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कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शक्ति प्रदर्शन: अभिजीत दीपके बोले- “हम कीड़े-मकोड़े सही, लेकिन अपने अधिकारों के लिए लड़ना जानते हैं”!

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AIN NEWS 1 नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हजारों छात्र, युवा और विभिन्न राज्यों से आए समर्थक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की जरूरत है, लेकिन राजनीतिक दल लगातार धार्मिक और जातीय मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने मंच से कहा कि हिंदू-मुसलमान की राजनीति करने से नौकरियां नहीं मिलतीं और न ही युवाओं का भविष्य सुरक्षित होता है। देश के युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षाओं की आवश्यकता है।

अमेरिका से लौटते ही जंतर-मंतर पहुंचे अभिजीत

अभिजीत दीपके शनिवार सुबह करीब 7:45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनके समर्थकों ने उनका स्वागत किया। वहां से वे सीधे जंतर-मंतर पहुंचे, जहां पहले से ही बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्रित थे।

करीब 10:30 बजे वे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और दोपहर 12 बजे मंच से संबोधित किया। उनके भाषण के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए नारे लगाए।

“सरकार पोस्ट हटा सकती है, हमें नहीं”

अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने कहा कि भारत लौटते समय उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे यह उनकी स्वतंत्रता के आखिरी क्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सोशल मीडिया पोस्ट हटवा सकती है, अकाउंट बंद करवा सकती है, लेकिन विचारों को खत्म नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यदि युवा अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर रहे हैं तो यह लोकतंत्र की ताकत है, कमजोरी नहीं।

“हम कीड़े-मकोड़े हो सकते हैं, लेकिन जिंदा हैं”

अभिजीत दीपके का सबसे चर्चित बयान तब सामने आया जब उन्होंने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि धरना, प्रदर्शन और आंदोलन से क्या हासिल होता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आंदोलनों से यह साबित होता है कि जनता अभी भी जीवित है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की क्षमता रखती है।

उनके अनुसार यदि सरकार आम लोगों को कीड़े-मकोड़े समझती है, तब भी वे अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करने में सक्षम हैं।

हजारों युवाओं की मौजूदगी ने खींचा ध्यान

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा और अभिभावक शामिल हुए। कई बुजुर्ग भी अपने बच्चों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। उनका आरोप है कि वर्षों की मेहनत के बाद भी युवाओं को निष्पक्ष अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

विरोध के बीच एक अजीब घटना

प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति कथित तौर पर कॉकरोच मारने वाले स्प्रे और उपकरण के साथ विरोध जताने पहुंच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया।

इस घटना ने कुछ देर के लिए माहौल गर्म कर दिया, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई।

सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा समर्थन

कॉकरोच जनता पार्टी का प्रभाव केवल मैदान तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर भी पार्टी को तेजी से समर्थन मिल रहा है।

दोपहर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 2.22 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स दर्ज किए गए। बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटों में ही लगभग एक लाख नए फॉलोअर्स जुड़े हैं।

वहीं एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पार्टी के करीब 2.62 लाख फॉलोअर्स हैं।

तुलनात्मक रूप से इंस्टाग्राम पर पार्टी के फॉलोअर्स कई स्थापित राजनीतिक दलों से अधिक बताए जा रहे हैं, जिसने राजनीतिक विश्लेषकों का भी ध्यान आकर्षित किया है।

क्या राजनीतिक पार्टी बनेगी CJP?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कॉकरोच जनता पार्टी भविष्य में औपचारिक राजनीतिक दल का रूप लेगी या केवल जनआंदोलन के रूप में सक्रिय रहेगी।

हालांकि सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता और युवाओं के बीच समर्थन को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई जनआंदोलन लगातार जनता के मुद्दों को उठाता है और उसे व्यापक समर्थन मिलता है, तो वह आगे चलकर राजनीतिक दल का रूप भी ले सकता है।

आंदोलन से राजनीति तक का सफर: पुराने उदाहरण

भारतीय राजनीति में कई ऐसी पार्टियां रही हैं जिनकी शुरुआत किसी जनआंदोलन से हुई और बाद में वे सत्ता तक पहुंचीं।

आम आदमी पार्टी (AAP)

वर्ष 2011 में भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल आंदोलन से निकले राजनीतिक विमर्श ने 2012 में आम आदमी पार्टी के गठन का रास्ता तैयार किया। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने दिल्ली की राजनीति में तेजी से जगह बनाई और सरकार बनाने में सफल रही।

तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS)

अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर चले लंबे आंदोलन के बाद 2001 में तेलंगाना राष्ट्र समिति का गठन हुआ। 2014 में तेलंगाना राज्य बनने के बाद पार्टी सत्ता में आई और के. चंद्रशेखर राव मुख्यमंत्री बने।

असम गण परिषद (AGP)

अवैध प्रवासियों के मुद्दे को लेकर असम आंदोलन से उभरी असम गण परिषद ने 1985 में राजनीतिक दल का रूप लिया और बाद में राज्य की सत्ता तक पहुंची।

युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित रहा प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन का मुख्य फोकस शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल रहे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि उन समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना है जिनका सामना देश का युवा वर्ग कर रहा है।

अब देखना होगा कि यह आंदोलन आने वाले समय में केवल सामाजिक अभियान बना रहता है या भारतीय राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में उभरता है।

The Cockroach Janata Party (CJP), led by Abhijeet Deepke, organized a major protest at Jantar Mantar in New Delhi against the NEET paper leak, examination irregularities, unemployment, and education system failures. Thousands of students and young supporters participated in the demonstration, demanding transparency in government recruitment exams and better employment opportunities. The growing popularity of CJP on social media has sparked discussions about whether the movement could evolve into a political force in India.

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