये थी। लेकिन अचानक कुछ ही वर्षों में उनके नाम पर 64 से ज्यादा बीमा पॉलिसियां निकल आईं, जिनकी कुल वैल्यू 50 करोड़ रुपये से अधिक थी।

इतना ही नहीं, 2018 से 2023 के बीच इन पॉलिसियों के अलावा लोन लेकर टोयोटा लेजेंडर, निसान मैग्नाइट, ब्रेजा और रॉयल एनफील्ड जैसी महंगी गाड़ियां खरीदी गईं। यह बदलाव बीमा कंपनियों की नजरों में खटका और शक की बुनियाद यहीं से शुरू हुई।

पहली वारदात: मां प्रभा देवी की मौत (2017)

22 जून 2017 को विशाल अपनी मां प्रभा देवी को बाइक से कहीं ले जा रहा था। रास्ते में हापुड़ जिले में एक कथित सड़क हादसा हुआ। एफआईआर में दर्ज किया गया कि किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में प्रभा देवी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि विशाल मामूली चोटों के साथ बच गया।

पुलिस ने इसे साधारण रोड एक्सिडेंट मानकर केस बंद कर दिया। इसी आधार पर विशाल को 25 लाख रुपये का बीमा क्लेम भी मिल गया। लेकिन बाद की जांच में सामने आया कि प्रभा देवी की मौत महज हादसा नहीं बल्कि योजनाबद्ध हत्या थी।

दूसरी वारदात: पत्नी एकता की रहस्यमयी मौत (2022)

2022 में विशाल की पहली पत्नी एकता सिंघल अचानक बीमार पड़ी। उसे उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते मेरठ के एक नामी अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक हफ्ते के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने इसे बीमारी बताकर मामला खत्म कर दिया।

लेकिन बाद में जब इंश्योरेंस कंपनियों और पुलिस ने गहराई से जांच की, तो पता चला कि एकता की मौत सामान्य बीमारी से नहीं हुई थी। उसकी मौत भी एक सोची-समझी साजिश थी। इस मौत के बाद विशाल ने बीमा कंपनी से 80 लाख रुपये का क्लेम ले लिया.

तीसरी वारदात: पिता की मौत (2025)

1 अप्रैल 2025 को विशाल ने अपने पिता मुकेश सिंघल को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। अगले ही दिन उनकी मौत हो गई। विशाल ने दावा किया कि उनके पिता सड़क हादसे में घायल हुए थे और सिर पर गहरी चोटें आई थीं।

लेकिन जब पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट की गहराई से जांच हुई तो यह साफ हो गया कि मौत स्वाभाविक नहीं थी। इस बार भी विशाल ने पहले ही दो पॉलिसियों का क्लेम लेकर 50 लाख रुपये हासिल कर लिए थे। बाकी 50 करोड़ से ज्यादा की रकम प्रोसेस में थी।

चौथी पत्नी का खुलासा (2024–2025)

फरवरी 2024 में विशाल ने चौथी शादी की। नई पत्नी को जल्द ही शक हो गया कि कुछ गड़बड़ है। उसने पाया कि विशाल ने उससे कई बातें छुपाई हैं—सबसे बड़ी बात यह कि वह उसकी चौथी पत्नी है।

उसने देखा कि विशाल बार-बार बीमा पॉलिसियों और पैसों की बातें करता है। उसने खुद बताया कि उसके पिता कैंसर से मरने वाले हैं और उनकी 3 करोड़ की पॉलिसी है। उसने अपनी पत्नी पर दबाव बनाया कि वह पिता की मौत में उसका सहयोग करे।

जब पत्नी ने इनकार किया तो विशाल ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। यहां तक कि उसने उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ने की कोशिश की। किसी तरह महिला मायके वालों की मदद से बच निकली और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की। लेकिन मेरठ पुलिस ने इसे बार-बार “फैमिली मैटर” कहकर टाल दिया।

पुलिस और बीमा कंपनियों की भूमिका

इस केस की सबसे चौंकाने वाली बात रही पुलिस की लापरवाही। हापुड़ पुलिस ने मां की मौत वाले केस को कभी गंभीरता से नहीं लिया। मेरठ पुलिस ने भी चौथी पत्नी और बीमा कंपनियों की शिकायतों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया।

18 दिसंबर 2024 को आठ अलग-अलग बीमा कंपनियों ने मेरठ एसएसपी को पत्र भेजा। इसमें लिखा गया था कि विशाल ने अपने पिता के नाम पर 70 करोड़ से अधिक की पॉलिसियां करा रखी हैं और संदिग्ध परिस्थितियों में क्लेम कर रहा है। लेकिन मेरठ पुलिस ने इस पत्र को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया।

संभल की ASP अनुकृति शर्मा की जांच

आखिरकार यह केस संभल जिले की अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुकृति शर्मा तक पहुंचा। उन्होंने बीमा कंपनियों से जानकारी ली, मेडिकल रिपोर्ट्स और पुराने केस की फाइलें मंगाईं, और गहराई से जांच शुरू की।

कड़ी पूछताछ के बाद विशाल ने आखिरकार अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने माना कि उसने अपनी मां के सिर पर भारी वस्तु से वार किया, पत्नी और पिता का गला दबाकर उनकी हत्या की।

सहयोगी सतीश कुमार की भूमिका

विशाल इस पूरे खेल में अकेला नहीं था। उसका साथी सतीश कुमार भी इसमें शामिल था, जिसकी मेरठ में लेडीज टेलर्स की दुकान है। दोनों ने मिलकर बीमा कंपनियों को चूना लगाने की योजना बनाई थी। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में हैं।

लालच का खौफनाक चेहरा

यह केस सिर्फ बीमा फ्रॉड का मामला नहीं, बल्कि लालच किस हद तक इंसान को अंधा कर सकता है, इसका उदाहरण है। एक बेटा जिसने अपने ही मां-बाप और पत्नी की जान ले ली, सिर्फ पैसों और ऐशो-आराम की जिंदगी के लिए।

अगर चौथी पत्नी साहस नहीं दिखाती और बीमा कंपनियां लगातार दबाव नहीं बनातीं, तो शायद यह सच्चाई कभी सामने नहीं आती।

In a shocking insurance fraud case from Meerut, Uttar Pradesh, a man named Vishal Singhal killed his own parents and wife to claim over 100 crore worth of insurance policies. The horrifying scam went unnoticed for years as the deaths were disguised as accidents and illnesses. The case finally came to light when his fourth wife exposed the truth, leading to a detailed investigation by ASP Anukriti Sharma. This insurance fraud and murder case highlights one of the most chilling financial crimes in India.

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