spot_imgspot_img

मुजफ्फरनगर में भ्रष्टाचार पर सख्ती: ₹14,000 की अवैध वसूली मामले में चौकी इंचार्ज और सिपाही निलंबित!

spot_img

Date:

मुजफ्फरनगर में भ्रष्टाचार पर सख्ती: ₹14,000 की अवैध वसूली मामले में चौकी इंचार्ज और सिपाही निलंबित

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। फुगाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सराय पुलिस चौकी पर तैनात चौकी प्रभारी और एक सिपाही द्वारा एक गरीब श्रमिक से अवैध वसूली करने के आरोप सामने आने के बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

यह मामला 11 फरवरी का बताया जा रहा है, जब सराय चौकी में तैनात उपनिरीक्षक रजत चौधरी और हेड कांस्टेबल विनीत यादव ने गांव के रहने वाले एक श्रमिक विनोद प्रजापति को पूछताछ के बहाने चौकी पर बुलाया। विनोद मिट्टी और गत्ते से कुल्हड़ बनाने का काम करता है और अपनी आजीविका इसी से चलाता है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे बेवजह हिरासत में लेकर उस पर ‘बारूद का चूरा’ बनाने जैसे गंभीर आरोप लगा दिए।

झूठे आरोप लगाकर डराने का प्रयास

पीड़ित श्रमिक का कहना है कि चौकी पर लाने के बाद उसे कई घंटों तक बैठाए रखा गया और लगातार जेल भेजने की धमकी दी गई। पुलिसकर्मियों ने उसे यह कहकर डराया कि यदि वह उनकी बात नहीं मानेगा तो उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया जाएगा।

विनोद के अनुसार, चौकी इंचार्ज और सिपाही ने उसे छोड़ने के बदले में 50,000 रुपये की मांग की। एक गरीब मजदूर होने के कारण वह इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ था। उसने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों से राहत देने की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि उसकी एक नहीं सुनी गई।

ग्राम प्रधान की सिफारिश भी नहीं आई काम

मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव के ग्राम प्रधान ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश की। उन्होंने चौकी पहुंचकर पुलिसकर्मियों से श्रमिक को छोड़ने की अपील की, लेकिन इसके बावजूद कोई राहत नहीं मिली। पुलिसकर्मी अपनी मांग पर अड़े रहे और श्रमिक पर दबाव बनाते रहे।

सौदेबाजी के बाद ₹14,000 में तय हुआ मामला

लगातार दबाव और जेल जाने के डर के कारण आखिरकार विनोद प्रजापति को समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ा। आरोप है कि लंबी सौदेबाजी के बाद पुलिसकर्मियों ने 14,000 रुपये में उसे छोड़ने की बात मानी।

बताया जा रहा है कि इस अवैध वसूली की रकम दो किस्तों में ली गई—

पहली किस्त के रूप में मौके पर ही 6,000 रुपये लिए गए।

दूसरी किस्त के रूप में अगले दिन 8,000 रुपये की राशि वसूल की गई।

रकम देने के बाद ही श्रमिक को चौकी से जाने दिया गया।

भाजपा नेता के हस्तक्षेप से खुला मामला

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब नितिन मलिक, जो भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हैं, जनसंपर्क अभियान के दौरान गांव सराय पहुंचे। इस दौरान पीड़ित विनोद प्रजापति ने उनसे मुलाकात कर अपनी पूरी आपबीती सुनाई।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए नितिन मलिक ने तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और एसपी देहात आदित्य बंसल को फोन के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी दी।

जांच के बाद हुई सख्त कार्रवाई

एसपी देहात के समक्ष पीड़ित के बयान दर्ज किए गए और मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी रजत चौधरी और हेड कांस्टेबल विनीत यादव को निलंबित कर दिया।

एसएसपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या आम जनता के उत्पीड़न को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की छवि खराब करने वाले ऐसे कर्मियों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई

पुलिस प्रशासन का कहना है कि जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की गई है। यदि कोई भी पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग कर जनता का शोषण करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पुलिस महकमे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय होने पर उसे न्याय दिलाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।

In a major crackdown on police corruption in Muzaffarnagar, SSP Sanjay Kumar Verma suspended a chowki incharge and a constable accused of illegally extorting ₹14,000 from a poor laborer by threatening him with jail on false charges. The bribery case came to light after BJP leader Nitin Malik intervened and informed SP Rural Aditya Bansal, leading to a preliminary investigation and immediate suspension. The incident highlights Uttar Pradesh Police’s zero tolerance policy against corruption and misuse of authority.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
27 ° C
27 °
26.1 °
100%
5.7m/s
100%
Sun
30 °
Mon
37 °
Tue
41 °
Wed
41 °
Thu
39 °
Video thumbnail
कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय पर कसा तंज : "भाजपा को घंटा फायदा होगा"
00:09
Video thumbnail
बिहार : एलसीटी घाट और दीघा घाट में बाढ़ प्रभावित लोगों को सांसद पप्पू यादव ने बांटे 500-500 रुपए
01:32
Video thumbnail
अमेरिकी हमले से डूबा ईरानी तेल टैंकर, M/T Kylo - अमेरिकी सेना ने जारी किया वीडियो
00:33
Video thumbnail
मुरादाबाद : तेज बारिश में देखते-देखते ढह गया तीन मंजिला मकान
00:19
Video thumbnail
गाजियाबाद : निशु आजाद ने घर पर पथराव का लगाया आरोप | Nishu Azad | CJP | Swatantra Bhardwaj
00:31
Video thumbnail
Population of India Live Board : भारत की आबादी लाइव
00:07
Video thumbnail
गुड़गांव: जलभराव के बीच ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने पानी निकालने के लिए लगाए सारे जुगाड़
00:11
Video thumbnail
ग्रेटर नोएडा वेस्ट: गौर सिटी मॉल के KFC के फ्राइड चिकन में कीड़ा मिलने का दावा, वीडियो वायरल
00:12
Video thumbnail
मुंबई: महिला पत्रकार से पुलिसकर्मी की कथित बदसलूकी “जो उखाड़ना है उखाड़ लो” कहने का वीडियो सामने आया
00:39
Video thumbnail
चित्रकूट आ रहे सीएम योगी, बोले- “हर बाढ़ पीड़ित को आश्वस्त करता हूं, डबल इंजन सरकार उनके साथ है”
01:37

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related