विवेकानंद तिवारी इस्तीफा: रील विवाद से लेकर नए अभियान तक पूरी कहानी
AIN NEWS 1: सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर चर्चा में आए मध्य प्रदेश के ट्रैफिक पुलिसकर्मी विवेकानंद तिवारी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। रील विवाद के बाद निलंबन की कार्रवाई झेलने वाले विवेकानंद तिवारी ने अब पुलिस विभाग से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा है कि अब वह सरकारी सेवा में नहीं रहेंगे और अपना पूरा समय सड़क सुरक्षा तथा यातायात नियमों को लेकर लोगों को जागरूक करने में लगाएंगे।
विवेकानंद तिवारी का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होना नहीं है, बल्कि लोगों के बीच जाकर सड़क हादसों को कम करने के लिए जागरूकता फैलाना है। उन्होंने अपनी नई शुरुआत को समाज सेवा और जनहित से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले समय में वह देशभर में सड़क सुरक्षा अभियान चलाएंगे।

रील बनाने को लेकर आए थे चर्चा में
विवेकानंद तिवारी मध्य प्रदेश पुलिस में ट्रैफिक विभाग से जुड़े हुए थे। वह यातायात नियमों की जानकारी देने और लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाते थे। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद वह बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचे।
हालांकि, कुछ समय बाद उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां विवादों में आ गईं। विभागीय नियमों और ड्यूटी से जुड़े मामलों को लेकर उन पर कार्रवाई की गई। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन और विरोध में कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
निलंबन के बाद लिया इस्तीफे का फैसला
निलंबन के बाद विवेकानंद तिवारी ने पुलिस सेवा छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अब वह सरकारी नौकरी के बजाय समाज के बीच रहकर काम करना चाहते हैं। उनका मानना है कि सड़क सुरक्षा एक ऐसा विषय है, जिस पर लगातार लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में हर साल बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। इनमें से कई हादसे यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं। ऐसे में लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज रफ्तार से बचने और नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।
अब देशभर में चलाएंगे जागरूकता अभियान
विवेकानंद तिवारी ने अपने भविष्य की योजना बताते हुए कहा कि वह अब एक व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू करेंगे। इस अभियान के माध्यम से वह युवाओं, वाहन चालकों और आम लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।
उनका कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सकारात्मक बदलाव के लिए किया जा सकता है। वह अपने अनुभवों के आधार पर लोगों को यातायात नियमों की अहमियत समझाएंगे और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता फैलाएंगे।
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
विवेकानंद तिवारी के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने उनके फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उनका अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस सेवा में रहते हुए भी वह लोगों के लिए बेहतर काम कर सकते थे। हालांकि, विवेकानंद तिवारी ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को आगे बढ़ाना नहीं है, बल्कि समाज के लिए काम करना है।
विभागीय नियमों और सोशल मीडिया के बीच बढ़ती चुनौती
आज के दौर में सोशल मीडिया सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती भी बन गया है। कई विभागों में कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने को लेकर नियम बनाए गए हैं। उद्देश्य यह होता है कि सरकारी पद की गरिमा बनी रहे और किसी भी तरह की गतिविधि विभाग की छवि को प्रभावित न करे।
विवेकानंद तिवारी का मामला भी इसी तरह सोशल मीडिया और सरकारी सेवा के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बना। हालांकि उन्होंने अब अपनी राह बदलते हुए सड़क सुरक्षा अभियान को अपना नया लक्ष्य बनाया है।
सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ेगी सक्रियता
भारत में सड़क दुर्घटनाएं लंबे समय से बड़ी चिंता का विषय रही हैं। सरकार और विभिन्न संगठन लगातार लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस विभाग में काम कर चुके व्यक्ति का अनुभव इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विवेकानंद तिवारी का कहना है कि वह लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करेंगे। उनका लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग यातायात नियमों को समझें और सड़क हादसों में कमी आए।
रील विवाद से शुरू हुआ मामला अब विवेकानंद तिवारी के लिए एक नई दिशा बन गया है। निलंबन और विवादों के बाद उन्होंने पुलिस सेवा से अलग होकर सड़क सुरक्षा जागरूकता को अपना मिशन बनाने का फैसला किया है। हालांकि उनके इस्तीफे की आधिकारिक प्रक्रिया और विभागीय पुष्टि को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है, लेकिन विवेकानंद तिवारी ने अपने भविष्य के अभियान का ऐलान कर दिया है।
अब यह देखना होगा कि उनका यह नया प्रयास सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कितना प्रभावी साबित होता है और वह लोगों को यातायात नियमों के प्रति कितना जागरूक कर पाते हैं।
Vivekanand Tiwari, a Madhya Pradesh traffic police officer, has announced his resignation after a social media reel controversy and suspension. He is now planning to launch a nationwide road safety awareness campaign to educate people about traffic rules, safe driving practices, helmet use, and accident prevention. The story highlights the challenges faced by government employees on social media platforms and focuses on Tiwari’s new mission to promote traffic awareness across India.


















