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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर 21 केस होने का दावा कितना सच? पढ़िए फैक्ट चेक रिपोर्ट!

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AIN NEWS 1: प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिगों से जुड़े यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज होने के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस बीच, जिस व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई — आशुतोष महाराज उर्फ आशुतोष पांडेय — को लेकर सोशल मीडिया पर कई गंभीर दावे वायरल हो रहे हैं।

इन दावों में कहा जा रहा है कि आशुतोष महाराज खुद एक हिस्ट्रीशीटर हैं और उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के शामली जिले में 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वायरल पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि उन पर रेप, गोवध, गैंगस्टर एक्ट, आईटी एक्ट, धोखाधड़ी और मारपीट जैसे संगीन आरोपों में केस दर्ज हैं।

 क्या हैं वायरल दावे?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और कुछ वॉट्सऐप ग्रुप्स में यह जानकारी तेजी से शेयर की जा रही है कि:

आशुतोष महाराज का असली नाम आशुतोष पांडेय है

वे शामली जिले के कांधला कस्बे के रहने वाले हैं

उनके खिलाफ थाना कांधला में हिस्ट्रीशीट नंबर 76A खुली हुई है

अलग-अलग मामलों में उन पर 21 मुकदमे दर्ज हैं

कई मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है

इन दावों के साथ 2012 की कुछ कथित अखबारों की कतरनें और एक पुलिस दस्तावेज भी सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है, जिसमें उन्हें हिस्ट्रीशीटर बताया गया है।

दस्तावेजों की सच्चाई क्या है?

फैक्ट चेक के दौरान यह सामने आया कि:

वायरल हो रही अखबारों की कतरनों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है

शेयर किया जा रहा पुलिस दस्तावेज आधिकारिक वेबसाइट या किसी सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है

इस संबंध में न तो शामली पुलिस और न ही उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है

यानी, जिन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर आशुतोष महाराज पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, वे फिलहाल सिर्फ सोशल मीडिया सर्कुलेशन तक ही सीमित हैं।

पुलिस रिकॉर्ड में क्या है?

अब तक:

उत्तर प्रदेश पुलिस

शामली जिला प्रशासन

या किसी अन्य सरकारी एजेंसी

की ओर से यह पुष्टि नहीं की गई है कि आशुतोष महाराज:

✔️ हिस्ट्रीशीटर हैं

✔️ उनके खिलाफ 21 FIR दर्ज हैं

✔️ वे किसी रेप या गोवध जैसे मामले में आरोपी हैं

जब तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इन्हें सत्य मानना या प्रकाशित करना भ्रामक हो सकता है।

कानून क्या कहता है?

भारतीय कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति को तब तक अपराधी नहीं माना जा सकता जब तक:

कोर्ट द्वारा दोष सिद्ध न हो जाए

या पुलिस रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न हो

ऐसे में बिना सत्यापन के किसी को हिस्ट्रीशीटर या गंभीर मामलों का आरोपी बताना कानूनी रूप से विवाद का कारण बन सकता है।

 क्या ये दावे सही हैं?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर:

दावा

स्थिति

21 FIR दर्ज

अप्रमाणित

हिस्ट्रीशीटर HS-76A

आधिकारिक पुष्टि नहीं

रेप/गोवध के केस

सत्यापन नहीं

वायरल पुलिस दस्तावेज

संदिग्ध

2012 अखबार कतरनें

पुष्टि लंबित

सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे कि शंकराचार्य के खिलाफ FIR कराने वाले आशुतोष महाराज खुद कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी हैं — इनकी अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

इसलिए, इन वायरल सूचनाओं को फिलहाल अप्रमाणित माना जाना चाहिए।

This fact check report examines the viral claims circulating on social media about Ashutosh Maharaj, who filed an FIR against Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswati. Several posts allege that Ashutosh Maharaj, also known as Ashutosh Pandey, is a history-sheeter with 21 FIRs registered against him under serious charges like rape, cow slaughter, gangster act and IT Act in Shamli district of Uttar Pradesh. However, no official confirmation has been issued by UP Police regarding these allegations so far. This report separates facts from viral misinformation in the ongoing Shankaracharya controversy.

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