AIN NEWS 1: देश-दुनिया में शुक्रवार को कई अहम घटनाक्रम चर्चा में रहे। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण यमुना किनारे स्थित प्रेरणा स्थल का बड़ा हिस्सा बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया। यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अशोक सिंघल की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा और इसे लेकर राजनीतिक तंज कसा।
वहीं नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात भी चर्चा में रही। पीएम मोदी ने पुतिन को तमिल साहित्य की प्राचीन और प्रसिद्ध कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। दूसरी तरफ हरियाणा के करनाल में पिता-पुत्र की नहर में डूबने की दर्दनाक घटना सामने आई है। दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में घायल छात्र नितिश चिब ने मलबे में बिताए करीब डेढ़ घंटे की खौफनाक कहानी बताई है।
प्रयागराज में बाढ़ के पानी में डूबा प्रेरणा स्थल, अखिलेश यादव का बीजेपी पर तंज
प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। निचले इलाकों के साथ-साथ नदी किनारे मौजूद कई महत्वपूर्ण स्थान भी पानी की चपेट में आए हैं। यमुना किनारे बना प्रेरणा स्थल भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुआ है। यहां अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अशोक सिंघल की प्रतिमाएं स्थापित हैं।
प्रेरणा स्थल के जलमग्न होने की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि नाम बदलने वालों के लिए यह एक और मौका है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अरबों रुपये की लागत से बने प्रेरणा स्थल का नाम बदलकर ‘प्रेरणा जल-स्थल’ कर देना चाहिए।
अखिलेश यादव ने बीजेपी नेताओं से अपने महापुरुषों के प्रति ईमानदार रहने की अपील भी की। उनका बयान ऐसे समय आया है जब प्रयागराज में बाढ़ का पानी कई रिहायशी और सार्वजनिक क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
प्रयागराज के दारागंज समेत कई निचले इलाकों में पानी पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर लोगों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को बाढ़ के पानी से दूर रहने और बच्चों को पानी के आसपास नहीं जाने देने की सलाह दी जा रही है।
BRICS में मोदी-पुतिन की मुलाकात, ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद बना खास उपहार
नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हुई। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल की प्राचीन साहित्यिक कृति ‘तिरुक्कुरल’ के रूसी अनुवाद की प्रति भेंट की।
‘तिरुक्कुरल’ को तमिल साहित्य की महत्वपूर्ण कृतियों में गिना जाता है। इसे कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर से जोड़ा जाता है। ग्रंथ में कुल 1,330 कुरल हैं, जिनमें नैतिकता, जीवन, शासन, प्रेम और मानवीय मूल्यों से जुड़े विचार मिलते हैं। इसकी संरचना मुख्य रूप से सदाचार, अर्थ और प्रेम जैसे विषयों पर आधारित है।
मोदी द्वारा पुतिन को इसका रूसी अनुवाद भेंट करना केवल एक पुस्तक का आदान-प्रदान नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
BRICS के विस्तार और ग्लोबल साउथ की भूमिका को लेकर भी सम्मेलन में चर्चा जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की मेजबानी में आयोजित बैठकों में विकासशील देशों की आवाज, वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख बने हुए हैं।
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करनाल में बेटे को डूबता देख पिता ने नहर में लगाई छलांग, दोनों की मौत
हरियाणा के करनाल में एक बेहद दर्दनाक हादसे में पिता और पुत्र दोनों की नहर में डूबने से मौत हो गई। घटना बस्तली नहर की बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, निसिंग क्षेत्र के गांव बीर बड़ालवा निवासी मानुष अपने पिता सतनाम के साथ खेत में फसल पर स्प्रे करने के लिए गया था। खेत के पास ट्यूबवेल से पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण मानुष नहर से पानी लेने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह नहर के गहरे पानी में जा गिरा।
बेटे को डूबता देखकर पिता सतनाम ने उसकी जान बचाने के लिए तुरंत नहर में छलांग लगा दी। लेकिन नहर का बहाव तेज था। दोनों पानी की तेज धारा में बह गए।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमों ने तलाश अभियान शुरू किया। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया कि दोनों की तलाश लगातार जारी थी। घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
