AIN NEWS 1 लखनऊ, उत्तर प्रदेश। राजधानी लखनऊ में कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल श्रद्धा दुबे का नाम सामने आने के बाद पुलिस जांच का दायरा बढ़ गया है। शिवा की मां ने श्रद्धा और उसके कुछ सहयोगियों पर मारपीट, धमकी देने, ब्लैकमेल करने और हत्या में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।
इस मामले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों की तलाश और श्रद्धा के कथित संपर्कों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आ रहे राजनीतिक और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी शिवा शर्मा की मौत
यह मामला लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में स्थित बालू अड्डा के पास अवध ग्रीन अपार्टमेंट का है। रिपोर्टों के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को 27 वर्षीय कारोबारी शिवा शर्मा की इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। वह रेस्टोरेंट और कैफे कारोबार से जुड़े हुए थे।
शुरुआत में घटना को इमारत से गिरने का मामला माना गया, लेकिन मृतक के परिजनों की शिकायत के बाद परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे। शिवा की मां रंजना शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पिछले कुछ महीनों से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार को आशंका है कि उसके साथ मारपीट करने के बाद उसे इमारत से नीचे गिराया गया।
परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिवा की मौत दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या फिर किसी आपराधिक घटना का परिणाम।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आईं गंभीर चोटें
13 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवा के शरीर पर 11 बाहरी चोटों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा आंतरिक चोटों से जुड़ी कई गंभीर चिकित्सकीय स्थितियां भी दर्ज की गई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, शिवा के दोनों फेफड़ों में क्षति, लिवर और तिल्ली में चोट, शरीर के अंदर काफी रक्तस्राव तथा दाईं ओर की पेल्विक हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया। चिकित्सकों ने चोटों के कारण हुए शॉक और रक्तस्राव को मौत का कारण बताया।
इन निष्कर्षों के बाद पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण हो गया है कि चोटें किस परिस्थिति में लगीं और क्या वे चौथी मंजिल से गिरने की घटना के अनुरूप हैं। जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर रहे हैं।
हालांकि, पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों का मिलना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि शिवा को जानबूझकर नीचे फेंका गया था। इस सवाल का जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा।
श्रद्धा दुबे और उसके सहयोगियों की तलाश तेज
शिवा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे की भूमिका जांच के केंद्र में है। परिवार की शिकायत में उसके साथ कुछ अन्य लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच करते हुए संबंधित लोगों की तलाश कर रही है।
14 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, लखनऊ पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर बताए जा रहे तनवीर अली उर्फ दानिश की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वालों को 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। कुछ रिपोर्टों में दिल्ली और नेपाल सीमा के आसपास उनकी तलाश किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
पुलिस का उद्देश्य आरोपियों का पता लगाना, घटना के समय उनकी मौजूदगी और भूमिका स्पष्ट करना तथा जांच से जुड़े सवालों के जवाब हासिल करना है। आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी से संबंधित सूचनाओं में समय के साथ बदलाव संभव है।
ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के आरोपों की भी जांच
शिवा शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। परिवार की शिकायत में धमकी और कथित ब्लैकमेलिंग का भी जिक्र किया गया है। इन आरोपों के कारण पुलिस संबंधों में तनाव, पैसों के लेन-देन और घटना से पहले हुई बातचीत जैसे पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि शिवा और श्रद्धा के बीच संबंधों को लेकर विवाद था। हालांकि, कथित ब्लैकमेलिंग के सभी विवरणों और प्रत्येक आरोप की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इसलिए इन दावों को जांच में सामने आए तथ्यों से अलग रखकर देखना जरूरी है।
यदि पुलिस को मोबाइल फोन, चैट, कॉल रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल साक्ष्यों से धमकी अथवा जबरन वसूली के संकेत मिलते हैं, तो वे मामले की दिशा स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
गैंगस्टरों और राजनीतिक हस्तियों से कथित संबंधों की चर्चा
इस मामले में श्रद्धा दुबे के कथित हाई-प्रोफाइल संपर्कों को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। कुछ दावों में हिस्ट्रीशीटरों और राजनीतिक व्यक्तियों के साथ उसकी तस्वीरों का जिक्र किया गया है। सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरों को उसके प्रभावशाली लोगों से संबंधों के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
