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यूपी में ड्रंक एंड ड्राइविंग पर बड़ी सख्ती: नशे में वाहन चलाने वालों की होगी तत्काल गिरफ्तारी, भारी जुर्माने के साथ जेल भी!

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AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद यातायात विभाग और पुलिस प्रशासन ने ड्रंक एंड ड्राइविंग के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नया कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत यदि कोई चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई करते हुए बिना वारंट गिरफ्तारी की जा सकती है। साथ ही भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और जेल भेजने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसों और उनमें शराब के सेवन की भूमिका को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि नशे में वाहन चलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि आम लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा है। इसी वजह से अब ड्रंक एंड ड्राइविंग के मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तैयार हुआ सख्त एक्शन प्लान

प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार समीक्षा कर रहे हैं। हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। कई मामलों में यह सामने आया कि चालक शराब के नशे में वाहन चला रहे थे, जिसके कारण गंभीर दुर्घटनाएं हुईं।

इसी पृष्ठभूमि में यातायात निदेशालय ने 21 मई को प्रदेश के सभी पुलिस उपायुक्त (यातायात) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) के तहत विशेष अभियान चलाकर नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है।

बिना वारंट गिरफ्तारी का प्रावधान

नए अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि नशे में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालक को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकेगा।

इसके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 203(4) का सहारा लिया जाएगा। इस प्रावधान के अनुसार यदि जांच के दौरान चालक शराब के प्रभाव में पाया जाता है, तो पुलिस उसे तत्काल हिरासत में ले सकती है। आवश्यकता पड़ने पर आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भी भेजा जा सकता है।

प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य लोगों में कानून का भय पैदा करना नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

हर सप्ताह चलेगा विशेष चेकिंग अभियान

यातायात निदेशालय ने प्रदेशभर में नियमित विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान विशेष रूप से शनिवार और रविवार की रात आयोजित किया जाएगा क्योंकि इन दिनों शराब सेवन के बाद वाहन चलाने की घटनाएं अधिक सामने आती हैं।

अभियान के दौरान रात 8 बजे से 11 बजे तक प्रमुख बाजारों, व्यस्त चौराहों, होटल-रेस्तरां क्षेत्रों और टोल प्लाजा के आसपास सघन चेकिंग की जाएगी।

पुलिस और यातायात विभाग की संयुक्त टीमें बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच करेंगी। संदिग्ध चालकों का मौके पर ही अल्कोहल टेस्ट किया जाएगा।

छह चरणों में होगी कार्रवाई

यातायात विभाग ने ड्रंक एंड ड्राइविंग के मामलों में कार्रवाई के लिए विस्तृत प्रक्रिया तय की है।

1. बैरिकेडिंग लगाकर जांच

चेकिंग पॉइंट पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को रोका जाएगा। पुलिसकर्मी चालक के व्यवहार, बोलचाल, आंखों की स्थिति और अन्य शारीरिक लक्षणों के आधार पर प्रारंभिक जांच करेंगे।

2. ब्रेथ एनालाइजर से टेस्ट

संदेह होने पर चालक का ब्रेथ एनालाइजर से परीक्षण किया जाएगा। जांच में निर्धारित सीमा से अधिक अल्कोहल पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।

3. टेस्ट से इनकार करने पर ब्लड जांच

यदि चालक ब्रेथ टेस्ट कराने से मना करता है तो पुलिस उसके रक्त की जांच कराने की प्रक्रिया अपनाएगी। कानून के तहत टेस्ट से इनकार करना भी चालक के खिलाफ कार्रवाई का आधार बन सकता है।

4. मौके पर हिरासत

यदि चालक शराब के प्रभाव में पाया जाता है तो उसे तत्काल हिरासत में लिया जाएगा। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

5. वाहन जब्ती

नशे में वाहन चलाने वाले व्यक्ति का वाहन भी जब्त किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चालक दोबारा उसी स्थिति में वाहन न चला सके।

6. सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था

कई मामलों में चालक को स्वयं वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में उसे कैब या अन्य सुरक्षित माध्यम से घर भेजने की व्यवस्था की जा सकती है।

पहली और दूसरी गलती पर कितना जुर्माना?

नए नियमों के तहत आर्थिक दंड भी काफी बढ़ाया गया है।

पहली बार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

दूसरी बार वही अपराध दोहराने पर 15,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

गंभीर मामलों में जुर्माने के साथ न्यायालय द्वारा कारावास की सजा भी दी जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारी जुर्माना लोगों को कानून का पालन करने के लिए प्रेरित करेगा।

परिवहन विभाग का रिकॉर्ड सवालों के घेरे में

ड्रंक एंड ड्राइविंग के मामलों में परिवहन विभाग की कार्रवाई अब तक अपेक्षाकृत कमजोर रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले लगभग 15 महीनों में केवल 13 चालान ही शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में किए गए।

इसके विपरीत मई माह में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने 8, 9 और 10 मई को बड़ी संख्या में चालान किए।

चार दिन के विशेष अभियान में प्रदेशभर में कुल 5,143 लोगों को विभिन्न यातायात उल्लंघनों में पकड़ा गया। इनमें ड्रंक एंड ड्राइविंग के मामले भी शामिल थे।

सड़क हादसों को रोकना सरकार की प्राथमिकता

विशेषज्ञों के अनुसार शराब के प्रभाव में वाहन चलाने से प्रतिक्रिया क्षमता कम हो जाती है। चालक का संतुलन बिगड़ता है, निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

प्रदेश सरकार का मानना है कि यदि ड्रंक एंड ड्राइविंग पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए तो सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

इसी उद्देश्य से पुलिस, यातायात विभाग और परिवहन विभाग को समन्वय बनाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

आम लोगों के लिए क्या संदेश?

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। यदि किसी व्यक्ति ने शराब का सेवन किया है तो उसे स्वयं वाहन चलाने के बजाय कैब, सार्वजनिक परिवहन या किसी अन्य सुरक्षित विकल्प का उपयोग करना चाहिए।

नए अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं बल्कि लोगों की जान बचाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। ऐसे में वाहन चालकों को नियमों का पालन करते हुए जिम्मेदारी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में शुरू होने जा रही यह सख्त कार्रवाई आने वाले समय में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

The Uttar Pradesh government has intensified its crackdown on drunk driving by introducing stricter enforcement measures under the Motor Vehicles Act. Drivers found operating vehicles under the influence of alcohol may face instant arrest, heavy fines, vehicle seizure, and possible imprisonment. The special traffic checking campaign, supported by Uttar Pradesh Traffic Police and state authorities, aims to reduce road accidents, improve road safety, and ensure strict compliance with traffic laws across the state. This new drunk driving enforcement policy is expected to significantly impact traffic safety and accident prevention in Uttar Pradesh.

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