AIN NEWS 1 ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में हुई इस घटना में पुलिस ने मृतक महेश की दोनों बहनों सुनीता और सपना तथा बहनोई शेखर को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में पारिवारिक विवाद, संपत्ति के बंटवारे और कथित प्रताड़ना से जुड़े पहलुओं की जांच तेज हो गई है।
इस मामले में सबसे अहम कड़ी महेश के मोबाइल फोन में मिली कथित वॉइस रिकॉर्डिंग को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस ऑडियो में महेश ने अपनी दोनों बहनों और बहनोई पर परिवार की परेशानियों के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया था। हालांकि, रिकॉर्डिंग में कही गई बातों की जांच और अन्य साक्ष्यों से उनका मिलान किया जाना जरूरी है। फिलहाल पांचों लोगों की मौत की सटीक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से मचा हड़कंप
यह घटना शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में सामने आई। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों के रूप में हुई। बच्चों में 11 वर्षीय लड्डू, 7 वर्षीय मिष्टी और 3 वर्षीय साक्षत शामिल हैं।
एक ही घर में पांच लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घर की जांच की गई और आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुबह पड़ोस का एक बच्चा महेश के घर पहुंचा था। घर का दरवाजा नहीं खुलने पर वह दीवार फांदकर अंदर गया, जहां परिवार के सदस्य अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद आसपास के लोगों को सूचना दी गई और पुलिस को बुलाया गया।
मकान के विवाद को लेकर तनाव में था महेश
पुलिस जांच के दौरान परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, जिस मकान में महेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था, उसे लेकर परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव था।
आरोप है कि महेश की बड़ी बहन सुनीता ने अपनी मां से मकान अपने नाम करा लिया था। इस बात को लेकर महेश परेशान रहता था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद बढ़ गया था और महेश तथा उसकी पत्नी को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा था।
हालांकि, मकान का स्वामित्व किस प्रक्रिया से बदला गया, उसमें सभी संबंधित लोगों की क्या भूमिका थी और इस विवाद का पांचों की मौत से क्या संबंध है, इन सवालों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।
महेश के मोबाइल में मिली वॉइस रिकॉर्डिंग बनी अहम कड़ी
पांचों लोगों की मौत के बाद महेश के मोबाइल फोन में मिली कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महेश ने अपनी रिकॉर्डिंग में अपनी दोनों बहनों और बहनोई को परिवार की परेशानियों के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि महेश ने अपनी आर्थिक देनदारियों और पैसों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कई वॉइस नोट रिकॉर्ड किए थे। इन रिकॉर्डिंग में कही गई बातों को पुलिस संपत्ति विवाद और परिवार के बीच तनाव से जोड़कर देख रही है।
हालांकि, किसी रिकॉर्डिंग में लगाए गए आरोप अपने आप में अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं होते। पुलिस को यह भी जांचना होगा कि ऑडियो कब रिकॉर्ड किया गया, उसमें कही गई बातों की पुष्टि किन दस्तावेजों या गवाहों से होती है और घटना के साथ उसका क्या संबंध है।
शिकायत के बाद दोनों बहनें और बहनोई गिरफ्तार
इस मामले में मृतक महेश के साले आकाश की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। शिकायत में महेश की दोनों बहनों सुनीता और सपना तथा बहनोई शेखर पर कथित प्रताड़ना और पारिवारिक विवाद से जुड़े आरोप लगाए गए।
18 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता की ओर से यह आशंका भी जताई गई कि परिवार के खाने में जहरीला पदार्थ मिलाया गया हो सकता है। यह शिकायत में लगाया गया आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी फॉरेंसिक साक्ष्यों से होनी बाकी है।
पुलिस की कार्रवाई से मामले में जांच का दायरा बढ़ा है। अब पुलिस कथित संपत्ति विवाद, परिवार के सदस्यों के बीच संबंधों, महेश की ऑडियो रिकॉर्डिंग और मौत से पहले की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि गिरफ्तारी का अर्थ आरोप सिद्ध होना नहीं है। आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
नूडल्स खाने के बाद मौत की आशंका, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं
घटना के शुरुआती विवरण में बताया गया था कि परिवार ने शुक्रवार रात मेले से लौटने के बाद नूडल्स और चाय का सेवन किया था। अगले दिन सुबह पांचों सदस्य मृत मिले। इस घटनाक्रम के बाद शुरुआत में खाद्य विषाक्तता की आशंका जताई गई थी।
हालांकि, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की शुरुआती जांच से फूड पॉइजनिंग की पुष्टि नहीं हुई। बाद में मामले में जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका और पारिवारिक विवाद जैसे दूसरे पहलुओं की भी जांच शुरू हुई।
मीडिया रिपोर्टों में पोस्टमार्टम के दौरान विषाक्तता से जुड़े संभावित संकेत मिलने की जानकारी दी गई है। लेकिन इन संकेतों के आधार पर किसी खास पदार्थ या मौत के निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती।
पांचों मृतकों के विसरा नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शरीर में कोई जहरीला पदार्थ मौजूद था या नहीं। जांच के परिणामों के बाद ही मौतों की वजह के बारे में अधिक ठोस जानकारी सामने आ सकेगी।
पुलिस किन पहलुओं की कर रही है जांच?
इस मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि पांचों लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि परिवार में चल रहा संपत्ति विवाद कितना पुराना था और क्या उसका घटना से कोई सीधा संबंध था।
महेश के मोबाइल में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता, उसकी रिकॉर्डिंग का समय और उसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस शिकायतकर्ता और परिवार से जुड़े अन्य लोगों के बयान तथा उपलब्ध दस्तावेजों की भी जांच कर सकती है।
इसके अलावा, खाने-पीने की चीजों के नमूनों और विसरा रिपोर्ट से मिलने वाले परिणामों का मिलान घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों से किया जाएगा। इन सभी पहलुओं को एक साथ देखने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
पांच मौतों के पीछे की असली वजह का इंतजार
ग्रेटर नोएडा के नगला श्री पदम गांव की यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत, संपत्ति विवाद के आरोप, मोबाइल में मिली कथित वॉइस रिकॉर्डिंग और तीन लोगों की गिरफ्तारी ने मामले को संवेदनशील बना दिया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि पांचों की मौत किसी खास व्यक्ति की वजह से हुई या किसी विशेष तरीके से हुई। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती हैं।
AIN NEWS 1 की नजर इस मामले की आगे की जांच पर बनी हुई है। विसरा रिपोर्ट, पुलिस की आधिकारिक जानकारी और जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर ही मौत की असली वजह तथा आरोपियों की कथित भूमिका का स्पष्ट पता चल सकेगा।
The Greater Noida five deaths case has taken a significant turn following the arrest of Mahesh’s two sisters, Sunita and Sapna, and his brother-in-law, Shekhar. Police are investigating alleged family harassment, a property dispute in Nagla Shri Padam village, and a voice recording reportedly found on Mahesh’s mobile phone. The deaths of Mahesh, his wife Lalita, and their three children remain under investigation. Forensic analysis of viscera samples is expected to help establish the cause of death. Follow the latest Greater Noida crime news for verified updates on the Rabupura family deaths case.



