यह भी दावा किया गया है कि श्रद्धा कुछ लोगों पर दबाव बनाने के लिए कथित आपराधिक नेटवर्क का नाम इस्तेमाल करती थी। लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर बताए जाने वाले अभिषेक सिंह उर्फ बाबू के साथ उसकी तस्वीरों और संपर्कों को लेकर भी चर्चा है। इसी तरह, मुख्तार अंसारी गैंग से कथित संपर्क होने की बात भी विभिन्न दावों में सामने आई है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर होना अपने आप में आपराधिक संबंध या किसी गैंग में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। इसी तरह, किसी राजनीतिक व्यक्ति के साथ तस्वीर या सोशल मीडिया पर जुड़ाव से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि संबंधित व्यक्ति को किसी कथित अपराध की जानकारी थी या उसमें उसकी भूमिका थी।
इन दावों की पुलिस की ओर से स्पष्ट पुष्टि और विश्वसनीय दस्तावेजी साक्ष्य सामने आने तक इन्हें आरोप या अपुष्ट जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मुंबई के महंगे होटल में ठहरने का दावा
श्रद्धा के कथित रसूख को लेकर एक अन्य दावा मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित द ओबेरॉय होटल में ठहरने से संबंधित है। कुछ चर्चाओं में कहा गया है कि वह एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़े व्यक्ति के साथ वहां रुकी थी और होटल के महंगे कमरे में ठहरने का खर्च काफी अधिक था।
लेकिन इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई स्पष्ट आधिकारिक रिकॉर्ड या पुलिस का सत्यापित बयान उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है। इसलिए होटल में ठहरने, साथ मौजूद व्यक्ति की पहचान और कथित राजनीतिक संबंधों को स्थापित तथ्य की तरह प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
पुलिस यदि इस पहलू को जांच में शामिल करती है, तो यात्रा रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी दस्तावेज और अन्य प्रमाणों के आधार पर इसकी पुष्टि की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर लोकप्रियता भी जांच के दायरे में
श्रद्धा दुबे सोशल मीडिया पर मॉडलिंग और इन्फ्लुएंसर गतिविधियों के कारण चर्चा में रही हैं। उसके फॉलोअर्स की संख्या और प्रभावशाली लोगों के साथ ऑनलाइन संपर्क को लेकर भी कई दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होना या किसी अधिकारी अथवा नेता द्वारा किसी अकाउंट को फॉलो करना अपने आप में किसी गैरकानूनी गतिविधि का प्रमाण नहीं है। जांच में महत्व इस बात का होगा कि क्या किसी संपर्क, बातचीत या आर्थिक लेन-देन का शिवा की मौत से कोई सीधा संबंध है।
पुलिस को इन पहलुओं की जांच करते समय डिजिटल साक्ष्यों और सत्यापित तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालना होगा।
सीसीटीवी फुटेज से खुल सकते हैं कई सवालों के जवाब
इस पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज की भूमिका अहम मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिवा के इमारत से गिरने से जुड़ा फुटेज सामने आया है। जांच एजेंसियां घटनाक्रम को दोबारा समझने के लिए फुटेज, गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम निष्कर्षों का मिलान कर रही हैं।
जांच के प्रमुख सवाल हैं कि घटना से ठीक पहले फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था, शिवा के साथ क्या हुआ, उसे चोटें कैसे आईं और घटना के बाद संबंधित लोगों ने क्या कदम उठाए। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
पुलिस जांच के नतीजों पर टिकी नजरें
शिवा शर्मा की मौत का मामला अब केवल इमारत से गिरने की घटना तक सीमित नहीं रह गया है। परिवार के गंभीर आरोप, पोस्टमार्टम में दर्ज चोटें, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की तलाश ने जांच को महत्वपूर्ण बना दिया है।
फिलहाल श्रद्धा दुबे और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और किसकी क्या भूमिका रही।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि 9 अक्टूबर की रात अवध ग्रीन अपार्टमेंट में आखिर क्या हुआ था। जांच एजेंसियों के सामने चुनौती है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर शिवा शर्मा की मौत की परिस्थितियों का तथ्यात्मक खुलासा किया जाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
The Shiva Sharma murder case in Lucknow has drawn attention following the death of businessman and café owner Shiva Sharma on October 9, 2026. Model and social media influencer Shraddha Dubey has been named in allegations made by the deceased’s family. The investigation includes postmortem findings, CCTV footage, alleged blackmailing, witness statements and the search for the accused. Police are examining the circumstances surrounding Shiva Sharma’s death to establish the facts and determine responsibility. The latest Lucknow crime news highlights the importance of forensic evidence and a fair legal investigation.



















