AIN NEWS 1 गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 नवंबर 2026 को गाजियाबाद पहुंचेंगे। यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में मुख्यमंत्री शामिल होंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस बड़े राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर पार्टी संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम में गाजियाबाद के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के पहुंचने की संभावना है।
भाजपा की इस पदयात्रा का आयोजन राजनगर एक्सटेंशन में किया जाएगा। पार्टी ने इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी के कारण यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनगर एक्सटेंशन में होगी पदयात्रा, तैयारियों में जुटे भाजपा कार्यकर्ता
भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री अशोक मोंगा ने जानकारी दी है कि 5 नवंबर को पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा गाजियाबाद में आयोजित होगी और इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए राजनगर एक्सटेंशन का चयन किया गया है।
राजनगर एक्सटेंशन में खुले स्थान की उपलब्धता को देखते हुए यहां आयोजन की तैयारी की जा रही है। हालांकि, कार्यक्रम का सटीक प्रारंभिक स्थल और पदयात्रा का पूरा रूट तय किए जाने की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई थी। इसलिए अंतिम रूट और समय को लेकर प्रशासन या पार्टी की आधिकारिक सूचना का इंतजार रहेगा।
भाजपा के गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल के मुताबिक, कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी संगठन स्थानीय स्तर पर तैयारियों की निगरानी कर रहा है, ताकि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
हर पदयात्रा में 25 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य
भाजपा ने इस अभियान को केवल एक शहर तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालने की योजना बनाई है। इन कार्यक्रमों में प्रत्येक स्थान पर कम से कम 25 हजार कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस हिसाब से छह क्षेत्रों में करीब डेढ़ लाख या उससे अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ने की तैयारी है। यह भाजपा का निर्धारित लक्ष्य है, वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा नहीं।
गाजियाबाद में होने वाली पदयात्रा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी के स्थानीय और क्षेत्रीय पदाधिकारी इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगातार संपर्क और समन्वय कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के छह क्षेत्रों में कब और कहां होंगी पदयात्राएं?
भाजपा ने 3 नवंबर से 5 नवंबर तक प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में कार्यक्रम निर्धारित किए हैं। इनमें वरिष्ठ केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेता शामिल होंगे।
कार्यक्रम का घोषित विवरण इस प्रकार है:
– 3 नवंबर 2026 – लखनऊ: अवध क्षेत्र की पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे।
– 3 नवंबर 2026 – बरेली: ब्रज क्षेत्र की पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा शामिल होंगे।
– 4 नवंबर 2026 – गोरखपुर: गोरखपुर क्षेत्र की पदयात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी शामिल होंगे।
– 4 नवंबर 2026 – प्रयागराज: काशी क्षेत्र की पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भाग लेंगे।
– 4 नवंबर 2026 – कानपुर: कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शामिल होंगे।
– 5 नवंबर 2026 – गाजियाबाद: पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे।
इन छह कार्यक्रमों के माध्यम से भाजपा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ राजनीतिक और संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
आखिर भाजपा क्यों निकाल रही है ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा?
भाजपा के इस अभियान के पीछे मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। पिछले कुछ समय से देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
कांग्रेस सहित विपक्षी दल चुनाव आयोग और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं भाजपा विपक्ष के इन आरोपों को राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश बताती रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। पार्टी इस पदयात्रा के माध्यम से विपक्ष के आरोपों का जवाब जनता के बीच जाकर देने की कोशिश करेगी।
भाजपा के प्रदेश सह-प्रभारी अनंत ओझा ने गाजियाबाद में हुई क्षेत्रीय संगठनात्मक बैठक के दौरान कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर एसआईआर के मुद्दे पर भ्रम फैलाने के आरोप लगाए थे। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनसंपर्क, सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाएं।
यह भाजपा का राजनीतिक पक्ष है, जबकि एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियां अलग हैं।
दिल्ली की रैली के बाद भाजपा का जवाबी राजनीतिक अभियान
इस पदयात्रा का समय भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इंडिया गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर रैली आयोजित की थी।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं। कांग्रेस ने अपने अभियान को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नाम दिया है।
दूसरी ओर भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के माध्यम से विपक्ष के राजनीतिक आरोपों का जवाब देने की रणनीति अपनाई है।
इस तरह उत्तर प्रदेश में होने वाली छह पदयात्राओं को भाजपा के व्यापक राजनीतिक संपर्क अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ आम लोगों तक अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाया जाए।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जुड़ा है अभियान
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा की ओर से संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पदयात्राओं के अलावा पार्टी ने युवा सम्मेलनों, किसान संपर्क कार्यक्रमों और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद बढ़ाने की योजना बनाई है।
भाजपा संगठन की रणनीति में बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं की पहचान, नए मतदाताओं से संपर्क और विभिन्न सामाजिक वर्गों को पार्टी से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
गाजियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी इस अभियान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना सकती है।
गाजियाबाद में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री के आगमन और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
राजनगर एक्सटेंशन और आसपास के मार्गों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। हालांकि, अभी तक पदयात्रा के सटीक रूट और ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर विस्तृत आधिकारिक आदेश की पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों और स्थानीय वाहन चालकों को गाजियाबाद पुलिस की ओर से जारी होने वाली ट्रैफिक एडवाइजरी पर नजर रखनी चाहिए।
5 नवंबर को गाजियाबाद में दिखेगी भाजपा की संगठनात्मक ताकत
कुल मिलाकर 5 नवंबर को राजनगर एक्सटेंशन में होने वाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा गाजियाबाद के लिए एक बड़ा राजनीतिक आयोजन होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भागीदारी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं की संभावित मौजूदगी इसे खास बना रही है।
भाजपा ने इस अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने, संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की रणनीति बनाई है।
अब सभी की नजरें 5 नवंबर के कार्यक्रम पर रहेंगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पदयात्रा के दौरान जनता को क्या संदेश देते हैं और इस आयोजन में कितनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होते हैं।
AIN NEWS 1 की नजर इस कार्यक्रम से जुड़ी हर महत्वपूर्ण अपडेट पर बनी रहेगी।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath is scheduled to visit Ghaziabad on November 5, 2026, to participate in the BJP’s Loktantra Bachao Arajakta Hatao padyatra at Raj Nagar Extension. The Ghaziabad BJP padyatra is part of a major political mobilisation campaign being organised across six regions of Uttar Pradesh. The campaign aims to strengthen the BJP organisation, engage party workers, address political issues surrounding the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls, and prepare for the 2027 Uttar Pradesh Assembly Elections. Stay updated with the latest Ghaziabad news, Yogi Adityanath news and Uttar Pradesh political developments.



















