UP LOK SABHA ELECTION 2024:हमने कैसे आंख बंद करके भरोसा किया… आख़िर किस पर क्रोधित हो उठे रामायण के राम, किसने तोड़ दिया अरुण गोविल का भरोसा?

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AIN NEWS 1 UP LOK SABHA ELECTION 2024: जब भी किसी का दोहरा चरित्र दुनियां के सामने आता है तो उससे अधिक स्वयं पर भी उतना ही क्रोध आता है, कि हमने आखिर कैसे आंखें बंद करके ऐसे इंसान पर भरोसा किया। जय श्री राम। बेहद उत्साहित टीवी धारावाहिक रामायण के राम और मेरठ से इस बार के भाजपा प्रतयाशी अरुण गोविल का यह पोस्ट रविवार की सुबह से ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर आया तो यूपी से लेकर दिल्ली तक ही इसे लेकर खलबली मच गई। कुछ ही देर में ही यह पोस्ट काफ़ी ज्यादा वायरल हो गया। इस दौरान अरुण गोविल का इशारा बिल्कुल साफ था। वह किसी एक नेता से बेहद खफा हैं। चुनाव तक तो उन्होने अपना गुस्सा दबाए रखा या उसे सार्वजनिक नहीं होने दिया। लेकीन मतदान खत्म होते ही उनका गुबार फूट पड़ा है।अरुण गोविल का यह पोस्ट के वायरल होने पर संगठन के कई सारे नेताओं और कार्यकर्ताओं में तरह-तरह की इसको लेकर चर्चाएं होने लगी और तरह तरह के इसके मायने भी निकाले जाने लगे। इस दौरान विपक्षी भी कहां पीछे रहने वाले थे। वहां से भी इस मामले मे तरह तरह के आरोप भाजपा पर लगने लगे। अरुण गोविल जब ट्रोल हुए तो 3 घंटे बाद ही इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। तब तक जो भी होना था वह हो ही चुका था। लेकीन अब लोग एक दूसरे से पूछ रहे हैं कि आखिर वो कौन है जिसका दोहरा चरित्र अरुण गोविल के सामने आ गया है। कौन है जिस पर अरुण गोविल ने इस तरह से आंख बंद करके भरोसा किया। इस पोस्ट को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण मे कहा जा रहा है कि अरुण गोविल को चुनाव हराने के लिए उनकी पार्टी के ही नेताओं, कार्यकर्ताओं ने उनके साथ भीतरघात की है। चुनाव प्रचार में साथ न देने और जनसंपर्क से लेकर कार्यक्रमों में भी काफ़ी सक्रिय नहीं रहने वाले नेताओं की लिस्ट भी अब बनने की बातें हो रही हैं।

चुनाव खत्म होते ही हो गए मुंबई रवाना

अरुण गोविल ने यह अपनी पोस्ट मुंबई पहुंचने के बाद ही किया था। चुनाव के खत्म होने के अगले ही दिन वह मुंबई भी रवाना हो गए। इसे लेकर भी लोगों ने उन्हें अब निशाने पर लिया और तरह-तरह के कमेंट सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लोगो द्वारा किए गए। यहां हम आपको बता दें मेरठ में 26 अप्रैल को ही मतदान हुआ था। इसके बाद दूसरे दिन यानी 27 अप्रैल को ही अरुण गोविल पत्नी श्रीलेखा के साथ मे मेरठ छोड़कर वह मुंबई चले गए। 27 अप्रैल को जब पार्टी के नेता, कार्यकर्ता उनसे मिलने के लिए सहरावत हाउस पहुंचे तो वहां अरुण गोविल नहीं थे। जिससे उन्हे पता चला कि वो सुबह ही मुंबई को निकल गए। उन्होने अपनी यह पोस्ट डिलीट कर एक नया पोस्ट लिखा, और जताया अभार सुबह किए गए पोस्ट पर अरुण गोविल काफ़ी ट्रोल हुए तो उसे उन्होने डिलीट कर दिया। इसके बाद एक और पोस्ट किया और भाजपा कार्यकर्ताओं का उन्होने आभार जताया। अरुण गोविल ने इस पोस्ट मे लिखा कि मेरे मेरठ के सम्मानित मतदाता बहनों- भाइयों और कार्यकर्ताओं आपकों नमस्कार। होली के दिन 24 मार्च को भारतीय जनता पार्टी ने मेरे नाम की चुनाव के लिए घोषणा की और उनके निर्देश पर 26 मार्च को मैं आपके बीच पहुच गया था। एक महीना आपके साथ रहकर आपके सहयोग से ही यह चुनाव प्रचार किया। चुनाव संपन्न हुआ।आपके द्वारा दिए प्रेम, सहयोग और सम्मान के लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूँ। अब पार्टी के निर्देश पर मैं मुंबई में हूँ यहाँ की ज़िम्मेदारी को पूरी करने के लिये। पार्टी मुझे चुनाव प्रचार के लिये दूसरे क्षेत्रों में भी भेजने का अपना कार्यक्रम बना रही है इस प्रक्रिया के पूरा होते ही मैं आपके बीच पुनः पहुंच जाऊंगा और मेरठ की जनता और भारतीय जनता पार्टी के सम्मानित कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आदरणी श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अब मेरठ को और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिये प्रयास आरंभ कर दूंगा।

उन्होने लिखा है कि मैं हृदय की गहराइयों से एक बार फिर आपका धन्यवाद करता हूं जो आपने इस चुनाव में मेरा सहयोग और उत्साहवर्धन किया। मीडिया बंधुओं का भी उनके सहयोग के लिये बहुत-बहुत आभार। आपका स्नेही, अरुण गोविल।

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  1. अरुण गोविल जी एक महान कलाकार हैं और उनको अपनी गरिमा बनाए रखनी है।

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