AIN NEWS 1: मेरठ में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर निलंबित की गईं महिला सब-इंस्पेक्टर अनु कॉलिस ने अब पहली बार खुलकर अपना पक्ष सामने रखा है। निलंबन के करीब एक सप्ताह बाद सोशल मीडिया लाइव के जरिए अनु कॉलिस ने वायरल वीडियो से जुड़े आरोपों पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद ने उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर पर उनकी छवि और करियर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
अनु कॉलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो और उससे जुड़े दावों को जिस तरह पेश किया गया, उससे वास्तविक स्थिति अलग है। उन्होंने कई आरोपों को गलत बताया और कहा कि मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आनी चाहिए।
16 अगस्त को हुआ था निलंबन
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर अनु कॉलिस से जुड़ा एक कथित आपत्तिजनक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद मेरठ पुलिस विभाग ने 16 अगस्त 2026 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

पुलिस की ओर से बताया गया था कि कार्रवाई विभाग की सोशल मीडिया नीति और पुलिस आचरण से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की विभागीय जांच भी शुरू की गई है। साइबर सेल को वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया था कि सामने आए विवादित वीडियो में अनु कॉलिस को वर्दी में नहीं देखा गया।
लाइव आकर अनु कॉलिस ने क्या कहा?
निलंबन के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं अनु कॉलिस ने अपने लाइव वीडियो में कहा कि वह कई दिनों से मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर लगातार हो रही चर्चा ने उनकी निजी जिंदगी और पेशेवर करियर को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी तक पहुंचने के लिए उन्होंने वर्षों तक मेहनत की। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट के बाद उनकी वर्षों की मेहनत पर सवाल खड़े हो गए।
अनु ने यह भी कहा कि वह अपने कमरे में रहने को मजबूर हैं और पूरे मामले के कारण बेहद परेशान हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लाइव के दौरान उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई और खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार आने की बात भी कही।
ऐसे बयानों के बीच यह बात बेहद महत्वपूर्ण है कि मामले से जुड़े किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच का इंतजार किया जाए।
जिस फ्रॉक को लेकर विवाद, उसी पर दी सफाई
अनु कॉलिस ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रही ड्रेस को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस फ्रॉक को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसे वह अपनी मां के साथ मॉल से खरीदकर लाई थीं।
अनु का कहना है कि यह उनके निजी कपड़ों में से एक है और उनके परिवार को इसे पहनने पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके परिवार को इस ड्रेस से कोई समस्या नहीं है, तो सोशल मीडिया पर दूसरे लोग उनके कपड़ों को लेकर सवाल क्यों उठा रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, लाइव के दौरान अनु ने वही फ्रॉक पहनकर अपना पक्ष रखा, जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ था। उन्होंने इसे अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने का तरीका बताया।
अमित किल्होर पर लगाए गंभीर आरोप
अनु कॉलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर का नाम लेते हुए कहा कि उनके वीडियो और पोस्ट के बाद यह मामला तेजी से फैला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बारे में बिना पूरी जानकारी के बातें कही गईं और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा तथा नौकरी पर असर पड़ा।
दूसरी ओर, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अमित किल्होर की ओर से भी अनु कॉलिस को लेकर कई आरोप लगाए गए थे। इनमें कथित आपत्तिजनक कंटेंट, सोशल मीडिया गतिविधियों और वीडियो में दिखाई देने वाले QR कोड से जुड़े सवाल शामिल थे। इन दावों पर अनु कॉलिस ने अपनी सफाई दी है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि दोनों पक्षों की ओर से सामने आए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। किसी आरोप को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
QR कोड को लेकर भी सामने आया विवाद
इस मामले में वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले QR कोड को लेकर भी सवाल उठे थे। शुरुआती पुलिस कार्रवाई की खबरों में भी QR कोड को लेकर उठे सवालों का उल्लेख किया गया था। इसी वजह से सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच का मामला और गंभीर हो गया।
अनु कॉलिस ने अपने लाइव में QR कोड को लेकर भी सफाई दी और दावा किया कि उसे जिस तरह से बैंक खाते या फंडिंग से जोड़कर बताया जा रहा है, वह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भी वास्तविक तथ्य जांच के बाद स्पष्ट होने चाहिए।
क्या वीडियो के साथ छेड़छाड़ हुई? जांच में सामने आएगा सच
पूरे विवाद का सबसे अहम पहलू वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसके संदर्भ से जुड़ा है। पुलिस की ओर से साइबर सेल को वीडियो की प्रामाणिकता समेत अन्य तथ्यों की जांच के लिए लगाया गया है।
सोशल मीडिया पर किसी वीडियो का वायरल होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उससे जुड़े सभी दावे सही हैं। वीडियो कब बनाया गया, किस संदर्भ में बनाया गया, उसमें किसी तरह की एडिटिंग हुई या नहीं और उसे सोशल मीडिया पर किस तरीके से पेश किया गया—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
अनु कॉलिस कौन हैं?
अनु कॉलिस 2023 बैच की उत्तर प्रदेश पुलिस की सब-इंस्पेक्टर बताई जाती हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं। मेरठ में वह रोहटा थाना और ब्रह्मपुरी थाने के अलावा एसएसपी कार्यालय में भी तैनात रह चुकी हैं। निलंबन से पहले उनकी तैनाती पुलिस विभाग से जुड़ी थी।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल इस पूरे मामले में विभागीय जांच चल रही है। जांच में वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट, QR कोड से जुड़े दावे और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनु कॉलिस ने विभागीय सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन किया था या नहीं और वायरल वीडियो से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।
इस मामले में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने आ चुके हैं। एक ओर पुलिस की कार्रवाई और विभागीय जांच है, वहीं दूसरी ओर निलंबित दरोगा अनु कॉलिस ने अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती देते हुए अपना पक्ष रखा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बजाय आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना ही सबसे उचित होगा।
AIN NEWS 1 की अपील: सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति से जुड़ा निजी या विवादित वीडियो मिलने पर उसे बिना सत्यापन के आगे शेयर न करें। किसी वायरल पोस्ट को सच मानने से पहले उसके स्रोत और आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
Meerut SI Anu Kolis viral reel controversy has taken a new turn after the suspended UP Police Sub-Inspector Anu Kolis appeared on social media live and responded to allegations linked to a viral video. Anu Kolis denied several claims and accused social media influencer Amit Kilhor of damaging her reputation and career. She also explained the controversy surrounding her dress and the QR code shown in the video. The Meerut Police department has ordered a departmental inquiry, while the Cyber Cell is examining the authenticity and other facts related to the viral video. The final outcome will depend on the ongoing investigation.



















