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गाजियाबाद में बड़ा हादसा: जर्जर मकान का छज्जा गिरा, मामा-भांजे की मौके पर मौत!

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Ghaziabad Tragedy: Uncle and Nephew Die as Dilapidated Building Collapses

गाजियाबाद में जर्जर मकान का छज्जा गिरा, मामा-भांजे की दर्दनाक मौत

AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिले के टीला मोड़ थाना क्षेत्र के तुलसी निकेतन इलाके में सोमवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक पुराने और जर्जर मकान का छज्जा अचानक गिर पड़ा, जिससे नीचे खड़े मामा और भांजे की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय आकाश और 5 वर्षीय लड्डू उर्फ वंश के रूप में हुई है।

हादसा कैसे हुआ?

जानकारी के अनुसार, आकाश अपने भांजे लड्डू के साथ नीचे स्थित एक किराना स्टोर से सामान लेने गया था। तभी अचानक पहली मंजिल से बने टॉयलेट सहित छज्जा भरभराकर गिर पड़ा। दोनों उसके मलबे की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

चीख-पुकार और अफरा-तफरी

हादसे के बाद आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए और मलबे से शवों को निकालने में मदद की। मकान की पहली मंजिल पर रहने वाली शबीना नामक महिला हादसे के वक्त घर में ही मौजूद थीं। जैसे ही हादसा हुआ, मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।

जर्जर इमारत बनी मौत की वजह

स्थानीय लोगों और पूर्व पार्षद विनोद कसाना का कहना है कि यह हादसा जर्जर निर्माण के कारण हुआ है। तुलसी निकेतन क्षेत्र में बने ये ईडब्ल्यूएस (EWS) फ्लैट्स काफी पुराने और खस्ताहाल हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की ओर से इस इमारत को पहले ही गिराने का नोटिस दिया जा चुका था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। लोगों की मजबूरी है कि वे ऐसे खतरनाक मकानों में रह रहे हैं।

प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि GDA और प्रशासन की लापरवाही इस हादसे की सबसे बड़ी वजह है। जब इमारत को खतरनाक घोषित किया गया था, तो समय रहते इसे गिराया क्यों नहीं गया? लोगों की जान बचाई जा सकती थी अगर प्रशासन ने समय पर कार्रवाई की होती।

पुलिस ने शुरू की जांच

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। शालीमार गार्डन के सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, शांति व्यवस्था बनी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

लोगों में डर और नाराजगी

इस हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों में गहरा डर और प्रशासन के प्रति नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि जिन इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है, उन्हें तुरंत गिराया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। इसके साथ ही मृतकों के परिवार को मुआवजा देने की भी मांग की गई है।

गाजियाबाद के तुलसी निकेतन में हुआ यह हादसा प्रशासन की लापरवाही और जर्जर इमारतों में रहने की मजबूरी को उजागर करता है। अब सवाल उठता है कि क्या ऐसी घटनाओं से सबक लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण आगे ठोस कदम उठाएगा या फिर ऐसे हादसे फिर दोहराए जाएंगे?

A tragic building collapse in Ghaziabad’s Tulsi Niketan area claimed the lives of a 25-year-old man and his 5-year-old nephew. The accident occurred when the balcony of an old, GDA-notified unsafe building fell on them while they were at a nearby shop. This incident in Uttar Pradesh highlights the growing threat posed by dilapidated buildings in the region and the urgent need for enforcement of demolition notices.

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