spot_imgspot_img

मथुरा-वृंदावन में ‘चश्मा चोर’ बंदरों से निपटने की नई योजना, राष्ट्रपति के दौरे से पहले प्रशासन अलर्ट!

spot_img

Date:

मथुरा-वृंदावन में ‘चश्मा चोर’ बंदरों से निपटने की नई योजना, राष्ट्रपति के दौरे से पहले प्रशासन अलर्ट

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के पवित्र धार्मिक शहर मथुरा और वृंदावन अपनी आध्यात्मिक पहचान और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के लिए जाने जाते हैं। हर साल देश-विदेश से लाखों लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन इन दिनों यहां एक अलग तरह की समस्या चर्चा में है—‘चश्मा चोर’ बंदर।

ये बंदर अब सिर्फ आम शरारत तक सीमित नहीं रहे, बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गए हैं। खासतौर पर चश्मा पहनने वाले लोगों को ये बंदर निशाना बनाते हैं। वे अचानक हमला करके चश्मा छीन लेते हैं और फिर उसे वापस करने के बदले खाने-पीने की चीजें मांगते हैं।

बंदरों की ‘नई चाल’

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंदरों ने जैसे यह व्यवहार सीख लिया है। वे अक्सर उन लोगों को पहचान लेते हैं जो चश्मा लगाए होते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति मंदिर या गली में अकेला दिखता है, बंदर झपट्टा मारकर उसका चश्मा लेकर भाग जाते हैं।

इसके बाद शुरू होता है ‘सौदेबाजी’ का खेल। बंदर तब तक चश्मा वापस नहीं करते, जब तक उन्हें बिस्कुट, फल या कोई अन्य खाने की चीज नहीं दी जाती। कई बार तो पर्यटकों को मजबूरी में दुकानदारों से सामान खरीदकर बंदरों को देना पड़ता है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

अब यह समस्या इतनी बढ़ गई है कि स्थानीय प्रशासन के लिए भी इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है। स्थिति और संवेदनशील इसलिए हो गई है क्योंकि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 19 मार्च से तीन दिवसीय दौरा प्रस्तावित है।

राष्ट्रपति के इस दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ऐसे में बंदरों की यह हरकतें सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकती हैं।

इसी कारण प्रशासन अब इस समस्या का समाधान खोजने में जुट गया है और इसके लिए एक अनोखी योजना पर काम किया जा रहा है।

कटआउट से डराने की योजना

सूत्रों के अनुसार, प्रशासन बंदरों को भगाने के लिए उनके ही डर का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। इसके तहत ऐसे कटआउट लगाए जाएंगे जो बंदरों को डराने में मदद करें।

बताया जा रहा है कि ये कटआउट ऐसे बंदरों या अन्य जानवरों के होंगे, जिनसे बंदर स्वाभाविक रूप से डरते हैं। इन कटआउट्स को प्रमुख मंदिरों, घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाया जाएगा ताकि बंदर वहां आने से कतराएं।

यह तरीका पहले भी कुछ जगहों पर आजमाया गया है और काफी हद तक सफल भी रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे बंदरों की गतिविधियों में कमी आएगी और श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।

श्रद्धालुओं की परेशानी

मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालु इस समस्या से काफी परेशान हैं। कई लोग बताते हैं कि उन्हें मंदिर में दर्शन से ज्यादा अपने सामान की चिंता रहती है।

एक श्रद्धालु ने बताया, “हम दर्शन करने आए थे, लेकिन बंदरों के डर से हर समय सावधान रहना पड़ता है। मेरा चश्मा छीन लिया गया और उसे वापस पाने के लिए मुझे बंदर को खाने का सामान देना पड़ा।”

स्थानीय दुकानदारों का भी कहना है कि यह समस्या कई सालों से है, लेकिन अब यह ज्यादा बढ़ गई है। कुछ दुकानदार तो खास तौर पर बंदरों को देने के लिए बिस्कुट और फल बेचते हैं।

पहले भी हुए प्रयास

यह पहली बार नहीं है जब प्रशासन इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रहा है। पहले भी बंदरों को पकड़ने, उन्हें जंगलों में छोड़ने और लोगों को जागरूक करने जैसे कदम उठाए गए थे।

हालांकि, बंदरों की संख्या ज्यादा होने और उनके व्यवहार में बदलाव के कारण ये उपाय ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हो पाए।

इस बार कटआउट लगाने की योजना को एक अलग और मनोवैज्ञानिक तरीके के रूप में देखा जा रहा है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर फोकस

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन सिर्फ बंदरों की समस्या ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके की सुरक्षा और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

मंदिरों, सड़कों और घाटों की सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था, पुलिस तैनाती और मेडिकल सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि उनका उद्देश्य है कि राष्ट्रपति का दौरा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, साथ ही आम श्रद्धालुओं को भी किसी तरह की परेशानी न हो।

क्या यह योजना सफल होगी?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बंदरों को डराने के लिए लगाए जाने वाले कटआउट वाकई काम करेंगे?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक अस्थायी समाधान हो सकता है, लेकिन लंबे समय के लिए बंदरों के व्यवहार को समझकर स्थायी उपाय करने की जरूरत है।

फिलहाल, प्रशासन इस योजना को लेकर आशावादी है और उम्मीद कर रहा है कि इससे स्थिति में सुधार आएगा।

Authorities in Mathura and Vrindavan are implementing a unique strategy to control the growing menace of spectacle-snatching monkeys ahead of President Droupadi Murmu’s visit. These monkeys have become notorious for targeting pilgrims and tourists, often grabbing their glasses and demanding food in return. To address this issue, officials are planning to install monkey deterrent cutouts in key areas, aiming to ensure safety, improve crowd management, and enhance the overall experience for visitors in these prominent religious destinations.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
broken clouds
24.8 ° C
24.8 °
24.8 °
73%
4.6m/s
73%
Sun
25 °
Mon
31 °
Tue
36 °
Wed
37 °
Thu
38 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related