बेटे को बचाने के लिए पिता का इस तरह अपनी जान जोखिम में डालना घटना को और भी भावुक बना देता है। हादसे ने एक बार फिर तेज बहाव वाली नहरों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है।
सत्य निकेतन हादसा: मलबे में करीब डेढ़ घंटे फंसे रहे नितिश चिब
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने की घटना ने राजधानी में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जिनमें पांच छात्र शामिल थे। पांच लोग घायल भी हुए, जबकि राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 12 लोगों को मलबे से निकाला गया।
हादसे में घायल जम्मू के छात्र नितिश चिब भी मलबे में फंस गए थे। नितिश दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज के छात्र हैं। हादसे के बाद उन्होंने बताया कि इमारत गिरने से पहले उन्हें पानी लीकेज जैसी आवाज सुनाई दी थी। इसके कुछ ही देर बाद पूरी बिल्डिंग अचानक ढह गई।
नितिश करीब डेढ़ घंटे तक मलबे के अंदर फंसे रहे। हादसे में उनके सिर, कंधे और पैरों में चोट आई। इलाज के बाद उन्हें AIIMS से छुट्टी दे दी गई और वह जम्मू लौट गए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नितिश को करीब 55 घंटे बाद अस्पताल से छुट्टी मिली थी।
सत्य निकेतन हादसे की जांच में इमारत की उम्र, निर्माण और बेसमेंट में चल रहे काम को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों में बेसमेंट में पानी जमा होने और निर्माण गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।
हादसे के बाद दिल्ली सरकार और MCD की कार्रवाई भी तेज हुई है। भवन मालिक परिवार के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और MCD के अधिकारियों पर भी निलंबन जैसी कार्रवाई हुई है। आसपास की कमजोर इमारतों की जांच और उन्हें सुरक्षित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
BRICS पर विशेषज्ञों की नजर, ग्लोबल साउथ की भूमिका पर चर्चा
BRICS सम्मेलन के दौरान भारत की भूमिका और संगठन के विस्तार को लेकर भी चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS Plus का दायरा बढ़ने से विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक मंच पर अपनी बात रखने का बड़ा अवसर मिल सकता है।
JNU की प्रोफेसर अंशु जोशी ने BRICS Plus को ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। वहीं बीजेपी प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने भारत की नेतृत्व क्षमता और बड़ी संख्या में देशों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
इन बयानों से साफ है कि BRICS केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रह गया है। वैश्विक राजनीति, कूटनीति, व्यापार, विकास और ग्लोबल साउथ की आवाज जैसे मुद्दे भी इसके केंद्र में आते जा रहे हैं।
एक दिन, कई बड़ी घटनाएं
प्रयागराज की बाढ़ से लेकर दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे और करनाल की नहर दुर्घटना तक, इन घटनाओं ने अलग-अलग स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है। एक तरफ प्राकृतिक आपदा के कारण ऐतिहासिक और सार्वजनिक स्थल प्रभावित हुए हैं तो दूसरी तरफ दिल्ली का हादसा शहरी भवनों की सुरक्षा और छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की जरूरत को सामने लाता है।
वहीं नई दिल्ली में मोदी-पुतिन की मुलाकात और ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया जाना भारत की सांस्कृतिक कूटनीति की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करता है।
फिलहाल प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति, दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे की जांच और BRICS सम्मेलन से निकलने वाले कूटनीतिक संदेशों पर देश की नजर बनी हुई है।
India News is witnessing several major developments, including the Prayagraj flood and the submergence of Prerna Sthal, Akhilesh Yadav’s remarks targeting the BJP, PM Narendra Modi’s meeting with Russian President Vladimir Putin during BRICS 2026, and the presentation of the Russian translation of Thirukkural. Meanwhile, the Karnal father-son canal tragedy and the latest updates from the Satya Niketan building collapse in Delhi have raised concerns over public safety and emergency preparedness.



















