राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि
AIN NEWS 1: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शनिवार को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे मिलने की पुष्टि कर दी है। ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों पदाधिकारियों के त्यागपत्र प्राप्त हुए हैं, जिन पर आगामी बैठक में चर्चा की जाएगी।

ट्रस्ट ने अपने बयान में श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया कि भगवान श्रीराम को समर्पित चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट ने कहा कि भक्तों की आस्था सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
ट्रस्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने श्रद्धा और विश्वास से मंदिर को कोई वस्तु या दान दिया है, तो उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ट्रस्ट की है। कथित चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कठोर दंड की मांग की जाएगी।
चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी
राम मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं, जिन पर दान की राशि में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों में कुछ लोग मंदिर के दानपात्रों की निगरानी, नकदी की गिनती और पैसे को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालते थे। आरोप है कि इसी दौरान चढ़ावे की रकम में हेराफेरी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू
आरोप है कि वह दानपात्रों की देखरेख से जुड़ा था और कथित रूप से करोड़ों रुपये की गड़बड़ी में शामिल रहा।
अनुकल्प मिश्रा
उस पर आरोप है कि नकदी गिनती के दौरान चढ़ावे की रकम छिपाने का प्रयास किया गया।
लवकुश मिश्रा
यह काउंटिंग स्टाफ से जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि उसने चढ़ावे की रकम में हेराफेरी कर संपत्ति बनाई।
सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
कैश काउंटिंग टीम की निगरानी की जिम्मेदारी थी। आरोप है कि निगरानी में लापरवाही बरती गई।
करुणेश पांडेय
दान की राशि को गणना कक्ष तक पहुंचाने और प्रक्रिया में शामिल होने का आरोप है।
मनीष यादव
दानपात्रों से आने वाली राशि की गिनती करने वाले कर्मचारियों में शामिल था। पुलिस ने उसके घर से लाखों रुपये बरामद होने की बात कही है।
अविनाश शुक्ला
दान की राशि को संभालने और गणना प्रक्रिया से जुड़ा था। आरोप है कि उसने रकम में हेराफेरी की।
रमाशंकर मिश्रा
दानपात्रों की निगरानी और उन्हें गणना कक्ष तक पहुंचाने की जिम्मेदारी से जुड़ा था।
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धीरेंद्र शास्त्री बोले- आस्था से खिलवाड़ करने वालों को मिलेगा दंड
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी प्रतिक्रिया दी है। इंडोनेशिया के जकार्ता में एक कार्यक्रम के दौरान वह इस मुद्दे पर भावुक नजर आए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और यहां चढ़ाए गए दान से खिलवाड़ करना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि रावण ने माता सीता का हरण किया था, लेकिन आज कुछ लोग अलग-अलग रूप में आस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मामले में जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भावना के साथ किसी भी तरह का विश्वासघात स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जेल में पहली रात बेचैन रहे आरोपी
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों को फैजाबाद जेल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जेल में पहली रात कई आरोपी तनाव में रहे और आपस में मामले को लेकर चर्चा करते रहे।
सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और वित्तीय लेनदेन समेत अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
SIT जांच के बाद हुई कार्रवाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को शासन को सौंपी। इसके बाद 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR दर्ज की गई। FIR में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, शुरुआती FIR में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा या अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं।
अजय राय ने केजरीवाल के VIP दर्शन पर उठाए सवाल
इस मामले के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राम मंदिर में पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिले कथित VIP ट्रीटमेंट को लेकर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए पूछा कि क्या सभी श्रद्धालुओं के लिए एक जैसी व्यवस्था है या कुछ लोगों के लिए अलग नियम लागू होते हैं। उन्होंने सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा।
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में कौन-कौन सदस्य हैं?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य हैं। इनमें अध्यक्ष के रूप में महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष के रूप में स्वामी गोविंद देव गिरी और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हैं।
ट्रस्ट में धार्मिक संतों के अलावा केंद्र और राज्य सरकार के पदेन सदस्य भी शामिल हैं। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र भी ट्रस्ट के पदेन सदस्य हैं।
आगे की जांच पर सभी की नजर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब जांच के महत्वपूर्ण दौर में पहुंच चुका है। ट्रस्ट की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, वहीं पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपों की सच्चाई पता लगाने में जुटी हैं।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है। अब देखना होगा कि जांच में किन-किन लोगों की भूमिका सामने आती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
The Ram Mandir donation theft case has created major controversy in Ayodhya. Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust confirmed the resignation of Champat Rai and Anil Mishra after allegations related to donation misappropriation. Eight accused persons have been arrested following an SIT investigation. The case involves temple donations, security concerns, and questions related to accountability at the Ram Temple Trust. Devotees are closely watching the latest Ayodhya Ram Mandir news and further investigation updates.


















